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Sant Kabir Nagar News: पहाड़ों पर बारिश से ढाई मीटर बढ़ा राप्ती का जलस्तर, तटबंधों को खतरा
Sun, 02 Jul 2023 10:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 02 Jul 2023 10:49 PM IST
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मेंहदावल क्षेत्र के करमैनी बेलौलली तटबंध के नौागों गांव के पास कटान करती घाघरा नदी।
मेंहदावल। पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर यहां भी दिखने लगा है। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में नदी का जल स्तर ढाई मीटर बढ़ गया है। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इसके बाद भी तैनात अवर अभियंता 11 बजे तक बंधे पर कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।
19.2 किलोमीटर लंबे करमैनी बेलौली तटबंध पर निगरानी के लिए ड्रेनेज खंड द्वितीय द्वारा चार अवर अभियंता तैनात किए गए। इधर तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। साथ ही नेपाल के पहाड़ियों में भी तेज बारिश हो रही है। इसके कारण राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
बताया जा रहा है कि बंधे पर तैनात किए गए अवर अभियंता अपने तैनाती स्थल पर रहने की जगह जिले से बाहर अपने निजी आवासों पर रहकर नदी के जलस्तर पर नजर रखने की बात कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि 24 घंटे में राप्ती का जलस्तर अचानक ढाई मीटर बढ़ने से कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ रहा है। जहां शनिवार को जलस्तर 74.60 मीटर मापा गया था वहीं रविवार को राप्ती का जलस्तर 77.10 मीटर पर पहुंच गया है। जबकि खतरे का निशान 79.50 मीटर है।
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पहाड़ी क्षेत्रों में खासकर नेपाल में हो रही लगातार बारिश के कारण राप्ती का जलस्तर कभी भी खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। दूसरी तरफ तटबंध पर बने होल तथा रेन कट से खतरा बना हुआ हैं । करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी करमैनी बेलौली तटबंध की हालत खस्ताहाल ही नजर आ रही है। अचानक राप्ती नदी के जलस्तर में उछाल आने से तटबंध से सटे गांव करमैनी, बेलौहा, नौगो, तिवारीपुर, छपिया, पराग, जोरवा बिशुनपुर, बानडुमर, बढ़या ठाठर, इंदरपुर, डुमरिया बाबू, थरौली, खैरा, बेलौली समेत कई ऐसे गांव हैं जो जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी देखकर दहशत में हैं। करीब 12 बजे तटबंध पर तैनात चारों अवर अभियंता आए और तटबंध पर तैनात मेट से जलस्तर की जानकारी लेने के साथ ही आधे घंटे बाद लौट गए।
कोई अवर अभियंता रात्रि विश्राम नहीं कर रहा है, जबकि शासन का निर्देश है कि तटबंध पर तैनात अवर अभियंता रात्रि विश्राम अपनी तैनाती स्थल पर करते हुए सतत बाढ़ की निगरानी करें। उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। तटबंध की सुरक्षा भगवान भरोसे है। क्षेत्रीय निवासी राजेंद्र निषाद, जयप्रकाश यादव, ओम प्रकाश यादव, उमेश यादव, प्रमोद यादव आदि लोगों का कहना है कि राप्ती का जलस्तर लगातार उछाल पर है। कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ने से तटबंध पर दबाव बढ़ गया है।
कोट
राप्ती के जलस्तर में ढाई मीटर से अधिक की बढ़ोतरी मापी गई। कई स्थानों पर जल स्तर तटबंध से सटकर बह रही है, लेकिन खतरे की कोई बात नहीं है। यहां तैनात अवर अभियंताओं को अपनी तैनाती स्थल पर रहकर जल स्तर की लगातार निगरानी किए जाने का निर्देश दिया गया है।
-राम उजागिर लाल, सहायक अभियंता
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19.2 किलोमीटर लंबे करमैनी बेलौली तटबंध पर निगरानी के लिए ड्रेनेज खंड द्वितीय द्वारा चार अवर अभियंता तैनात किए गए। इधर तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। साथ ही नेपाल के पहाड़ियों में भी तेज बारिश हो रही है। इसके कारण राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
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बताया जा रहा है कि बंधे पर तैनात किए गए अवर अभियंता अपने तैनाती स्थल पर रहने की जगह जिले से बाहर अपने निजी आवासों पर रहकर नदी के जलस्तर पर नजर रखने की बात कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि 24 घंटे में राप्ती का जलस्तर अचानक ढाई मीटर बढ़ने से कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ रहा है। जहां शनिवार को जलस्तर 74.60 मीटर मापा गया था वहीं रविवार को राप्ती का जलस्तर 77.10 मीटर पर पहुंच गया है। जबकि खतरे का निशान 79.50 मीटर है।
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पहाड़ी क्षेत्रों में खासकर नेपाल में हो रही लगातार बारिश के कारण राप्ती का जलस्तर कभी भी खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। दूसरी तरफ तटबंध पर बने होल तथा रेन कट से खतरा बना हुआ हैं । करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी करमैनी बेलौली तटबंध की हालत खस्ताहाल ही नजर आ रही है। अचानक राप्ती नदी के जलस्तर में उछाल आने से तटबंध से सटे गांव करमैनी, बेलौहा, नौगो, तिवारीपुर, छपिया, पराग, जोरवा बिशुनपुर, बानडुमर, बढ़या ठाठर, इंदरपुर, डुमरिया बाबू, थरौली, खैरा, बेलौली समेत कई ऐसे गांव हैं जो जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी देखकर दहशत में हैं। करीब 12 बजे तटबंध पर तैनात चारों अवर अभियंता आए और तटबंध पर तैनात मेट से जलस्तर की जानकारी लेने के साथ ही आधे घंटे बाद लौट गए।
कोई अवर अभियंता रात्रि विश्राम नहीं कर रहा है, जबकि शासन का निर्देश है कि तटबंध पर तैनात अवर अभियंता रात्रि विश्राम अपनी तैनाती स्थल पर करते हुए सतत बाढ़ की निगरानी करें। उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। तटबंध की सुरक्षा भगवान भरोसे है। क्षेत्रीय निवासी राजेंद्र निषाद, जयप्रकाश यादव, ओम प्रकाश यादव, उमेश यादव, प्रमोद यादव आदि लोगों का कहना है कि राप्ती का जलस्तर लगातार उछाल पर है। कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ने से तटबंध पर दबाव बढ़ गया है।
कोट
राप्ती के जलस्तर में ढाई मीटर से अधिक की बढ़ोतरी मापी गई। कई स्थानों पर जल स्तर तटबंध से सटकर बह रही है, लेकिन खतरे की कोई बात नहीं है। यहां तैनात अवर अभियंताओं को अपनी तैनाती स्थल पर रहकर जल स्तर की लगातार निगरानी किए जाने का निर्देश दिया गया है।
-राम उजागिर लाल, सहायक अभियंता