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Sant Kabir Nagar News: दस राइस मिलों ने डकार लिए 53 लाख, वसूली के लिए आरसी जारी
Fri, 13 Oct 2023 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 13 Oct 2023 11:42 PM IST
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संतकबीरनगर। दस राइस मिलों ने 53 लाख रुपये डकार लिया है। यूपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन के प्रबंधक निदेशक की समीक्षा में यह मामला पकड़ा गया। प्रबंधक निदेशक ने डीएम से वसूली कराए जाने में मदद मांगी। डीएम ने संबंधित राइस मिलों के खिलाफ आरसी जारी कर वसूली की प्रक्रिया शुरू करा दी है।
धान क्रय योजना वर्ष 2011-12 में जिला प्रशासन ने धान खरीद के लिए क्रय केंद्र खोला था। स्वीकृत क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीदे गए धान को हालिंग के लिए संबद्ध राइस मिलों को भेजा गया था। इस धान का 67 प्रतिशत सीएमआर का चावल भारतीय खाद्य निगम को नहीं दिया गया। इससे दस मिलों पर 55,53,807 रुपये बकाया है। उसकी वसूली नहीं हो पाई है। करीब दस वर्ष से अधिक समय तक मामला दबा रहा है। यूपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक रवि रंजन ने 27 सितंबर को लंबित वसूली की समीक्षा की। उसमें बकाया रकम से सिर्फ 2,78,700 रुपये की वसूली होने की बात सामने आई। जबकि 52,75,107 रुपये की वसूली नहीं होनी पाई गई। प्रबंधक निदेशक ने डीएम को पत्र भेजकर अवशेष धनराशि 52,75,107 रुपये जमा कराने में सहयोग मांगा। डीएम ने संबंधित राइस मिलों के खिलाफ आरसी जारी करा वसूली कराए जाने का सभी एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए हैं। संवाद
इंसेट
क्रय केंद्र- संबद्ध राइस मिल का नाम- लंबित धनराशि- वसूली रकम- अवशेष धनराशि
खलीलाबाद- मेसर्स आरके टेडर्स गोरयाभार-4897 रुपये- 000- 4897,00 रुपये
- खलीलाबाद- मेसर्स सूरज राइस मिल घोरखल- 286957 रुपये, - 150000 रुपये- 136957 रुपये
- खलीलाबाद- मेसर्स मुकेश् मिनी राइस मिल सरैया- 141053 रुपये- 118700 रुपये- 22353 रुपये
- लोहरौली- मेसर्स चौधरी राइस मिल रक्शा देवई- 310505 रुपये- 000- 310505 रुपये-
- लोहरौली- मेसर्स चौधरी राइस मिल गुनाखोर- 113028 रुपये- 000- 113028 रुपये
- लोहरौली- मेसर्स सूरज राइस मिल घोरखल- 338329 रुपये- 000- 338329 रुपये
- लोहरौली- मेसर्स सोनू मिनी राइस मिल लोहरौली- 172425 रुपये- 10000 रुपये- 162425 रुपये
- धनघटा- मेसर्स सिंह मिनी राइस मिल धनघटा- 3830417 रुपये- 000- 3830417 रुपये
- धनघटा- मेसर्स किसान राइस मिल धनघटा- 26499 रुपये- 000- 26499 रुपये
- धनघटा- मेसर्स सूरज राइस मिल घोरखल- 329697 रुपये- 000- 329697 रुपये
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वर्ष 2011-12 में खरीदे गए धान को दस राइस मिलों को कुटाई के लिए भेजा गया था, लेकिन इन राइस मिलों ने सीएमआर चावल भारतीय खाद्य निगम को नहीं भेजा। इन राइस मिलों पर 55,53,807 रुपये बकाया था। तीन राइस मिलों ने 2,78,700 रुपये जमा किया। जबकि 52,75,107 रुपये का अब भी बकाया है। यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक की ओर से धनराशि की वसूली में डीएम से मदद मांगी गई। डीएम के निर्देश पर संबंधित राइस मिलों के खिलाफ आरसी जारी हो गई है। बकाए धनराशि की वसूली के लिए एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं। -जय प्रकाश,एडीएम
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धान क्रय योजना वर्ष 2011-12 में जिला प्रशासन ने धान खरीद के लिए क्रय केंद्र खोला था। स्वीकृत क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीदे गए धान को हालिंग के लिए संबद्ध राइस मिलों को भेजा गया था। इस धान का 67 प्रतिशत सीएमआर का चावल भारतीय खाद्य निगम को नहीं दिया गया। इससे दस मिलों पर 55,53,807 रुपये बकाया है। उसकी वसूली नहीं हो पाई है। करीब दस वर्ष से अधिक समय तक मामला दबा रहा है। यूपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक रवि रंजन ने 27 सितंबर को लंबित वसूली की समीक्षा की। उसमें बकाया रकम से सिर्फ 2,78,700 रुपये की वसूली होने की बात सामने आई। जबकि 52,75,107 रुपये की वसूली नहीं होनी पाई गई। प्रबंधक निदेशक ने डीएम को पत्र भेजकर अवशेष धनराशि 52,75,107 रुपये जमा कराने में सहयोग मांगा। डीएम ने संबंधित राइस मिलों के खिलाफ आरसी जारी करा वसूली कराए जाने का सभी एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए हैं। संवाद
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क्रय केंद्र- संबद्ध राइस मिल का नाम- लंबित धनराशि- वसूली रकम- अवशेष धनराशि
खलीलाबाद- मेसर्स आरके टेडर्स गोरयाभार-4897 रुपये- 000- 4897,00 रुपये
- खलीलाबाद- मेसर्स सूरज राइस मिल घोरखल- 286957 रुपये, - 150000 रुपये- 136957 रुपये
- खलीलाबाद- मेसर्स मुकेश् मिनी राइस मिल सरैया- 141053 रुपये- 118700 रुपये- 22353 रुपये
- लोहरौली- मेसर्स चौधरी राइस मिल रक्शा देवई- 310505 रुपये- 000- 310505 रुपये-
- लोहरौली- मेसर्स चौधरी राइस मिल गुनाखोर- 113028 रुपये- 000- 113028 रुपये
- लोहरौली- मेसर्स सूरज राइस मिल घोरखल- 338329 रुपये- 000- 338329 रुपये
- लोहरौली- मेसर्स सोनू मिनी राइस मिल लोहरौली- 172425 रुपये- 10000 रुपये- 162425 रुपये
- धनघटा- मेसर्स सिंह मिनी राइस मिल धनघटा- 3830417 रुपये- 000- 3830417 रुपये
- धनघटा- मेसर्स किसान राइस मिल धनघटा- 26499 रुपये- 000- 26499 रुपये
- धनघटा- मेसर्स सूरज राइस मिल घोरखल- 329697 रुपये- 000- 329697 रुपये
वर्ष 2011-12 में खरीदे गए धान को दस राइस मिलों को कुटाई के लिए भेजा गया था, लेकिन इन राइस मिलों ने सीएमआर चावल भारतीय खाद्य निगम को नहीं भेजा। इन राइस मिलों पर 55,53,807 रुपये बकाया था। तीन राइस मिलों ने 2,78,700 रुपये जमा किया। जबकि 52,75,107 रुपये का अब भी बकाया है। यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक की ओर से धनराशि की वसूली में डीएम से मदद मांगी गई। डीएम के निर्देश पर संबंधित राइस मिलों के खिलाफ आरसी जारी हो गई है। बकाए धनराशि की वसूली के लिए एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं। -जय प्रकाश,एडीएम
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