{"_id":"16e470b2abe973f6a8632c635e7471be","slug":"voters-in-finding-the-disturbing-symbol-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव चिह्न तलाशने में वोटर हुए परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव चिह्न तलाशने में वोटर हुए परेशान
अमर उजाला ब्यूरो संतकबीरनगर
Updated Sun, 18 Oct 2015 12:24 AM IST
विज्ञापन
पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में शनिवार को तो वोट पड़ गए, इसके साथ ही प्रत्याशी व समर्थक चुनावी जोड़-घटाव में जुट गए हैं, लेकिन जिला पंचायत सदस्य पद के लिए इस चरण में दो वार्डों के प्रत्याशियों व समर्थकों को मतदान समाप्त होने के बाद भी गुणा गणित समझ में नहीं आ रहा है।
ऐसे में उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही है। वजह है यहां प्रत्याशियों की भरमार। मतदान के दौरान प्रत्याशियों व समर्थकों ने वोटरों को चुनाव चिंह समझाने के लिए पूरा जोर लगा दिया, लेकिन चुनाव में बाद मिले फीड बैक में निरक्षर, बुजुर्ग महिला सहित तमाम वोटर ऐसे थे, जिन्होंने वोट देने में कहीं न कहीं गड़बड़ी कर दी। वोटिंग के बाद मतदान केंद्र से बाहर निकले पर परिजन भी यह समझ ही नहीं पा रहे थे कि वोट कहां गया। ऐसे में समीकरण बनाने वाले भी गुणा-गणित को लेकर संशय में दिख रहे हैं।
तीसरे चरण में वार्ड संख्या 19 में कुल 37 प्रत्याशी चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहे है, जबकि वार्ड संख्या 20 में कुल 34 प्रत्याशी मैंदान में हैं। इन दोनों वार्डों में प्रत्याशियों की अधिक संख्या होने के कारण शुरू से ही प्रत्याशी व समर्थक मतदाताओं को चुनाव चिह्न समझाने में पूरा जोर लगा दिया।
विज्ञापन
मतदान के दौरान भी प्रत्याशी व समर्थक जहां पहुंच रहे थे, वहां चुनाव चिह्न समझाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लेकिन मतदान के बाद बूथों से मिले फीड बैक ने प्रत्याशियों व समर्थकों की उलझने बढ़ा दी है।
प्रत्याशियों की भरमार होने के कारण दोनों ही वार्डों में तमाम अनपढ़, बुजुर्ग वोटरों ने चुनाव चिह्न समझाने में गलती कर दी। इन दोनों वार्डों में वोट देकर बाहर निकलते समय तमाम निरक्षर वोटर यह कहते दिखे कि वोट तो दे देहली। जब मतपत्र का नमूना दिखाकर पूछा गया तो पता चला कि वह गलत जगह मोहर लगा आए हैं।
कई मतदाता तो मतदान के बाद भ्रमित थे। मतदान के बाद इन दोनों वार्डों के प्रत्याशी व समर्थक भी इसको लेकर उलझन में रहे। सभी यही कहते रहे कि ज्यादा प्रत्याशी होने के कारण वोट ज्यादा अवैध होगा। चिंता इस बात की रही कि कहीं इस प्रकार ज्यादा वोट इधर-उधर न चला गया हो। अब चुनाव में परिणाम क्या रहेगा यह तो मतगणना के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इन दोनों वार्डों के प्रत्याशियों व समर्थकों की चिंता जरूर बढ़ गई है।
विज्ञापन
ऐसे में उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही है। वजह है यहां प्रत्याशियों की भरमार। मतदान के दौरान प्रत्याशियों व समर्थकों ने वोटरों को चुनाव चिंह समझाने के लिए पूरा जोर लगा दिया, लेकिन चुनाव में बाद मिले फीड बैक में निरक्षर, बुजुर्ग महिला सहित तमाम वोटर ऐसे थे, जिन्होंने वोट देने में कहीं न कहीं गड़बड़ी कर दी। वोटिंग के बाद मतदान केंद्र से बाहर निकले पर परिजन भी यह समझ ही नहीं पा रहे थे कि वोट कहां गया। ऐसे में समीकरण बनाने वाले भी गुणा-गणित को लेकर संशय में दिख रहे हैं।
विज्ञापन
तीसरे चरण में वार्ड संख्या 19 में कुल 37 प्रत्याशी चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहे है, जबकि वार्ड संख्या 20 में कुल 34 प्रत्याशी मैंदान में हैं। इन दोनों वार्डों में प्रत्याशियों की अधिक संख्या होने के कारण शुरू से ही प्रत्याशी व समर्थक मतदाताओं को चुनाव चिह्न समझाने में पूरा जोर लगा दिया।
विज्ञापन
मतदान के दौरान भी प्रत्याशी व समर्थक जहां पहुंच रहे थे, वहां चुनाव चिह्न समझाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लेकिन मतदान के बाद बूथों से मिले फीड बैक ने प्रत्याशियों व समर्थकों की उलझने बढ़ा दी है।
प्रत्याशियों की भरमार होने के कारण दोनों ही वार्डों में तमाम अनपढ़, बुजुर्ग वोटरों ने चुनाव चिह्न समझाने में गलती कर दी। इन दोनों वार्डों में वोट देकर बाहर निकलते समय तमाम निरक्षर वोटर यह कहते दिखे कि वोट तो दे देहली। जब मतपत्र का नमूना दिखाकर पूछा गया तो पता चला कि वह गलत जगह मोहर लगा आए हैं।
कई मतदाता तो मतदान के बाद भ्रमित थे। मतदान के बाद इन दोनों वार्डों के प्रत्याशी व समर्थक भी इसको लेकर उलझन में रहे। सभी यही कहते रहे कि ज्यादा प्रत्याशी होने के कारण वोट ज्यादा अवैध होगा। चिंता इस बात की रही कि कहीं इस प्रकार ज्यादा वोट इधर-उधर न चला गया हो। अब चुनाव में परिणाम क्या रहेगा यह तो मतगणना के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इन दोनों वार्डों के प्रत्याशियों व समर्थकों की चिंता जरूर बढ़ गई है।