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श्रद्धाभाव से याद किए गए संत सुखदेव सिंह
Updated Sat, 16 Sep 2017 06:27 PM IST
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पुवायां (शाहजहांपुर)। संत सुखदेव सिंह जी की 34वीं बरसी पुवाया, मकसूदापुर और रामपुर कलां गुरुद्वारे में श्रृद्धाभाव से मनाई गई। इलाकाई संगत ने गुरु ग्रंथ साहब के समक्ष मत्था टेककर पुण्य लाभ अर्जित किया। पुवायां के गुरूद्वारा नानकबाग में गुरचरन सिंह के रागी जत्थे ने गुरवाणी का पाठ किया। टाढ़ी जत्था तरनतारन के लखवीर सिंह मस्त, गुरजीत सिंह, दिलबाग सिंह, राजविंद सिंह, गुरजीत सिंह ब्रिक, दलवीर सिंह, जोगा सिंह आदि ने गुरू महिमा का बखान किया। आयोजन में गुरदयाल सिंह, मलकीत सिंह, राजवीर सिंह, परमजीत सिंह, जसमेल सिंह, परविंदर सिंह, सुखचैन सिंह, भजन सिंह, अमनदीप लवी सहित तमाम संगत का सहयोग रहा। संचालन रौनक सिंह ने किया। मकसूदापुर में रागी जत्थों ने संत सुखदेव सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। अखंड पाठ साहब के भोग पड़ने के उपरांत आई संगत ने प्रसाद ग्रहण कर लंगर छका। आयोजन में मनोहर सिंह, चरन सिंह, जगजीत, सिंह, सुखदेव सिंह, अमर सिंह, निंदर सिंह, गुरचरन सिंह, गुरविंदर सिंह, बूटा सिंह, जगजीत सिंह, कुलदीप सिंह, हरविंदर सिंह, लखविंदर सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा। रामपुर कलां और गंगसरा गुरूद्वारे में संत सुखदेव सिंह की बरसी पर उन्हें श्रृद्धाभाव से याद किया गया। संत महिमा का बखान किया गया और गुरुद्वारे आई संगत ने गुरू जी के दीवान के समक्ष मत्था टेकने के बाद प्रसाद छका। आयोजन में तमाम संगत का सहयोग रहा।
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