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Sant Kabir Nagar News: अधिवक्ताओं ने दो घंटे तक बाधित रखी रजिस्ट्री
Sat, 03 May 2025 10:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 03 May 2025 10:56 PM IST
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धनघटा तहसील के निबंधन कार्यालय में एसडीएम और सीओ को समस्या बताते अधिवक्ता।
धनघटा। धनघटा तहसील परिसर में शनिवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और दो घंटे तक रजिस्ट्री प्रक्रिया बाधित रखा। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने अधिवक्ताओं के आक्रोश को शांत कराया तथा उनकी मांगों को आला अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया पुन: चालू हो सकी।
धनघटा तहसील के अधिवक्ता उपनिबंधक कार्यालय का भवन को तहसील में ही बनवाने की मांग को लेकर कई माह से आंदोलनरत हैं। शनिवार को जिले के सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महीप बहादुर पाल के नेतृत्व में जिले के कुछ अधिवक्ता भी आंदोलन के समर्थन में पहुंच गए।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने निबंधन कार्यालय में चल रही रजिस्ट्री की प्रक्रिया को बाधित कर दिया। इस दौरान तहसील दिवस चल रहा था। तहसील दिवस समाप्त होने के बाद एसडीएम अरुण कुमार वर्मा के साथ सीओ प्रियम राजशेखर पांडेय के साथ तमाम पुलिस बल मौके पर पहुंचे। वहां पर जाकर उन्होंने अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल से बात की। अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने उनको घंटे भर रोके रखा और पूरी बात बताई।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि धनघटा तहसील के कुछ अधिकारी दलालों के हाथ की कठपुतली बन गए हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी इनके जरिये गलत तरीके से पैसा कमा रहे हैं। यही नहीं निबंधन कार्यालय को तहसील में बनाने की भी मांग की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तहसील को दलालों से मुक्त किया जाए। जिससे तहसील कोर्ट आसानी से चल सके। ऐसा न होने पर अधिवक्ता वृहद आंदोलन करने के लिए विवश हो सकते हैं। इस दौरान अधिवक्ताओं ने एसडीएम तथा सीओ को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ताओं में महीप बहादुर पाल के साथ लालशरण सिंह, अरविंद श्रीवास्तव, सुरेंद्र सिंह, शिव प्रसाद राय, सुभाष श्रीवास्तव, हरिकेश, महेंद्र सिंह के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।
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धनघटा तहसील के अधिवक्ता उपनिबंधक कार्यालय का भवन को तहसील में ही बनवाने की मांग को लेकर कई माह से आंदोलनरत हैं। शनिवार को जिले के सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महीप बहादुर पाल के नेतृत्व में जिले के कुछ अधिवक्ता भी आंदोलन के समर्थन में पहुंच गए।
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इस दौरान अधिवक्ताओं ने निबंधन कार्यालय में चल रही रजिस्ट्री की प्रक्रिया को बाधित कर दिया। इस दौरान तहसील दिवस चल रहा था। तहसील दिवस समाप्त होने के बाद एसडीएम अरुण कुमार वर्मा के साथ सीओ प्रियम राजशेखर पांडेय के साथ तमाम पुलिस बल मौके पर पहुंचे। वहां पर जाकर उन्होंने अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल से बात की। अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने उनको घंटे भर रोके रखा और पूरी बात बताई।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि धनघटा तहसील के कुछ अधिकारी दलालों के हाथ की कठपुतली बन गए हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी इनके जरिये गलत तरीके से पैसा कमा रहे हैं। यही नहीं निबंधन कार्यालय को तहसील में बनाने की भी मांग की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तहसील को दलालों से मुक्त किया जाए। जिससे तहसील कोर्ट आसानी से चल सके। ऐसा न होने पर अधिवक्ता वृहद आंदोलन करने के लिए विवश हो सकते हैं। इस दौरान अधिवक्ताओं ने एसडीएम तथा सीओ को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ताओं में महीप बहादुर पाल के साथ लालशरण सिंह, अरविंद श्रीवास्तव, सुरेंद्र सिंह, शिव प्रसाद राय, सुभाष श्रीवास्तव, हरिकेश, महेंद्र सिंह के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।