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Sant Kabir Nagar News: मौसम की तरह बदल रहे सब्जियों के भाव
Thu, 29 Jun 2023 10:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 29 Jun 2023 10:44 PM IST
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सब्जी की दुकान लगाकर ग्राहकों के आने का इंतजार करते दुकानदार
संतकबीरनगर। आमतौर पर बारिश के समय सब्जियों के दाम हर साल बढ़ते हैं। लेकिन, इन दिनों जिले में बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। खलीलाबाद, धनघटा, बंडा बाजार, हैसर बाजार, उमरिया बाजार, शनिचरा बाजार, लोहरैया, खाजो, दुलहा पार, पौली, पारा हरगोविंद, मुखलिसपुर, नाथनगर, काली जगदीशपुर, हरिहरपुर, महुली आदि बाजारों में जो टमाटर 10 दिन से पहले 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा था।
उसी का भाव बृहस्पतिवार को एकाएक 120 से 130 प्रति किलो पहुंच गया। 40 किलो बिकने ने वाली भिंडी का दाम 50 से 55 रुपये प्रति किलो हो गया है। 20 रुपये किलो बिकने वाला घेवड़ा 40 पर पहुंच गया। इसी तरह लौकी, कद्दू, करेला, तरोई आदि हरी सब्जियां आसमान छूने लगी। धनघटा में प्रतिदिन आजमगढ़, वाराणसी, गोरखपुर आदि जिलों के व्यापारी सुबह पहुंच कर थोक मूल्य पर सब्जियों की बिक्री करते हैं। यहां से ले जाकर छोटे दुकानदार विभिन्न बाजारों में सब्जियां बेचा करते हैं।
बृहस्पतिवार को सब्जी मंडी में आए व्यापारी रामकेवल, रामप्रसाद, सभाजीत, रणजीत, जगदीश, रामसुमेर आदि ने बताया कि गर्मी का असर सब्जियों पर पड़ा है। किसानों के खेत में हरी सब्जी के पौधे सूख गए। जिसके कारण लोकल किसानों के खेत में हरी सब्जियां बची ही नहीं है। बाहर से आने वाली सब्जियों का दाम इतना अधिक है कि उसे खरीदने से लोग कतराने लगे। जिसका असर सब्जियों की बिक्री पर पड़ा है। जो दुकानदार दो से तीन हजार की दुकानदारी रोजाना किया करता था वह अब एक हजार की सब्जी नहीं बेच पा रहे हैं।
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कोट
महंगाई ने पहले से ही घर का बजट बिगाड़ रखा है। अब सब्जियां भी महंगी हो गई है। हर माह आय निश्चित है लेकिन खर्च बढ़ता जा रहा है। जो सब्जी पहले 100 रुपये में आती थी वह अब 200 में आ रही है। सरकार को इस पर नियंत्रण लगाना चाहिए।
- साधना पांडेय, गृहणी
मध्यम वर्ग महंगाई से पहले ही परेशान है। एक बार जिस सामान का दाम बढ़ जाता है वह शायद ही कभी नीचे आया हो। टमाटर आज 120 रुपये किलो बिक रहा है। अब घर में ही सब्जियां उगानी पड़ेगी तभी बजट सही हो पाएगा।
- रागिनी, गृहणी
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सब्जियां पहले वर्तमान
भिंडी 50 60
अदरक 240 300
हरी मिर्च 80 120
परवल 60 80
प्याज 20 20
टमाटर 60 120
शिमला मिर्च 60 100
नेनुआ 40 60
कद्दू 30 30
सरपुतिया 40 80
बंदगोभी 30 30
कटहल 40 40
लौकी 30 40
अरवी 80 60
खीरा 50 80
नींबू 50 50
आलू 20 20
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नोट सब्जी के रेट किलो में है
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उसी का भाव बृहस्पतिवार को एकाएक 120 से 130 प्रति किलो पहुंच गया। 40 किलो बिकने ने वाली भिंडी का दाम 50 से 55 रुपये प्रति किलो हो गया है। 20 रुपये किलो बिकने वाला घेवड़ा 40 पर पहुंच गया। इसी तरह लौकी, कद्दू, करेला, तरोई आदि हरी सब्जियां आसमान छूने लगी। धनघटा में प्रतिदिन आजमगढ़, वाराणसी, गोरखपुर आदि जिलों के व्यापारी सुबह पहुंच कर थोक मूल्य पर सब्जियों की बिक्री करते हैं। यहां से ले जाकर छोटे दुकानदार विभिन्न बाजारों में सब्जियां बेचा करते हैं।
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बृहस्पतिवार को सब्जी मंडी में आए व्यापारी रामकेवल, रामप्रसाद, सभाजीत, रणजीत, जगदीश, रामसुमेर आदि ने बताया कि गर्मी का असर सब्जियों पर पड़ा है। किसानों के खेत में हरी सब्जी के पौधे सूख गए। जिसके कारण लोकल किसानों के खेत में हरी सब्जियां बची ही नहीं है। बाहर से आने वाली सब्जियों का दाम इतना अधिक है कि उसे खरीदने से लोग कतराने लगे। जिसका असर सब्जियों की बिक्री पर पड़ा है। जो दुकानदार दो से तीन हजार की दुकानदारी रोजाना किया करता था वह अब एक हजार की सब्जी नहीं बेच पा रहे हैं।
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कोट
महंगाई ने पहले से ही घर का बजट बिगाड़ रखा है। अब सब्जियां भी महंगी हो गई है। हर माह आय निश्चित है लेकिन खर्च बढ़ता जा रहा है। जो सब्जी पहले 100 रुपये में आती थी वह अब 200 में आ रही है। सरकार को इस पर नियंत्रण लगाना चाहिए।
- साधना पांडेय, गृहणी
मध्यम वर्ग महंगाई से पहले ही परेशान है। एक बार जिस सामान का दाम बढ़ जाता है वह शायद ही कभी नीचे आया हो। टमाटर आज 120 रुपये किलो बिक रहा है। अब घर में ही सब्जियां उगानी पड़ेगी तभी बजट सही हो पाएगा।
- रागिनी, गृहणी
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सब्जियां पहले वर्तमान
भिंडी 50 60
अदरक 240 300
हरी मिर्च 80 120
परवल 60 80
प्याज 20 20
टमाटर 60 120
शिमला मिर्च 60 100
नेनुआ 40 60
कद्दू 30 30
सरपुतिया 40 80
बंदगोभी 30 30
कटहल 40 40
लौकी 30 40
अरवी 80 60
खीरा 50 80
नींबू 50 50
आलू 20 20
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नोट सब्जी के रेट किलो में है