{"_id":"5ba1498c867a557ebe1e8d0f","slug":"141537296780-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुखर हुए रेलवे को लोको पायलट, उत्पीडन का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुखर हुए रेलवे को लोको पायलट, उत्पीडन का आरोप
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो-38
मुखर हुए रेलवे के लोको पायलट, उत्पीड़न का आरोप
डिरेलमेंट में रेलवे से एक तरफा कार्रवाई न करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रोजा। डिरेलमेंट के मामलों में लोको पायलट्स के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई के विरोध में लोको पायलट मुखर होने लगे हैं। मंगलवार को रोजा जंक्शन पर ऑल इंडिया लोको पायलट रनिंग स्टाफ की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। मांगों के पूरा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
शाखा अध्यक्ष प्रियदर्शी ने कहा कि लोको पायलट का शोषण और उत्पीड़न हो रहा है। उनको कोटे का अवकाश नहीं मिला। समय से वर्दी नहीं दी जा रही। ट्रेन आने से कई घंटे पहले उनको बुला लिया जाता है। ट्रेन तीन घंटे तक न आने पर भी बैठाए रखा जाता है। अगर कोई ट्रेन डिरेल हो जाती है तो सिर्फ लोको पायलट की गलती मानी जाती है। उसका ब्लड सेंपल जांच को भेजा जाता है। जबकि ट्रेन संचालन में कई अन्य की भूमिका भी अहम होती है। किसी की भी गलती से डिरेलमेंट हो सकता है, लेकिन एकतरफा लोको पायलट को जिम्मेदार माना जाता है। यह गलत है। इस मौके पर रंजीत, विजय कुशवाह, अनुराग, विमलेश आदि लोको पायलट मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुखर हुए रेलवे के लोको पायलट, उत्पीड़न का आरोप
डिरेलमेंट में रेलवे से एक तरफा कार्रवाई न करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रोजा। डिरेलमेंट के मामलों में लोको पायलट्स के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई के विरोध में लोको पायलट मुखर होने लगे हैं। मंगलवार को रोजा जंक्शन पर ऑल इंडिया लोको पायलट रनिंग स्टाफ की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। मांगों के पूरा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
शाखा अध्यक्ष प्रियदर्शी ने कहा कि लोको पायलट का शोषण और उत्पीड़न हो रहा है। उनको कोटे का अवकाश नहीं मिला। समय से वर्दी नहीं दी जा रही। ट्रेन आने से कई घंटे पहले उनको बुला लिया जाता है। ट्रेन तीन घंटे तक न आने पर भी बैठाए रखा जाता है। अगर कोई ट्रेन डिरेल हो जाती है तो सिर्फ लोको पायलट की गलती मानी जाती है। उसका ब्लड सेंपल जांच को भेजा जाता है। जबकि ट्रेन संचालन में कई अन्य की भूमिका भी अहम होती है। किसी की भी गलती से डिरेलमेंट हो सकता है, लेकिन एकतरफा लोको पायलट को जिम्मेदार माना जाता है। यह गलत है। इस मौके पर रंजीत, विजय कुशवाह, अनुराग, विमलेश आदि लोको पायलट मौजूद रहे।
विज्ञापन