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संघर्ष के लिए तैयार रहे शिक्षक: लालबिहारी
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:44 PM IST
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मौजूद शिक्षक।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ वित्तविहीन गुट का जिला सम्मेलन रविवार को जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के परिसर में हुआ। सम्मेलन में पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष लालबिहारी यादव ने कहा कि मानदेय की राशि वित्तविहीन शिक्षकों की संख्या के अनुसार बहुत ही कम है। जिसे और बढ़ाया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मानदेय के लिए संगठन की तरफ से प्रदेश सरकार केे बधाई दी जाती है। मानदेय की राशि कम है। यदि उत्तर प्रदेश सरकार चाहे तो राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के बजट से मानदेय की राशि को बढ़ा सकती है। वर्ष 2004 से लेकर लगातार 12 वर्षों तक वित्तविहीन शिक्षकों ने समय समय पर आंदोलन एवं सकारात्मक संघर्ष किया। जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार ने 2016-17 के बजट में दो सौ करोड़ रुपये का टोकन बजट मानदेय के लिए आवंटित किया।
उन्होंने कहा कि केवल इतनी सफलता से ही हमें निश्चिंत होकर बैठने की आवश्यकता नहीं है। हमें संगठन की क्रियाशीलता एवं सशक्तिकरण के लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है। आवश्यकता पड़ने पर हमें अभी भी संघर्ष के लिए तत्पर रहने की जरूरत है। प्रदेश उपाध्यक्ष रामचंद्र यादव, डॉ. रामगोविंद प्रजापति और महासचिव आफताब आलम ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। प्रदेश सचिव व गोरखपुर फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी प्रत्याशी चंद्रभूषण मिश्र ने कहा कि सदन में हमारे किसी जन प्रतिनिधि के न होने से हमें मानदेय मिलने पर बिलंब हुआ। आज समय की मांग है कि अपने सेवा सुरक्षा, समान कार्य के लिए समान वेतन हेतु संघर्ष करने के लिए संगठन का प्रतिनिधि सदन में जरूरी है।
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जिलाध्यक्ष समय देव पांडेय ने कहा कि संगठन की प्रदेश में एक पहचान है। जो वित्त विहीन शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के सहयोग से हासिल हुआ है। उन्होंने सम्मेलन में आए हुए अतिथियो के प्रति आभार प्रकट किया। सम्मेलन को प्रदेश प्रवक्ता देशबंधु शुक्ल, कोषाध्यक्ष शोभाराम पटेल, डॉ. रामकैलाश यादव ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व सम्मेलन की शुरूआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण के साथ हुआ। इस अवसर पर बृजेश राय, लालचंद्र यादव, अनुराधा चौधरी, अशोक चौधरी, मलय कुमार पांडेय, दिग्विजयनाथ चतुर्वेदी, जगजीत प्रसाद, हरिशंकर सिंह, शैलेंद्र कुमार, काली प्रसाद सिंह, राम प्रकाश राय, गंगा प्रसाद दुबे, अनिल कुमार सिह, गणेश प्रसाद चौरसिया, अजय चतुर्वेदी, कन्हैयालाल यादव, कुलदीप श्रीवास्तव, प्रताप नारायण द्विवेदी, राघवेंद्र पांडेय समेत अन्य मौजूद रहे।
बागी गुट मूल्यांकन का करेगा बहिष्कार
उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ (बागी गुट) की बैठक रविवार को चंदा देवी स्वर्ण जयंती स्मारक बालिका इंटर कॉलेज बभनौली के परिसर में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश कार्यालय द्वारा लिए गए निर्णय के बारे में प्रदेश मीडिया प्रभारी/प्रवक्ता सत्येन्द्र प्रकाश त्रिपाठी ने शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मियों को बताया।
उन्होंने कहा कि संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश बागी के नेतृत्व में हुए संघर्षों के परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार ने अपने बजट में वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बजट आवंटन के बावजूद भी शिक्षा निदेशक कार्यालय द्वारा अभी तक कोई कोई पहल करना तो दूर जानकारी देने को भी नहीं तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉपी के मूल्यांकन से पहले कोई निर्णय नहीं ले पायी तो सभी शिक्षक मूल्यांकन का बहिष्कार करेंगे। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि किस वर्ष तक के विद्यालय और कितने शिक्षक व कर्मचारी मानदेय से लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर सुग्रीव शुक्ल, जयप्रकाश राय, कुसुम यादव, सतेंद्र शुक्ल, रविंद्र नाथ मिश्र, विजय नारायण मिश्र, पुष्पा मिश्रा, रविप्रभा पांडेय, सुनीता सिंह, अंजू तिवारी, रामरोहित यादव, पंडित दयाशंकर चौबे, सर्वेश राय आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि मानदेय के लिए संगठन की तरफ से प्रदेश सरकार केे बधाई दी जाती है। मानदेय की राशि कम है। यदि उत्तर प्रदेश सरकार चाहे तो राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के बजट से मानदेय की राशि को बढ़ा सकती है। वर्ष 2004 से लेकर लगातार 12 वर्षों तक वित्तविहीन शिक्षकों ने समय समय पर आंदोलन एवं सकारात्मक संघर्ष किया। जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार ने 2016-17 के बजट में दो सौ करोड़ रुपये का टोकन बजट मानदेय के लिए आवंटित किया।
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उन्होंने कहा कि केवल इतनी सफलता से ही हमें निश्चिंत होकर बैठने की आवश्यकता नहीं है। हमें संगठन की क्रियाशीलता एवं सशक्तिकरण के लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है। आवश्यकता पड़ने पर हमें अभी भी संघर्ष के लिए तत्पर रहने की जरूरत है। प्रदेश उपाध्यक्ष रामचंद्र यादव, डॉ. रामगोविंद प्रजापति और महासचिव आफताब आलम ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। प्रदेश सचिव व गोरखपुर फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी प्रत्याशी चंद्रभूषण मिश्र ने कहा कि सदन में हमारे किसी जन प्रतिनिधि के न होने से हमें मानदेय मिलने पर बिलंब हुआ। आज समय की मांग है कि अपने सेवा सुरक्षा, समान कार्य के लिए समान वेतन हेतु संघर्ष करने के लिए संगठन का प्रतिनिधि सदन में जरूरी है।
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जिलाध्यक्ष समय देव पांडेय ने कहा कि संगठन की प्रदेश में एक पहचान है। जो वित्त विहीन शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के सहयोग से हासिल हुआ है। उन्होंने सम्मेलन में आए हुए अतिथियो के प्रति आभार प्रकट किया। सम्मेलन को प्रदेश प्रवक्ता देशबंधु शुक्ल, कोषाध्यक्ष शोभाराम पटेल, डॉ. रामकैलाश यादव ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व सम्मेलन की शुरूआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण के साथ हुआ। इस अवसर पर बृजेश राय, लालचंद्र यादव, अनुराधा चौधरी, अशोक चौधरी, मलय कुमार पांडेय, दिग्विजयनाथ चतुर्वेदी, जगजीत प्रसाद, हरिशंकर सिंह, शैलेंद्र कुमार, काली प्रसाद सिंह, राम प्रकाश राय, गंगा प्रसाद दुबे, अनिल कुमार सिह, गणेश प्रसाद चौरसिया, अजय चतुर्वेदी, कन्हैयालाल यादव, कुलदीप श्रीवास्तव, प्रताप नारायण द्विवेदी, राघवेंद्र पांडेय समेत अन्य मौजूद रहे।
बागी गुट मूल्यांकन का करेगा बहिष्कार
उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ (बागी गुट) की बैठक रविवार को चंदा देवी स्वर्ण जयंती स्मारक बालिका इंटर कॉलेज बभनौली के परिसर में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश कार्यालय द्वारा लिए गए निर्णय के बारे में प्रदेश मीडिया प्रभारी/प्रवक्ता सत्येन्द्र प्रकाश त्रिपाठी ने शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मियों को बताया।
उन्होंने कहा कि संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश बागी के नेतृत्व में हुए संघर्षों के परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार ने अपने बजट में वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बजट आवंटन के बावजूद भी शिक्षा निदेशक कार्यालय द्वारा अभी तक कोई कोई पहल करना तो दूर जानकारी देने को भी नहीं तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉपी के मूल्यांकन से पहले कोई निर्णय नहीं ले पायी तो सभी शिक्षक मूल्यांकन का बहिष्कार करेंगे। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि किस वर्ष तक के विद्यालय और कितने शिक्षक व कर्मचारी मानदेय से लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर सुग्रीव शुक्ल, जयप्रकाश राय, कुसुम यादव, सतेंद्र शुक्ल, रविंद्र नाथ मिश्र, विजय नारायण मिश्र, पुष्पा मिश्रा, रविप्रभा पांडेय, सुनीता सिंह, अंजू तिवारी, रामरोहित यादव, पंडित दयाशंकर चौबे, सर्वेश राय आदि मौजूद रहे।