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134 केंद्रों पर गेहूं की सरकारी खरीद आज से
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:12 AM IST
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रबी सीजन में मूल्य समर्थन योजना के तहत प्रशासन एक अप्रैल से विभिन्न एजेंसियों के 134 क्रय केंद्रों पर किसानों से गेहूं की सीधी खरीद करेगा। हालांकि, गत वर्ष की तुलना में 45 क्रय केंद्र कम हैं। इसकी भरपाई सहकारिता विभाग के क्रय केंद्रों का निर्धारण होने से हो जाएगी। पिछले साल की तरह इस बार भी शासन के निर्देशानुसार किसानों को गेहूं में 14 प्रतिशत तक नमी की छूट दी जाएगी। गत वर्ष रबी सीजन में मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं की खरीद के लिए रोजा मंडी समेत सभी तहसीलों की मंडियों और गांवों में विभिन्न एजेंसियों के 179 क्रय केंद्र खोले गए थे। यह दीगर है कि बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि में पिछले वर्ष गेहूं की अधिकांश फसल खेतों में ही नष्ट हो गई। इस कारण शासन से निर्धारित खरीद लक्ष्य भी पूरा नहीं हो सका। यही वजह है कि इस वर्ष खरीद सीजन सिर पर आ जाने के बावजूद शासन से जिले को गेहूं का नया खरीद लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। इस वर्ष 2.62 लाख हेक्टेयर में बोई गई गेहूं फसल पर बिगड़े मौसम का खतरा कई बार गहराया लेकिन फसली नुकसान दस फीसदी तक सिमटा रहा। कृषि विभाग का अनुमान है कि प्रति हेक्टेयर 38 से 39 क्विंटल उत्पादकता के आधार पर करीब दस लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होगा। गेहूं की खरीद से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यदि बीते वर्ष की तरह खुले बाजार में गेहूं शासन से घोषित 1525 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक दर पर बिका तो सरकारी खरीद का ग्राफ ज्यादा ऊपर नहीं चढ़ेगा। हर बार की तरह इस बार भी अभी तक तय किए गए क्रय केंद्रों में सर्वाधिक 78 सेंटर पीसीएफ के हिस्से में आए हैं। यूपीएसएस को 23, मार्केटिंग विभाग को 12, यूपी एग्रो को आठ, भारतीय खाद्य निगम को छह और कर्मचारी कल्याण निगम को तीन क्रय केंद्र संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार सहकारिता विभाग के क्रय केंद्र खोले जाने का आदेश शासन से बाद में प्राप्त हुआ, जिस पर अमल कराया जा रहा है।
गेहूं की सरकारी खरीद से बिचौलियों को दूर रखने के लिए कई उपाय किए गए हैं। किसानों से किसान बही और खसरा-खतौनी के आधार पर गेहूं की खरीद की जाएगी। उनसे खरीदे गए गेहूं का भुगतान आरटीजीएस के जरिए उनके बैंक खातों में किया जाएगा।
- पीके श्रीवास्तव, एडीएम एवं प्रभारी अधिकारी गेहूं खरीद
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गेहूं की सरकारी खरीद से बिचौलियों को दूर रखने के लिए कई उपाय किए गए हैं। किसानों से किसान बही और खसरा-खतौनी के आधार पर गेहूं की खरीद की जाएगी। उनसे खरीदे गए गेहूं का भुगतान आरटीजीएस के जरिए उनके बैंक खातों में किया जाएगा।
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- पीके श्रीवास्तव, एडीएम एवं प्रभारी अधिकारी गेहूं खरीद