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जल स्तर में इजाफा, गंगा-रामगंगा फिर ततेर रहीं आखें
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:00 AM IST
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जल स्तर में इजाफा, गंगा-रामगंगा फिर से हुईं उग्र
बिजपुरी में रामगंगा राजा परौर के बाग में कर रहीं कटान
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/परौर। गंगा और रामगंगा जल स्तर बढने के साथ एक बार फिर से उग्र होती नजर आ रही हैं। परौर इलाके में रामगंगा ने कटान तेज कर दिया है। बिचपुरी में राजा परौर के बाग के पास रामगंगा तेजी से कटान कर रही हैं। बाग करीब 200 मीटर दूर ही बचा है। कटान रोकने के लिए लगाए गए नौ जिओ में एक ही शेष बचा है।
इस साल बारिश ने पिछले 10 साल का रिकार्ड तोड़ा तो नदियों ने भी कहर बरपाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। अब तक काफी जमीन कटान के चलते गंगा-रामगंगा में समा चुकी है। स्थिति अब भी नहीं सुधर रही। बुधवार और बृहस्पतिवार को गंगा में नरौरा से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कुछ दिन से सामान्य की ओर बढ़ रहे हालात फिर से बिगड़ते दिख रहे हैं। इधर, रामगंगा भी फिर से रौद्र रूप की ओर बढ़ रही हैं। परौर के मजरा मोहनपुर, बिचपुरी, मोहल्ला बाजार भी रामगंगा के निशाने पर आ गए हैं। रामगंगा शाबिर खां, लल्लू राठौर, दोदराम, रामभरोसे प्रजापति, हरनाथ सिंह, राधेश्याम की जमीनें रामगंगा में समा चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान रोकने के लिए ठोस प्रबंध नहीं किए जा रहे। इसी तरह कटान होता रहा तो आबादी वाला इलाका भी रामगंगा के निशाने पर आ जाएगा।
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जल स्तर में इजाफा, गंगा-रामगंगा फिर से हुईं उग्र
बिजपुरी में रामगंगा राजा परौर के बाग में कर रहीं कटान
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/परौर। गंगा और रामगंगा जल स्तर बढने के साथ एक बार फिर से उग्र होती नजर आ रही हैं। परौर इलाके में रामगंगा ने कटान तेज कर दिया है। बिचपुरी में राजा परौर के बाग के पास रामगंगा तेजी से कटान कर रही हैं। बाग करीब 200 मीटर दूर ही बचा है। कटान रोकने के लिए लगाए गए नौ जिओ में एक ही शेष बचा है।
इस साल बारिश ने पिछले 10 साल का रिकार्ड तोड़ा तो नदियों ने भी कहर बरपाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। अब तक काफी जमीन कटान के चलते गंगा-रामगंगा में समा चुकी है। स्थिति अब भी नहीं सुधर रही। बुधवार और बृहस्पतिवार को गंगा में नरौरा से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कुछ दिन से सामान्य की ओर बढ़ रहे हालात फिर से बिगड़ते दिख रहे हैं। इधर, रामगंगा भी फिर से रौद्र रूप की ओर बढ़ रही हैं। परौर के मजरा मोहनपुर, बिचपुरी, मोहल्ला बाजार भी रामगंगा के निशाने पर आ गए हैं। रामगंगा शाबिर खां, लल्लू राठौर, दोदराम, रामभरोसे प्रजापति, हरनाथ सिंह, राधेश्याम की जमीनें रामगंगा में समा चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान रोकने के लिए ठोस प्रबंध नहीं किए जा रहे। इसी तरह कटान होता रहा तो आबादी वाला इलाका भी रामगंगा के निशाने पर आ जाएगा।
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