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Sant Kabir Nagar News: जर्जर पोल लगाने का काम अधूरा, सीमेंट के पाेल का विरोध
Sun, 07 Jul 2024 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 07 Jul 2024 12:24 AM IST
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- शहरवासियों ने की लोहे के पाेल लगाए जाने की मांग
- सीमेंटेड पोल से खूबसूरती होगी प्रभावित
- सीमा विस्तारित क्षेत्र को शहरी बिजली का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर में बिजली निगम ने जर्जर तार और पोल बदलने के लिए काम शुरू कराया है, लेकिन यह काम अधूरा रह गया है। क्योंकि बारिश शुरू हो गई है, जिसके चलते काम में बाधा उत्पन्न हो गई है। निगम की ओर से शहर में सीमेंटेड पोल लगाया जा रहा है, जिसका शहरवासी अब विरोध करने लगे हैं। उनका कहना है कि सीमेंटेड पोल से शहर की खूबसूरती प्रभावित होगी। लोगों ने लोहे के पाेल लगाए जाने की मांग की है।
शहर में जर्जर तार और पोल के चलते बिजली आपूर्ति व्यवस्था में लगातार बाधा खड़ी हो रही थी, इसे देखते हुए निगम ने जर्जर तारों और पोल को बदलने का कार्य शुरू कराया है। इसके तहत शहर के बनियाबारी, गोरखल सहित अन्य स्थानों पर कार्य कराया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी जर्जर तार व पोल बदलने के लिए काम होना है। इस बीच कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण कार्य में बाधा खड़ी हो गई है।
दूसरी तरफ सीमा विस्तारित क्षेत्र को शहरी बिजली देने के लिए भी कार्य होना है, लेकिन यह कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिससे लोगों को अब भी ग्रामीण क्षेत्र की ही बिजली मिल पा रही है। ऐसे में शहर के कसैला, सरैया, मैलानी, बड़गो, सरौली, उसका, गौसपुर आदि क्षेत्र के लोग बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं।
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वहीं शहर के व्यापारियों व अन्य लोगाें ने लगाए जा रहे सीमेंटेड पोल का विरोध शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि सीमेंटेड पोल से शहर की खूबसूरती प्रभावित होगी। यदि लोहे के पोल लगे तो बेहतर होता। दिलीप अग्रहरि, विनोद यादव, राज कुमार, संजय आदि ने कहा कि सीमेंटेड पोल की रंगाई-पुताई नहीं हो पाती है। शहर को सेफ सिटी के तहत विकसित किया जा रहा है, ऐसे में सीमेंटेड पोल न लगाए जाएं। लोहे का पोल आकर्षण होता है और उसकी रंगाई भी जाती है।
लोहे के पोल के सड़ने की रहती है संभावना
भले ही लोग सीमेंटेड पोल की जगह लोहे के पोल लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इससे कई दिक्कतें भी हैं। लोहे के पोल अक्सर नीचे से सड़ जाते हैं। साथ ही करंट उतरने की भी संभावना रहती है। जिसकी वजह से लोहे के स्थान पर सीमेंटेड पोल लगाने का कार्य हो रहा है।
बोले व्यापारी
शहर में बिजली के पोल व जर्जर तार बदले जा रहे हैं, लेकिन सीमेंटेड पोल लगाने से खूबसूरती प्रभावित होगी। लोहे के पोल की रंगाई कर इसे खूबसूरत बनाया जा सकता है। ऐसे में लोहे के पोल ही लगने चाहिए।
अजय कुमार वर्मा, व्यापारी
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शहर में जर्जर तार व पोल बदलने का कार्य अब भी पूरा नहीं हो सका है। साथ ही सीमेंटेड पोल लगाया जाना भी उचित नहीं हैं। इस पर विचार किया जाना चाहिए।
- महेश जायसवाल, व्यापारी
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बोले जिम्मेदार
शहर में बिजली के तार व पोल बदलने का कार्य हो रहा है। यह केंद्रीय योजना के तहत है। इसमें सीमेंटेड पोल लगाने का प्रावधान है। ऐसे में सीमेंटेड पोल लगाए जा रहे हैं।
- केएन शुक्ला, प्रभारी एक्सईएन, खलीलाबाद
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- सीमेंटेड पोल से खूबसूरती होगी प्रभावित
- सीमा विस्तारित क्षेत्र को शहरी बिजली का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर में बिजली निगम ने जर्जर तार और पोल बदलने के लिए काम शुरू कराया है, लेकिन यह काम अधूरा रह गया है। क्योंकि बारिश शुरू हो गई है, जिसके चलते काम में बाधा उत्पन्न हो गई है। निगम की ओर से शहर में सीमेंटेड पोल लगाया जा रहा है, जिसका शहरवासी अब विरोध करने लगे हैं। उनका कहना है कि सीमेंटेड पोल से शहर की खूबसूरती प्रभावित होगी। लोगों ने लोहे के पाेल लगाए जाने की मांग की है।
शहर में जर्जर तार और पोल के चलते बिजली आपूर्ति व्यवस्था में लगातार बाधा खड़ी हो रही थी, इसे देखते हुए निगम ने जर्जर तारों और पोल को बदलने का कार्य शुरू कराया है। इसके तहत शहर के बनियाबारी, गोरखल सहित अन्य स्थानों पर कार्य कराया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी जर्जर तार व पोल बदलने के लिए काम होना है। इस बीच कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण कार्य में बाधा खड़ी हो गई है।
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दूसरी तरफ सीमा विस्तारित क्षेत्र को शहरी बिजली देने के लिए भी कार्य होना है, लेकिन यह कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिससे लोगों को अब भी ग्रामीण क्षेत्र की ही बिजली मिल पा रही है। ऐसे में शहर के कसैला, सरैया, मैलानी, बड़गो, सरौली, उसका, गौसपुर आदि क्षेत्र के लोग बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं।
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वहीं शहर के व्यापारियों व अन्य लोगाें ने लगाए जा रहे सीमेंटेड पोल का विरोध शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि सीमेंटेड पोल से शहर की खूबसूरती प्रभावित होगी। यदि लोहे के पोल लगे तो बेहतर होता। दिलीप अग्रहरि, विनोद यादव, राज कुमार, संजय आदि ने कहा कि सीमेंटेड पोल की रंगाई-पुताई नहीं हो पाती है। शहर को सेफ सिटी के तहत विकसित किया जा रहा है, ऐसे में सीमेंटेड पोल न लगाए जाएं। लोहे का पोल आकर्षण होता है और उसकी रंगाई भी जाती है।
लोहे के पोल के सड़ने की रहती है संभावना
भले ही लोग सीमेंटेड पोल की जगह लोहे के पोल लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इससे कई दिक्कतें भी हैं। लोहे के पोल अक्सर नीचे से सड़ जाते हैं। साथ ही करंट उतरने की भी संभावना रहती है। जिसकी वजह से लोहे के स्थान पर सीमेंटेड पोल लगाने का कार्य हो रहा है।
बोले व्यापारी
शहर में बिजली के पोल व जर्जर तार बदले जा रहे हैं, लेकिन सीमेंटेड पोल लगाने से खूबसूरती प्रभावित होगी। लोहे के पोल की रंगाई कर इसे खूबसूरत बनाया जा सकता है। ऐसे में लोहे के पोल ही लगने चाहिए।
अजय कुमार वर्मा, व्यापारी
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शहर में जर्जर तार व पोल बदलने का कार्य अब भी पूरा नहीं हो सका है। साथ ही सीमेंटेड पोल लगाया जाना भी उचित नहीं हैं। इस पर विचार किया जाना चाहिए।
- महेश जायसवाल, व्यापारी
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बोले जिम्मेदार
शहर में बिजली के तार व पोल बदलने का कार्य हो रहा है। यह केंद्रीय योजना के तहत है। इसमें सीमेंटेड पोल लगाने का प्रावधान है। ऐसे में सीमेंटेड पोल लगाए जा रहे हैं।
- केएन शुक्ला, प्रभारी एक्सईएन, खलीलाबाद