37 मिनट तक रुकी रही सुपर फास्ट एक्सप्रेस: चुरेब-मुंडेरवा के बीच रेल पटरी चटकी, गुजरती वैशाली तो जातीं जानें
अधिक ठंड और अधिक गर्मी होने पर पटरी चटकने की घटना होती है। सोमवार सुबह करीब 9:24 बजे चुरेब और मुंडेरवा स्टेशनों के बीच भैंसा गांव के पास पोल संख्या 552/4-2 के बीच पटरी चटकने की सूचना मिली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चुरेब और मुंडेरवा स्टेशनों के बीच भैंसा गांव के पास सोमवार सुबह रेल पटरी चटक गई। समय से जानकारी मिल जाने की वजह से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। उसी दौरान डाउन वैशाली सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रैक से गुजरने वाली थी, लेकिन उसे आउटर पर रोक लिया गया। तत्काल ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू हुआ और करीब 37 मिनट के विलंब से वैशाली सुपर फास्ट एक्सप्रेस को को रवाना कर दिया गया।
रेल कर्मियों के मुताबिक, अधिक ठंड और अधिक गर्मी होने पर पटरी चटकने की घटना होती है। सोमवार सुबह करीब 9:24 बजे चुरेब और मुंडेरवा स्टेशनों के बीच भैंसा गांव के पास पोल संख्या 552/4-2 के बीच पटरी चटकने की सूचना मिली।
इसे भी पढ़ें: गंडक परियोजना की ग्राउंड रिपोर्ट: झाड़ की आड़ में बहा डाले कई करोड़, फिर भी ग्रामीण गांव छोड़ने को मजबूर
खलीलाबाद जीआरपी के चौकी इंचार्ज आरएल यादव, हेड कांस्टेबल राजेश प्रताप यादव, कांस्टेबल रणधीर कुमार तत्काल मौके पर पहुंचे और रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग को सूचित किया। थोड़ी देर में पीडब्ल्यूआई और इंजीनियरिंग विभाग की टीम पहुंची और ट्रैक को दुरुस्त किया। इस दौरान डाउन वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस को करीब 37 मिनट तक आउटर पर रोके रखा गया।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर के इस क्रांतिकारी से कांपते थे अंग्रेजी अफसर, पीछा छुड़ाने के लिए सात बार दी थी फांसी
पूर्वोत्तर रेलवे सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ऑन ड्यूटी कीमैन संजय पासवान ने रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान क्रैक ट्रैक को देखते ही सुरक्षा मानकों को अपनाते हुए लाल झंडी लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद आवश्यक सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करते ट्रैक की मरम्मत की गई। इसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। इस दौरान वैशाली एक्सप्रेस को 37 मिनट रोके रखा गया।