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Sant Kabir Nagar News: धनघटा में पटाखा बेचने को नहीं है स्थायी लाइसेंस
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धनघटा। तहसील क्षेत्र धनघटा में पटाखा रखने या बेचने का कोई भी स्थायी लाइसेंसी नहीं है लेकिन चोरी-छिपे अधिकतर दुकानों पर पटाखा बेचा जा रहा। यहां के दुकानदार त्योहार आने पर पटाखा बेचने के लिए अस्थायी लाइसेंस बनवाते हैं।
धनघटा तहसील क्षेत्र में स्थित धनघटा, हैंसर बाजार, उमरिया बाजार, शनिचरा बाजार, मुखलिसपुर, पौली, दूलहापार, रोसया बाजार, गोविंदगंज, नाथनगर, हरिहरपुर, महुली आदि कस्बों और बाजारों में पटाखे की बिक्री 12 महीने होती है। शादियों में इन्हीं दुकानों से पटाखा खरीद कर लोग खुशी का इजहार करते हैं लेकिन यहां के किसी दुकानदार के पास स्थायी रूप से पटाखा रखने या बेचने का लाइसेंस नहीं है।
दुकानों में रखी गई विस्फोटक सामग्री से कभी भी खतरा हो सकता है लेकिन जिम्मेदार दुकानों की जांच-पड़ताल नहीं करते हैं। इस संबंध में एसडीएम वीरेंद्र गुप्त ने बताया कि तहसील क्षेत्र में पटाखा बेचने या रखने का स्थायी लाइसेंस किसी को भी नहीं दिया गया है। त्योहार आने पर लोग अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं तो जांच-पड़ताल के बाद लाइसेंस जारी किया जाता है।
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धनघटा तहसील क्षेत्र में स्थित धनघटा, हैंसर बाजार, उमरिया बाजार, शनिचरा बाजार, मुखलिसपुर, पौली, दूलहापार, रोसया बाजार, गोविंदगंज, नाथनगर, हरिहरपुर, महुली आदि कस्बों और बाजारों में पटाखे की बिक्री 12 महीने होती है। शादियों में इन्हीं दुकानों से पटाखा खरीद कर लोग खुशी का इजहार करते हैं लेकिन यहां के किसी दुकानदार के पास स्थायी रूप से पटाखा रखने या बेचने का लाइसेंस नहीं है।
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दुकानों में रखी गई विस्फोटक सामग्री से कभी भी खतरा हो सकता है लेकिन जिम्मेदार दुकानों की जांच-पड़ताल नहीं करते हैं। इस संबंध में एसडीएम वीरेंद्र गुप्त ने बताया कि तहसील क्षेत्र में पटाखा बेचने या रखने का स्थायी लाइसेंस किसी को भी नहीं दिया गया है। त्योहार आने पर लोग अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं तो जांच-पड़ताल के बाद लाइसेंस जारी किया जाता है।
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