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Sant Kabir Nagar News: बारिश के बाद चपेट में ले रहा वायरल बुखार, दोगुनी हुई तादाद
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संतकबीरनगर। मानसूनी बारिश से लोग अब बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल समेत सीएचसी और पीएचसी पर वायरल बुखार से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक बारिश के दौरान अनदेखी सेहत पर भारी पड़ती है, क्योंकि बैक्टिरिया और वायरस के पनपने के लिए यह अनुकूल माहौल होता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1300 की ओपीडी होती है। इसमें से करीब 250 से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एपी मिश्र का कहना है कि बारिश के दौरान अनदेखी सेहत पर भारी पड़ती हैं। क्योंकि बैक्टिरिया और वायरस के पनपने के लिए यह अनुकूल माहौल होता है। बुखार, पेट में इंफेक्शन, उल्टी, फंगस, आंखों में लालिमा सहित त्वचा संबंधी रोग बढ़ जाते है। उन्होंने बताया कि त्वचा रोगियों का इलाज लंबा चलता है। इसलिए बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस समय वायरल बुखार के मरीज भी बढ़े है। अगर इसका सही समय पर इलाज नहीं हुआ तो इसमें फिर समय लगता है और मरीज को कमजोरी भी आ जाती है। ऐसे में जरा सी भी दिक्कत आने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा शुरू कर देनी चाहिए।
सीएमएस डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों का हर संभव इलाज किया जा रहा है। जांच के साथ ही दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1300 की ओपीडी होती है। इसमें से करीब 250 से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एपी मिश्र का कहना है कि बारिश के दौरान अनदेखी सेहत पर भारी पड़ती हैं। क्योंकि बैक्टिरिया और वायरस के पनपने के लिए यह अनुकूल माहौल होता है। बुखार, पेट में इंफेक्शन, उल्टी, फंगस, आंखों में लालिमा सहित त्वचा संबंधी रोग बढ़ जाते है। उन्होंने बताया कि त्वचा रोगियों का इलाज लंबा चलता है। इसलिए बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस समय वायरल बुखार के मरीज भी बढ़े है। अगर इसका सही समय पर इलाज नहीं हुआ तो इसमें फिर समय लगता है और मरीज को कमजोरी भी आ जाती है। ऐसे में जरा सी भी दिक्कत आने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा शुरू कर देनी चाहिए।
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सीएमएस डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों का हर संभव इलाज किया जा रहा है। जांच के साथ ही दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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