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Sant Kabir Nagar News: भागवत कथा में जीवन का सार तत्व
Sun, 25 Jan 2026 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:03 AM IST
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बघौली में श्रीमद् भागवत कथा कहते कथा वाचक-स्रोत आयोजक
- फोटो : शहर के पंचरास्ता स्थित सराफा शोरूम में पसरा सन्नाटा।
संतकबीरनगर। बघौली कस्बे में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन अयोध्या से आए आचार्य कुंडल ने भागवत कथा का महत्व समझाया। कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होती है। भागवत श्रवण प्रेतयोनि से मुक्ति मिलती है। चित्त की स्थिरता के साथ ही श्रीमद्भागवत कथा सुननी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भागवत श्रवण मनुष्य के संपूर्ण क्लेश को दूर कर भक्ति की ओर अग्रसर करती है। संपूर्ण सृष्टि की शक्ति समाहित होकर मनुष्य के पीछे लग जाती है और हमारे सारे कार्य सफल होते हैं। ठीक उसी तरह बुरे कर्मों की राह के दौरान संपूर्ण बुरी शक्तियों हमारे साथ हो जाती है। इस दौरान मनुष्य को निर्णय करना होता कि उसे किस राह पर चलना है। छल ओर छलावा ज्यादा दिन नहीं चलता। छल रूपी खटाई से दूध हमेशा फटेगा। छल छिद्र जब जीवन में आ जाए तो भगवान भी उसे ग्रहण नहीं करते है। निर्मल मन प्रभु को स्वीकार्य है। आचार्य कुंडल जी महाराज ने कहा भक्ति मैया के पुत्र ज्ञान और बैरागी की वृद्धावस्था दूर हुई श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने मात्र से महाप्रेत धुंधकारी को मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस दौरान दुर्गेश चंद्र पांडेय, स्नेह लता पांडेय, देवचंद्र पांडेय, भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गोरखपुर संजीव राय, पूर्व प्रधान बघौली गिरजेश सिंह, सुभाष चंद्र पांडेय, राधेश्याम राय, रमेश राय, चक्रधर पांडेय, कथा वाचक धरणीधर जी महाराज, इंद्रदेव राय फागू आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि भागवत श्रवण मनुष्य के संपूर्ण क्लेश को दूर कर भक्ति की ओर अग्रसर करती है। संपूर्ण सृष्टि की शक्ति समाहित होकर मनुष्य के पीछे लग जाती है और हमारे सारे कार्य सफल होते हैं। ठीक उसी तरह बुरे कर्मों की राह के दौरान संपूर्ण बुरी शक्तियों हमारे साथ हो जाती है। इस दौरान मनुष्य को निर्णय करना होता कि उसे किस राह पर चलना है। छल ओर छलावा ज्यादा दिन नहीं चलता। छल रूपी खटाई से दूध हमेशा फटेगा। छल छिद्र जब जीवन में आ जाए तो भगवान भी उसे ग्रहण नहीं करते है। निर्मल मन प्रभु को स्वीकार्य है। आचार्य कुंडल जी महाराज ने कहा भक्ति मैया के पुत्र ज्ञान और बैरागी की वृद्धावस्था दूर हुई श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने मात्र से महाप्रेत धुंधकारी को मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस दौरान दुर्गेश चंद्र पांडेय, स्नेह लता पांडेय, देवचंद्र पांडेय, भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गोरखपुर संजीव राय, पूर्व प्रधान बघौली गिरजेश सिंह, सुभाष चंद्र पांडेय, राधेश्याम राय, रमेश राय, चक्रधर पांडेय, कथा वाचक धरणीधर जी महाराज, इंद्रदेव राय फागू आदि मौजूद रहे।
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