{"_id":"61ec43808df7930300348389","slug":"today-is-birthday-to-subhaschandra-khalilabad-news-gkp4246074139","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’, करता है रोमांचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’, करता है रोमांचित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’, करता है रोमांचित
नेता जी की जयंती से गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन की लोगों ने की सराहना
अमर उजाला ब्यूरो
हरिहरपुर/संतकबीरनगर। आजादी की लड़ाई के दौरान जिनके नाम और नारों को सुनकर अंग्रेजी हुकूमत की नींद हराम हो जाती थी। उनके नारों की गूंज आजादी के दीवानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं थी। देश के उस महानायक को लोग आज भी उसी शिद्दत से याद करते हैं। आज भी देश का युवा हो या बुजुर्ग नेता जी सुभाष चंद्र बोस का नाम सुनकर रोमांचित हो उठता है। नेता जी की जयंती से ही गणतंत्र दिवस मनाने की परंपरा का लोगों ने स्वागत करते हुए कहा कि वास्तव में इस आयोजन से नेता जी की स्मृतियां लोगों को प्रेरणा देंगी।
हरिहरपुर निवासी आईएमएस लॉ कालेज नोएडा के छात्र सतीश त्रिपाठी ने कहा कि नेता जी के उद्घोष ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुझे आजादी दूंगा’, ने देश ही नहीं विदेशों में रह रहे भारतीय लोगों के जेहन में देश प्रेम और आजादी की ज्योति जलाई। नेता जी आज भी लोगों की स्मृतियों में रचे-बसे हैं। देश के हर नागरिक को नेता जी पर गर्व है। नेता जी की जयंती से ही गणतंत्र दिवस मनाने की परंपरा बेहद शानदार और स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
महुली गांव निवासी नवीन चंद्र मिश्र ने सुभाष चंद्र बोस को देश के युवाओं का आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई के समय देश के लोगों को नेता जी ने एक सूत्र में पिरोया और ब्रिटिश हुकूमत को हिंदुस्तान छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। आज भी लोग देश के युग पुरुष को नमन करते हैं। जिन्होंने आजादी की अलख जगाई। नेता जी की जयंती से ही गणतंत्र दिवस का समारोह युवाओं के लिए प्रेरणादायक होगा।
विज्ञापन
हटवा गांव के रहने वाले आलोक मौर्या ने नेता जी के शौर्य और संघर्ष को अद्वितीय बताया। उन्होंने कहा कि नेता जी के आजाद हिंद फौज से फिरंगी सरकार में दहशत पैदा हो गया था। उन्होंने जापान और जर्मनी जैसे देशों को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ एकजुट कर उन पर हमला बोल दिया था। उनके नारों से डरी अंग्रेज सरकार के पास देश छोड़कर भागने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा था। आज भी लोग नेता जी के पराक्रम की कहानियां सुनकर गर्व महसूस करते हैं।
तामेश्वरनाथ निवासी छात्र शत्तिदत्त भारती ने बताया कि सुभाष चंद्र बोस ने अपने आंदोलन से अंग्रेजी हुकूमत को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। उनके नारे ब्रिटिश हुकूमत के लिए सिरदर्द हो गए थे। आजाद हिंद सैनिकों के हमले की धार इतनी तेज थी कि अंग्रेजों को देश छोड़ने को बाध्य होना पड़ा था। नेता जी की जयंती से ही गणतंत्र दिवस मनाया जाना, उन सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
विज्ञापन
नेता जी की जयंती से गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन की लोगों ने की सराहना
अमर उजाला ब्यूरो
हरिहरपुर/संतकबीरनगर। आजादी की लड़ाई के दौरान जिनके नाम और नारों को सुनकर अंग्रेजी हुकूमत की नींद हराम हो जाती थी। उनके नारों की गूंज आजादी के दीवानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं थी। देश के उस महानायक को लोग आज भी उसी शिद्दत से याद करते हैं। आज भी देश का युवा हो या बुजुर्ग नेता जी सुभाष चंद्र बोस का नाम सुनकर रोमांचित हो उठता है। नेता जी की जयंती से ही गणतंत्र दिवस मनाने की परंपरा का लोगों ने स्वागत करते हुए कहा कि वास्तव में इस आयोजन से नेता जी की स्मृतियां लोगों को प्रेरणा देंगी।
हरिहरपुर निवासी आईएमएस लॉ कालेज नोएडा के छात्र सतीश त्रिपाठी ने कहा कि नेता जी के उद्घोष ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुझे आजादी दूंगा’, ने देश ही नहीं विदेशों में रह रहे भारतीय लोगों के जेहन में देश प्रेम और आजादी की ज्योति जलाई। नेता जी आज भी लोगों की स्मृतियों में रचे-बसे हैं। देश के हर नागरिक को नेता जी पर गर्व है। नेता जी की जयंती से ही गणतंत्र दिवस मनाने की परंपरा बेहद शानदार और स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विज्ञापन
महुली गांव निवासी नवीन चंद्र मिश्र ने सुभाष चंद्र बोस को देश के युवाओं का आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई के समय देश के लोगों को नेता जी ने एक सूत्र में पिरोया और ब्रिटिश हुकूमत को हिंदुस्तान छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। आज भी लोग देश के युग पुरुष को नमन करते हैं। जिन्होंने आजादी की अलख जगाई। नेता जी की जयंती से ही गणतंत्र दिवस का समारोह युवाओं के लिए प्रेरणादायक होगा।
विज्ञापन
हटवा गांव के रहने वाले आलोक मौर्या ने नेता जी के शौर्य और संघर्ष को अद्वितीय बताया। उन्होंने कहा कि नेता जी के आजाद हिंद फौज से फिरंगी सरकार में दहशत पैदा हो गया था। उन्होंने जापान और जर्मनी जैसे देशों को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ एकजुट कर उन पर हमला बोल दिया था। उनके नारों से डरी अंग्रेज सरकार के पास देश छोड़कर भागने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा था। आज भी लोग नेता जी के पराक्रम की कहानियां सुनकर गर्व महसूस करते हैं।
तामेश्वरनाथ निवासी छात्र शत्तिदत्त भारती ने बताया कि सुभाष चंद्र बोस ने अपने आंदोलन से अंग्रेजी हुकूमत को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। उनके नारे ब्रिटिश हुकूमत के लिए सिरदर्द हो गए थे। आजाद हिंद सैनिकों के हमले की धार इतनी तेज थी कि अंग्रेजों को देश छोड़ने को बाध्य होना पड़ा था। नेता जी की जयंती से ही गणतंत्र दिवस मनाया जाना, उन सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।