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Sant Kabir Nagar News: पांच घंटे कोतवाली के घेराव के बाद दर्ज हुए थे तीन केस, पुलिस ने लगा दी फाइनल रिपोर्ट
Fri, 29 Sep 2023 01:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 29 Sep 2023 01:51 AM IST
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संतकबीरनगर। कई दिनों तक चर्चा में रहने वाले अधिवक्ताओं और विधायक प्रकरण का आखिरकार पटाक्षेप हो गया। 11 सितंबर को कलक्ट्रेट गेट पर हंगामा और 19 सितंबर को पांच घंटे तक कोतवाली के घेराव के बाद दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराए गए तीनों केस में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। दोनों पक्षों की सहमति के बाद अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में भेजने के साथ ही गतिरोध दूर हो गया।
11 सितंबर को हापुड़ की घटना को लेकर आंदोलित अधिवक्ता कलक्ट्रेट के अंदर जा रहे थे। उसी दौरान डीएम से मिलकर धनघटा विधायक गणेश चंद चौहान गाड़ी से निकले। अधिवक्ता अपनी बात कहने के लिए विधायक की गाड़ी को रोक लिया था। विधायक के गनर से अधिवक्ताओं की नोकझोंक हुई थी। उसी के बाद कुछ लोग सोशल मीडिया पर अधिवक्ताओं के लिए अभद्र टिप्पणी कर दी। 14 सितंबर को अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल एएसपी से मिलकर तहरीर देकर अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चार दिन बाद फिर अधिवक्ताओं ने एसपी को प्रार्थना दिया था। 19 सितंबर को अधिवक्ताओं ने कोतवाली में उग्र प्रदर्शन करते हुए कामकाज ठप करा दिया था।
अधिवक्ताओं की ओर से दी गई एक तहरीर पर राजकुमार चौरसिया, विजय कुमार चौरसिया, ठाकुर विजय सिंह निवासी मनकूपुर खलीलाबाद, त्रिशूलधारी जी प्रबंधक सिरसी धनघटा, प्रदीप पाल सूर्यवंशी और राम आसरे पता अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया। जबकि दूसरी तहरीर पर संजय बहादुर सिंह राठौर और मनोज कुमार पता अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। दोनों एफआईआर की प्रति अधिवक्ताओं को दी तब जाकर अधिवक्ता हटे थे। जबकि, भाजपा के नगर मंत्री सुदर्शन चौहान की तरफ से भी पुलिस ने पांच नामजद और कई अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ भी केस दर्ज किया था। यह प्रकरण गहराता जा रहा था।
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तीन दिन पूर्व सदर विधायक अंकुर राज तिवारी और धनघटा विधायक गणेश चंद्र चौहान दीवानी न्यायालय पहुंच कर अधिवक्ताओं से वार्ता किए। दोनों पक्षों में केस वापसी की सहमति बनी। बाद में डीएम-एसपी के समक्ष भी आपसी सहमति की बात पहुंचाई गई। कोतवाल रविंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति के बाद दर्ज केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दिया गया।
इंसेट
सदर विधायक अंकुर राज तिवारी के साथ विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान कचहरी परिसर में आए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से अधिवक्ताओं पर केस दर्ज कराने के लिए खेद जताया। उसी क्रम में दोनों पक्षों में सहमति बनी और दोनों पक्षों की ओर से जो केस दर्ज कराए गए थे, उसको वापस लिया गया। उसी आधार पर पुलिस ने तीनों केस में फाइनल रिपोर्ट लगाई। बुधवार को ही कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट का संज्ञान लिया गया और बृहस्पतिवार की तिथि लगाते हुए वादी मुकदमा सुदर्शन चौहान को नोटिस जारी किया। वादी मुकदमा सुदर्शन चौहान ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। उसके आधार पर न्यायालय ने अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। मामले का पटाक्षेप हो गया। हापुड़ की घटना को लेकर धरना प्रदर्शन 29 सितंबर तक चलता रहेगा। -महीप बहादुर पाल, अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन
इंसेट
भाजपा कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं पर केस दर्ज होने का उन्हें खेद है। इस घटनाक्रम में जो कुछ भी हुआ है, उसका केंद्र विंदु गलतफहमी रहा। कार्यकर्ता और अधिवक्ता अपने परिवारीजन हैं। दोनों का सम्मान बनाए रखना प्राथमिकता है। आपसी सहमति से प्रकरण का निस्तारण कराया गया। - गणेशचंद्र चौहान, भाजपा विधायक धनघटा
इंसेट
अधिवक्ताओं की तरफ से जो दो तहरीर दी गई थी, उसके आधार पर केस दर्ज कराया गया था। भाजपा के नगर मंत्री ने जो भी तहरीर दी, उस पर भी केस दर्ज किया गया गया था। दोनों पक्षों के बीच केस वापसी की सहमति बनी। उसी के आधार पर बुधवार को तीनों केस में अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में भेज दी गई। -सत्यजीत गुप्ता,एसपी
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11 सितंबर को हापुड़ की घटना को लेकर आंदोलित अधिवक्ता कलक्ट्रेट के अंदर जा रहे थे। उसी दौरान डीएम से मिलकर धनघटा विधायक गणेश चंद चौहान गाड़ी से निकले। अधिवक्ता अपनी बात कहने के लिए विधायक की गाड़ी को रोक लिया था। विधायक के गनर से अधिवक्ताओं की नोकझोंक हुई थी। उसी के बाद कुछ लोग सोशल मीडिया पर अधिवक्ताओं के लिए अभद्र टिप्पणी कर दी। 14 सितंबर को अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल एएसपी से मिलकर तहरीर देकर अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चार दिन बाद फिर अधिवक्ताओं ने एसपी को प्रार्थना दिया था। 19 सितंबर को अधिवक्ताओं ने कोतवाली में उग्र प्रदर्शन करते हुए कामकाज ठप करा दिया था।
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अधिवक्ताओं की ओर से दी गई एक तहरीर पर राजकुमार चौरसिया, विजय कुमार चौरसिया, ठाकुर विजय सिंह निवासी मनकूपुर खलीलाबाद, त्रिशूलधारी जी प्रबंधक सिरसी धनघटा, प्रदीप पाल सूर्यवंशी और राम आसरे पता अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया। जबकि दूसरी तहरीर पर संजय बहादुर सिंह राठौर और मनोज कुमार पता अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। दोनों एफआईआर की प्रति अधिवक्ताओं को दी तब जाकर अधिवक्ता हटे थे। जबकि, भाजपा के नगर मंत्री सुदर्शन चौहान की तरफ से भी पुलिस ने पांच नामजद और कई अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ भी केस दर्ज किया था। यह प्रकरण गहराता जा रहा था।
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तीन दिन पूर्व सदर विधायक अंकुर राज तिवारी और धनघटा विधायक गणेश चंद्र चौहान दीवानी न्यायालय पहुंच कर अधिवक्ताओं से वार्ता किए। दोनों पक्षों में केस वापसी की सहमति बनी। बाद में डीएम-एसपी के समक्ष भी आपसी सहमति की बात पहुंचाई गई। कोतवाल रविंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति के बाद दर्ज केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दिया गया।
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सदर विधायक अंकुर राज तिवारी के साथ विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान कचहरी परिसर में आए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से अधिवक्ताओं पर केस दर्ज कराने के लिए खेद जताया। उसी क्रम में दोनों पक्षों में सहमति बनी और दोनों पक्षों की ओर से जो केस दर्ज कराए गए थे, उसको वापस लिया गया। उसी आधार पर पुलिस ने तीनों केस में फाइनल रिपोर्ट लगाई। बुधवार को ही कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट का संज्ञान लिया गया और बृहस्पतिवार की तिथि लगाते हुए वादी मुकदमा सुदर्शन चौहान को नोटिस जारी किया। वादी मुकदमा सुदर्शन चौहान ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। उसके आधार पर न्यायालय ने अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। मामले का पटाक्षेप हो गया। हापुड़ की घटना को लेकर धरना प्रदर्शन 29 सितंबर तक चलता रहेगा। -महीप बहादुर पाल, अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन
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भाजपा कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं पर केस दर्ज होने का उन्हें खेद है। इस घटनाक्रम में जो कुछ भी हुआ है, उसका केंद्र विंदु गलतफहमी रहा। कार्यकर्ता और अधिवक्ता अपने परिवारीजन हैं। दोनों का सम्मान बनाए रखना प्राथमिकता है। आपसी सहमति से प्रकरण का निस्तारण कराया गया। - गणेशचंद्र चौहान, भाजपा विधायक धनघटा
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अधिवक्ताओं की तरफ से जो दो तहरीर दी गई थी, उसके आधार पर केस दर्ज कराया गया था। भाजपा के नगर मंत्री ने जो भी तहरीर दी, उस पर भी केस दर्ज किया गया गया था। दोनों पक्षों के बीच केस वापसी की सहमति बनी। उसी के आधार पर बुधवार को तीनों केस में अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में भेज दी गई। -सत्यजीत गुप्ता,एसपी