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Sant Kabir Nagar News: कहीं भी जाएं, ई-रिक्शा के चुकाने पड़ेंगे न्यूनतम 10 रुपये
Tue, 17 Jun 2025 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 17 Jun 2025 11:28 PM IST
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संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर में चल रहे ई-रिक्शा में सफर के लिए अब लोगों को न्यूनतम 10 रुपये चुकाने पड़ेंगे। नगर पालिका प्रशासन ने इसके लिए किराया निर्धारित कर दिया है।
पहले शहर के मेंहदावल बाईपास से समय माता मंदिर या शुगर मिल तिराहा से बैंक चौराहा तक, किसी भी स्थान पर जाने पर पांच रुपये में ही काम चल जाता था, लेकिन न्यूनतम किराया तय होने से लोगों को जेब ढीली करनी होगी।
शहर में धड़ल्ले से तीन हजार से ज्यादा ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। पहले मानक नहीं होने से ई-रिक्शा चालक मनमानी करते हुए छह से आठ सवारी बिठा लिया करते थे। वहीं थोड़ी दूर जाने वालों से पांच रुपये और बाकी से दूरी के हिसाब से 10 से 20 रुपये तक वसूल करते थे। इस दौरान ई-रिक्शा में पहले दोनों तरफ से बैठने व निकलने की व्यवस्था थी। इससे अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बहुत पहले की एक तरफ से ई-रिक्शा में प्रवेश व निकास बंद करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद ई-रिक्शा चालकों ने दायीं तरफ रस्सी लगा दी, वहीं पीछे चार सवारी का मानक के साथ न्यूनतम किराया भी तय कर दिया।
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ईओ अवधेश भारती का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए यह कदम उठाया गया है।
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पहले शहर के मेंहदावल बाईपास से समय माता मंदिर या शुगर मिल तिराहा से बैंक चौराहा तक, किसी भी स्थान पर जाने पर पांच रुपये में ही काम चल जाता था, लेकिन न्यूनतम किराया तय होने से लोगों को जेब ढीली करनी होगी।
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शहर में धड़ल्ले से तीन हजार से ज्यादा ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। पहले मानक नहीं होने से ई-रिक्शा चालक मनमानी करते हुए छह से आठ सवारी बिठा लिया करते थे। वहीं थोड़ी दूर जाने वालों से पांच रुपये और बाकी से दूरी के हिसाब से 10 से 20 रुपये तक वसूल करते थे। इस दौरान ई-रिक्शा में पहले दोनों तरफ से बैठने व निकलने की व्यवस्था थी। इससे अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बहुत पहले की एक तरफ से ई-रिक्शा में प्रवेश व निकास बंद करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद ई-रिक्शा चालकों ने दायीं तरफ रस्सी लगा दी, वहीं पीछे चार सवारी का मानक के साथ न्यूनतम किराया भी तय कर दिया।
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ईओ अवधेश भारती का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए यह कदम उठाया गया है।