फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   दुधारू पशुओं का सर्दी से बुरा हाल, घट रहा दुग्ध उत्पादन

दुधारू पशुओं का सर्दी से बुरा हाल, घट रहा दुग्ध उत्पादन

Wed, 17 Jan 2018 08:52 PM IST
Updated Wed, 17 Jan 2018 08:52 PM IST
विज्ञापन
दुधारू पशुओं का सर्दी से बुरा हाल, घट रहा दुग्ध उत्पादन
दुधारू पशु सर्दी से परेशान, घट रहा दुग्ध उत्पादन
विज्ञापन

पशुओं को ठिठुरन से बचाने को पशुपालक कर रहे जतन
जलते हुए अलावों के इर्द-गिर्द मंडरा रहे हैं आवारा पशु
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
भीषण सर्दी के प्रकोप से पालतू पशुओं का भी बुरा हाल है। सड़कों पर घूमती गायों, भैंसों और सांडों के झुंड अलावों के आसपास मंडराते देखे जा रहे हैं। दुधारू पशुओं को शीत के प्रकोप से बचाने के लिए पशु पालक तरह-तरह के जतन करने में जुटे हैं, क्योंकि उनकी दूध देने की क्षमता घट रही है। उधर, सड़कों पर घूमती गाय, भैंस, सांड़ आदि आवारा पशुओं के झुंड ठिठुरन से बचने के लिए सड़कों पर जहां-तहां जलाए जा रहे अलावों के इर्द-गिर्द मंडरा रहे हैं।
जिले में दुधारू पशु करीब 7.78 लाख हैं। इनमें 288478 गोवंशीय और 490227 महिषवंशीय अर्थात भैंस प्रजाति के पशु हैं। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार मौसम को लेकर महिषवंशीय पशुओं की तुलना में गौवंशीय पशु अधिक संवेदनशील होतेे हैं। इसलिए सर्दी के दुष्प्रभावों का सर्वाधिक सामना गाय-बैलों को करना पड़ रहा है। दुधारू पशुओं से जिले में रोजाना लगभग 68 हजार लीटर दुग्ध उत्पादन होता है। उप दुग्धशाला विकास अधिकारी शंकर लाल के अनुसार जिले की 275 दुग्ध समितियों से आच्छादित 75 गावों से करीब 18000 दूध पराग डेयरी संग्रहीत कर रही है। इसके अतिरिक्त 50000 लीटर दूध खाद्य सुरक्षा विभाग के लाइसेंसी निजी क्षेत्र में सप्लाई कर रहे हैं।
विज्ञापन

दुग्ध उत्पादन के लिहाज से भले ही सर्दी का मौसम अनुकूल माना जाता हो, तापमान सामान्य से कम होने पर पशुओं को भी सर्दी सताने लगती है। पशु चिकित्सक भी मानते हैं कि सर्दी से प्रभावित पशुओं में दूध देने की क्षमता करीब दस फीसदी कम हो गई है। दुग्ध उत्पादन सामान्य बनाए रखने के लिए वेटनरी डॉक्टर सलाह देते हैं कि सर्दी से बीमारी के लक्षण प्रकट होते ही पशुओं का ठंड से बचाव के साथ उनका उपचार करना शुरू कर दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

0000
सर्दी से प्रभावित पशुओं के लक्षण
--------------------------------------
0 नाक से लगातार पानी जैसे तरल का बहाव होना।
0 सामान्य गोबर के बजाय पतले दस्त की शिकायत।
0 पशुओं के पेशाब में पीलापन बढने लगना।
0 भूख नहीं लगने से चारा खाने में कमी होना।
0 जानवर का ज्यादातर समय बाड़ा में बैठे रहना।
000
इस तरह करें कोल्ड वार पीड़ित पशु का उपचार
--------------------------------------
0 पशुओं के बाड़ा की सफाई कर उसे सूखा रखें।
0 गाय-भैंसों के शरीर को जूट के बोरों से ढकें।
0 चारा के साथ दुधारुओं को रोजाना गुड़ खिलाएं।
0 पशु बाड़ा के रोशन दानों को बंद करें।
0 बाड़ा के नजदीक आग जलाकर पशुओं को गर्मी दें।
000
सर्दी के सीजन में आमतौर पर दुग्ध उत्पादन बढ़ जाता है, लेकिन वातावरण में ठिठुरन बढने से जिस तरह सामान्य व्यक्ति की कार्य क्षमता प्रभावित होती है, ठीक उसी तरह दुग्ध उत्पादन में मामूली कमी होना स्वाभाविक है। पशुपालक इस स्थिति में परेशान होने के बजाय दुधारुओं को सर्दी से बचाने के प्रबंध करें तो पशु पहले जितनी मात्रा में दूध देने लगेंगे।
-डॉ. राजेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed