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सैनिकों की समस्याएं भूलकर प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त हुए अफसर

Fri, 06 Apr 2018 07:04 PM IST
Updated Fri, 06 Apr 2018 07:04 PM IST
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सैनिकों की समस्याएं भूलकर प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त हुए अफसर
सैनिकों की समस्याएं भूले अफसर
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प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहे, गांधी भवन में घंटाें इंतजार करते रहे सैनिकों के परिवार
सैनिक कल्याण समिति ने डीएम के नाम ज्ञापन देकर जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
सैन्य परिवाराें की समस्याओं के निस्तारण को डीएम के निर्देश पर गांधी भवन प्रेक्षागृह में शुक्रवार को बुलाई गई समीक्षा बैठक में प्रशासनिक व्यस्तता के चलते कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इस कारण वहां पहुंचे भूतपूर्व सैनिकों और दिवंगत सैनिकाें के आश्रितों को करीब दो घंटे तक इंतजार करने के बाद निराश लौटना पड़ा। बाद में जिला पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने डीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार को ज्ञापन देकर अफसरों द्वारा बैठक की उपेक्षा किए जाने को सैनिक परिवारों के लिए बेहद अपमानजनक बताया है।
गत 17 मार्च को विकास भवन सभागार में जिला सैनिक बंधु समिति की बैठक में भूतपूर्व सैनिकाें और उनके आश्रिताें ने अधिकारियाें को लिखित प्रतिवेदन देकर तमाम समस्याओेेें से अवगत कराया। समस्याओं के निस्तारण की प्रगति जांचने के लिए डीएम के निर्देश पर सीडीओ संजीव सिंह ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल कर्नल देव गिरि को पत्र जारी कर शुक्रवार को दिन में 11.30 बजे गांधी भवन में समीक्षा बैठक तय की। सीडीओ के पत्र के आधार पर सैनिक कल्याण अधिकारी ने संबंधित सैन्य परिवाराें को गांधी भवन आमंत्रित किया। उनके बुलावे पर अल्हागंज, खुटार, मदनापुर, जैतीपुर आदि दूरस्थ विकास खंडाें लगभग एक सौ भूतपूर्व सैनिक और उनके आश्रित गांधी भवन पहुंचे। इनमें द्वितीय विश्व युद्ध में भाग ले चुके 96 वर्षीय भूतपूर्व सैनिक बद्री प्रसाद समेत अन्य तमाम बुजुर्ग सैनिक भी शामिल रहे।
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सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल गिरि ने इन सभी को दोपहर एक बजे तक गांधी भवन में बिठाए रखा, लेकिन वहां कोई अधिकारी पहुंचा ही नहीं। सीडीओ के साथ डीएम अमृत त्रिपाठी सदर तहसील में आयोजित लोक कल्याण मेला में व्यस्त रहे। सैनिक कल्याण अधिकारी के अनुसार मोबाइल पर हुई बातचीत में डीएम ने बैठक के लिए समय दे पाने में असमर्थता व्यक्त करतेे हुए आश्वस्त किया कि एडीएम और अन्य अधिकारी भूतपूर्व सैनिकाें की सुनवाई को मौजूद रहेंगे, लेकिन एडीएम प्रशासन जितेंद्र शर्मा और एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार भी वहां नहीं पहुंचे। इन दोनों अधिकारियाें के अनुसार उन्हें न तो इस बैठक के बारे में कोई सूचना थी और न ही वहां पहुंचने के लिए डीएम स्तर से निर्देश मिले।
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जो भी हो, अफसरों की बेरुखी से आहत होकर सैनिक परिवार बोझिल कदमाें से घरों को लौट गए। इस बीच, जिला पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष सूबेदार मेजर एमएम वर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर अफसराें के नहीं आन पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन का पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के प्रति यह व्यवहार अपमानजनक है और इससे यह भी जाहिर होता है कि सैनिकों से संबंधित समस्याआें का निस्तारण उनकी प्राथमिकता में नहीं आता है।
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