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बारिश होने से किसानों को भारी राहत
Updated Wed, 05 Jul 2017 05:59 PM IST
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बारिश होने से किसानों को भारी राहत
पुवायां (शाहजहांपुर)। मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। बारिश से धान की रोपाई में तेजी आई है तो गन्ने के लिए बारिश संजीवनी की तरह है।
तीन जुलाई तक पुवायां क्षेत्र में नाममात्र की भी बारिश नहीं हुई थी। खेती में मामले में काफी आगे होने के कारण तमाम बड़े किसानों ने बारिश का इंतजार किए बिना ही धान की रोपाई बढ़े पैमाने पर शुरू करा दी थी। 15 जून से हो रही धान की रोपाई से क्षेत्र में लगभग 60 प्रतिशत रोपाई का काम पूरा हो चुका है, लेकिन छोटे किसान बारिश के इंतजार में धान की रोपाई नहीं कर रहे थे। मंगलवार सुबह से ही शुरू हुई बारिश बुधवार को भी जारी रही, हालांकि बारिश बहुत ज्यादा नहीं हुई है लेकिन इससे खेत में लगने वाले पानी पर गहरा प्रभाव पड़ा है। जिस एक बीघा खेत में धान की रोपाई के लिए पानी भरने में पांच से छह घंटे लग रहे थे, वहां अब एक से डेढ़ घंटे में ही मतलब भर का पानी हो जा रहा है।
गन्ने की खेती में भी बारिश से भारी लाभ हुआ है। बारिश से गन्ने की बढ़वार होगी तो सिंचाई का खर्च भी बचेगा। इसके अलावा खरीफ की अन्य फसलें तिल्ली आदि की बुवाई भी तेजी से शुरू हो सकेगी। बारिश से किसान काफी खुश हैं।
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पुवायां (शाहजहांपुर)। मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। बारिश से धान की रोपाई में तेजी आई है तो गन्ने के लिए बारिश संजीवनी की तरह है।
तीन जुलाई तक पुवायां क्षेत्र में नाममात्र की भी बारिश नहीं हुई थी। खेती में मामले में काफी आगे होने के कारण तमाम बड़े किसानों ने बारिश का इंतजार किए बिना ही धान की रोपाई बढ़े पैमाने पर शुरू करा दी थी। 15 जून से हो रही धान की रोपाई से क्षेत्र में लगभग 60 प्रतिशत रोपाई का काम पूरा हो चुका है, लेकिन छोटे किसान बारिश के इंतजार में धान की रोपाई नहीं कर रहे थे। मंगलवार सुबह से ही शुरू हुई बारिश बुधवार को भी जारी रही, हालांकि बारिश बहुत ज्यादा नहीं हुई है लेकिन इससे खेत में लगने वाले पानी पर गहरा प्रभाव पड़ा है। जिस एक बीघा खेत में धान की रोपाई के लिए पानी भरने में पांच से छह घंटे लग रहे थे, वहां अब एक से डेढ़ घंटे में ही मतलब भर का पानी हो जा रहा है।
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गन्ने की खेती में भी बारिश से भारी लाभ हुआ है। बारिश से गन्ने की बढ़वार होगी तो सिंचाई का खर्च भी बचेगा। इसके अलावा खरीफ की अन्य फसलें तिल्ली आदि की बुवाई भी तेजी से शुरू हो सकेगी। बारिश से किसान काफी खुश हैं।
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