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Sant Kabir Nagar News: मछली पालन कर आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं
Tue, 13 Aug 2024 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 13 Aug 2024 12:45 AM IST
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- सामान्य व पिछड़ा वर्ग को 40 प्रतिशत, अनुसूचित जाति की महिलाओं को 50 प्रतिशत मिलेगा अनुदान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहली बार मछली पालन में महिलाओं की भागीदारी तय की गई है। एयरेशन सिस्टम के लिए सामान्य व पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को 40 प्रतिशत और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जिसे लेकर विभाग ने तैयारी तेज कर दी है।
आवेदन की प्रकिया शुरू कर दी गई है। महिला मछली पालकों के लिए एयरेशन सिस्टम नाम की नवीन योजना का शुभारंभ मत्स्य विभाग ने किया है। आवेदन मत्स्य विभाग की वेबसाइट पर 19 अगस्त तक किया जा सकता है। योजना में मत्स्य बीज हैचरी संचालित करने वाले हैचरी स्वामी, निजी क्षेत्र एवं पट्टे पर आवंटित ऐसी महिला मत्स्य पालक जिनके तालाब की पट्टा अवधि 5 वर्ष अवशेष हो पात्र होंगे।
0.5 हेक्टयर के तालाब में 2 हार्सपावर के एक पैडल व्हील एरियेटर व एक हेक्टेयर या उससे बड़े तालाब के लिए दो एरियेटर प्रति महिला मत्स्य पालक को मत्स्य उत्पादकता में वृद्धि के लिए अनुदान दिए जाएंगे। प्रभारी मुख्य अधिकारी मत्स्य शशि प्रकाश ने बताया कि एयरेशन सिस्टम से मछली का उत्पादन बढ़ जाता है। यह परिस्थितिकी तंत्र को कई अलग-अलग लाभ देती है। तालाब की मछलियों के आवास को बढ़ाने, पानी की गुणवत्ता सुधार शैवाल को कम करने और फास्फोरस को हटाने के अलावा तालाब के कीटाणु को भी नष्ट करता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहली बार मछली पालन में महिलाओं की भागीदारी तय की गई है। एयरेशन सिस्टम के लिए सामान्य व पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को 40 प्रतिशत और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जिसे लेकर विभाग ने तैयारी तेज कर दी है।
आवेदन की प्रकिया शुरू कर दी गई है। महिला मछली पालकों के लिए एयरेशन सिस्टम नाम की नवीन योजना का शुभारंभ मत्स्य विभाग ने किया है। आवेदन मत्स्य विभाग की वेबसाइट पर 19 अगस्त तक किया जा सकता है। योजना में मत्स्य बीज हैचरी संचालित करने वाले हैचरी स्वामी, निजी क्षेत्र एवं पट्टे पर आवंटित ऐसी महिला मत्स्य पालक जिनके तालाब की पट्टा अवधि 5 वर्ष अवशेष हो पात्र होंगे।
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0.5 हेक्टयर के तालाब में 2 हार्सपावर के एक पैडल व्हील एरियेटर व एक हेक्टेयर या उससे बड़े तालाब के लिए दो एरियेटर प्रति महिला मत्स्य पालक को मत्स्य उत्पादकता में वृद्धि के लिए अनुदान दिए जाएंगे। प्रभारी मुख्य अधिकारी मत्स्य शशि प्रकाश ने बताया कि एयरेशन सिस्टम से मछली का उत्पादन बढ़ जाता है। यह परिस्थितिकी तंत्र को कई अलग-अलग लाभ देती है। तालाब की मछलियों के आवास को बढ़ाने, पानी की गुणवत्ता सुधार शैवाल को कम करने और फास्फोरस को हटाने के अलावा तालाब के कीटाणु को भी नष्ट करता है।
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