फायरिंग केस में सीएम का 'बहनोई' पकड़ा
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मंगलवार को एटा के गुलाबपुर गांव में सीएम के रिश्तेदार सौरभ यादव व उसके गनर की फायरिंग में घायल हुए सुल्तान सिंह (55) और दिनेश (35) की आगरा में उपाचार के दौरान मौत हो गई। तीन अन्य घायलों में एक की हालत अभी भी गंभीर बनी है।
पुलिस ने बुधवार को आरोपी सौरभ यादव और उसके गनर रवि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दो आरोपी अभी फरार है। कासगंज के एसपी विनय यादव ने गनर रवि को निलंबित कर दिया। बुधवार देर शाम को दोनों के शव गांव में पहुंचे तो कोहराम मच गया।
कड़ी चौकसी के बीच शवों की अंत्येष्टि की गई। तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई। गिरफ्तार सौरभ यादव मुख्यमंत्री अखिलेश के ममेरी बहन का पति है। इस घटना में मृतक पक्ष के ध्रुव कुमार के भी पेट में गोली लगी है, उसका आगरा में तथा राजकुमार समेत एक अन्य घायल का इलाज एटा में चल रहा है। घटना में मारे गए सुल्तान और दिनेश आपस में ताऊ भतीजा थे। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गुस्सा हैं कि सूचना मिलने के एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
क्या है मामला?
जमीन के जिस विवाद में यह घटना हुई, वह 2011 से चला आ रहा है। गांव के बलवंत सिंह के कोई पुत्र नहीं था, दो लड़कियां कमला और कुसुमा हैं। बलवंत ने मरने से पहले अपनी 15 बीघा जमीन भतीजों सुल्तान सिंह, जनक सिंह और यशवीर सिंह के नाम पर कर दी थी। घटना में मारे गए दिनेश के पिता यशवीर सिंह ने बताया कि बीस साल से वह इस जमीन पर खेती करते हैं। 2011 में उसके चाचा की बेटियों ने फर्जी वसीयत बनवाकर नावली एटा के किशनवीर सिंह और दो अन्य के नाम पर बैनामा कर दिया। इसके विरोध में वह कोर्ट चले गए।
2013 में किशनवीर पक्ष ने मुख्यमंत्री के रिश्तेदार सौरभ यादव के हक में जमीन का बैनामा कर दिया। तभी से सौरभ जमीन पर कब्जा लेने के लिए धमका रहा है। उसने फसल काटने से भी रोकने का भी प्रयास किया बनाया लेकिन एएसडीएम कोर्ट ने उनके पक्ष में फसल काटने का आदेश कर दिया। वह फसल काटने लगे तो सौरभ यादव, उसके गनर और अन्य साथियों ने खेत पर जाकर हमला कर दिया।
यशवीर सिंह ने हमने उन्हें एएसडीएम का अनुमति पत्र दिखाया लेकिन उन्होंने उसे फाड़कर फेंक दिया। यशवीर ने प्रधान सौरभ यादव, उसके भाई प्रतीक यादव निवासी कादरपुर मिरहची, गनर रवि व किशनवीर निवासी नावली थाना अवागढ़ के विरुद्ध दर्ज कराई है। यह रिपोर्ट भी ग्रामीणों के जाम लगाने और हंगामे के बाद दर्ज हुई थी। थाना प्रभारी पिलुआ ने बताया कि कारबाइन को सील कर दिया है। गाड़ी के कागज मांगे गए हैं। कोतवाली नगर प्रभारी ने बताया कि आरोपी प्रधान व गनर को जेल भेज दिया है। गनर को 30 गोली दी गई थीं, लेकिन उससे बरामद 25 हुई हैं। पांच गोलियां नहीं मिलने से गनर के भी गोली चलाने की पुष्टि हो रही है।