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Sant Kabir Nagar News: ‘सुधारने’ की व्यवस्था की बिगड़ गई हालत
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। स्वास्थ्य महकमे में भुगतान की व्यवस्था बदल गई है। अब एसएनए स्पर्श पोर्टल के जरिये भुगतान हो रहा है। यह प्रक्रिया लंबी है, जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मियों का भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि स्वास्थ्य कर्मियों को दिसंबर व जनवरी का भुगतान फंसा हुआ है। राज्य स्तर से भुगतान होने के चलते जिम्मेदार भी यह नहीं बता पा रहे है कि भुगतान कबतक होगा। इससे स्वास्थ्य कर्मी परेशानी झेल रहे हैं।
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आशा, आशा संगिनी, कम्यूनिटी हेल्थ आसिसर, संविदा एएनएम और अन्य संविदा कर्मी कार्यरत हैं। इनकी संख्या 2500 से ज्यादा है। पूर्व में भुगतान की व्यवस्था ब्लॉक और जिला स्तर से होती रही है, लेकिन अगस्त माह से शासन ने भुगतान की व्यवस्था बदल दी है और अब एसएनए स्पर्श पोटल के जरिये भुगतान राज्य स्तर से हो रहा है।
नई व्यवस्था के अनुसार बीसीपीएम एमआईएस से पेमेंट बनने के बाद बैम को भेजा जाता है। इसके बाद अधीक्षक से अप्रूव होने के बाद सीएमओ कार्यालय को भेजा जाता है। वहां से चेक करने के बाद बिल भुगतान के लिए राज्य को भेज दिया जाता है। जिले से तो बिल भुगतान के लिए लिमिट के आधार पर राज्य को भेज दिया जा रहा है, लेकिन राज्य स्तर से भुगतान होने में महीनों लग जा रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि दिसंबर और जनवरी का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। जो कर्मी किराए पर रहते है, वह मकान का किराया भी समय से नहीं दे पा रहे हैं।
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संतकबीरनगर। स्वास्थ्य महकमे में भुगतान की व्यवस्था बदल गई है। अब एसएनए स्पर्श पोर्टल के जरिये भुगतान हो रहा है। यह प्रक्रिया लंबी है, जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मियों का भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि स्वास्थ्य कर्मियों को दिसंबर व जनवरी का भुगतान फंसा हुआ है। राज्य स्तर से भुगतान होने के चलते जिम्मेदार भी यह नहीं बता पा रहे है कि भुगतान कबतक होगा। इससे स्वास्थ्य कर्मी परेशानी झेल रहे हैं।
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आशा, आशा संगिनी, कम्यूनिटी हेल्थ आसिसर, संविदा एएनएम और अन्य संविदा कर्मी कार्यरत हैं। इनकी संख्या 2500 से ज्यादा है। पूर्व में भुगतान की व्यवस्था ब्लॉक और जिला स्तर से होती रही है, लेकिन अगस्त माह से शासन ने भुगतान की व्यवस्था बदल दी है और अब एसएनए स्पर्श पोटल के जरिये भुगतान राज्य स्तर से हो रहा है।
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नई व्यवस्था के अनुसार बीसीपीएम एमआईएस से पेमेंट बनने के बाद बैम को भेजा जाता है। इसके बाद अधीक्षक से अप्रूव होने के बाद सीएमओ कार्यालय को भेजा जाता है। वहां से चेक करने के बाद बिल भुगतान के लिए राज्य को भेज दिया जाता है। जिले से तो बिल भुगतान के लिए लिमिट के आधार पर राज्य को भेज दिया जा रहा है, लेकिन राज्य स्तर से भुगतान होने में महीनों लग जा रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि दिसंबर और जनवरी का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। जो कर्मी किराए पर रहते है, वह मकान का किराया भी समय से नहीं दे पा रहे हैं।
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