फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   The family of the British cleric and the madrasa management have approached the High Court.

Sant Kabir Nagar News: ब्रिटिश मौलाना के परिजनों और मदरसा प्रबंधन ने ली हाईकोर्ट की शरण

Fri, 27 Mar 2026 11:46 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
The family of the British cleric and the madrasa management have approached the High Court.
संतकबीरनगर। दुधारा थाना क्षेत्र के देवरिया लाल गांव निवासी विदेशी फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन के आरोपी ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के खिलाफ फेमा के तहत कोतवाली खलीलाबाद में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विवेचक ने मौलाना के परिजनों व मदरसा प्रबंधन के सभी 18 खातों के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी थी। बैंक में मौलाना व उसके परिजनों का लगभग 94.23 लाख रुपये फ्रीज है।
विज्ञापन

वित्तीय लेन-देन पर रोक होने के बाद इसके खिलाफ मौलाना के परिजनों व मदरसा प्रबंधन ने हाईकोर्ट की शरण ली है। परिजनों और मदरसा प्रबंधन ने आधा दर्जन से ज्यादा बैंक समेत अन्य विभागों के कुल 21 लोगों के खिलाफ याचिका दायर की है।
विज्ञापन

एटीएस की जांच में ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के इस्लामिक गतिविधियों के प्रचार-प्रसार, गैर कानूनी तरीके से विदेशी फंडिंग, पाकिस्तान, अफ्रीका, आस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों की यात्रा और जम्मू-कश्मीर के कुछ संदिग्ध लोगों से संपर्क की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के आधार पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्रा ने दो नंवबर-2025 को कोतवाली खलीलाबाद में फेमा के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद पुलिस ने मामले में विवेचना शुरू की। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान मदरसा प्रबंध कमेटी के साथ ही बेटे, पत्नी और बहू के नाम से अलग-अलग बैंकों में 18 खाते संचालित होना पाया गया। इनमें जांच के समय लगभग 94.23 लाख रुपये मौजूद थे, जिन्हें विवेचक ने बैंक की मदद से जांच होने तक फ्रीज करा दिया।
बैंकों से वित्तीय लेनदेन पर रोक लगने के बाद प्रबंधक कुल्लियातुल बनातिर रजविया एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी और तीन अन्य, रजा फाउंडेशन, तौसीफ रजा खान ओर नसरीन जहां ने बैंकों से वित्तीय लेनदेन पर रोक हटाने के लिए 18 मार्च को हाईकोर्ट प्रयागराज की शरण ली। सूत्रों के मुताबिक कोर्ट से मामले में नोटिस मिलने के बाद पुलिस की तरफ से जवाब भी दाखिल कर दिया गया है।
-----------------
याचिका में इनके नाम हैं शामिल
- स्टेट आफ यूपी एंड 10 अन्य
- एसपी संतकबीरनगर
- स्टेशन हाउस ऑफिसर कोतवाली खलीलाबाद
- रिजर्व बैंक आफ इंडिया थ्रो इट्स गवर्नर यूपी
- ब्रांच मैनेजर कोटेक महेंद्रा बैंक पार्क रोड
- ब्रांच मैनेजर स्टेट बैंक आफ इंडिया खलीलाबाद
- ब्रांच मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक खलीलाबाद
- ब्रांच मैनेजर एचडीएफसी बैंक सेवरही
- ब्रांच मैनेजर सेंट्रल बैंक आफ इंडिया
- ब्रांच मैनेजर आईसीआईसीआई बैंक खलीलाबाद
- ब्रांच मैनेजर बैंक आफ बड़ौदा खलीलाबाद
------------
तीन बैंक में खुले हैं सात एनआरआई व एनआरओ खाते
दोहरी नागरिकता धारी ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान व उनके परिजनों के तीन बैंक में सात एनआरआई व एनआरओ खाता खुला हुआ है, जिसमें विदेशी रुपये आने का दावा किया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि एसबीआई, बैंक आफ बड़ौदा व एचडीएफसी बैंक में मौलाना के एनजीओ, बेटे तौसीफ रजा खान व खुद मौलाना के नाम पर एकाउंट खोले गए हैं। वित्तीय लेन देन के संबंध में सूचना के लिए पुलिस अधिकारियों की तरफ से बैंक को पत्राचार किया गया था। सूत्रों मुताबिक कुछ स्थानों से डिटेल मिल गया है, जबकि कुछ बैंक से डिटेल नहीं मिल पाया है। इसकी वजह से जांच की गति आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसकी वजह से अन्य जांच एजेंसियों से भी विधिक सलाह ली जा रही है।

--------------
यूपी एटीएस के साथ ईडी व एनआईए भी कर रही जांच
यूपी एटीएस की जांच के बाद मामला खुलने पर अन्य जांच एजेंसियां भी मामले की जांच में जुट गई हैं। फरवरी में ईडी ने मौलाना के घर पहुंचकर जांच की थी। इसके अगले दिन एनआईए की टीम भी पहुंचकर कई सरकारी महकमों में मौलाना से संबंधित दस्तावेज लेकर अपने साथ गई है। जांच एजेंसियां भी पूरे मामले की अपने स्तर से जांच करने में जुटी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed