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Sant Kabir Nagar News: जीवित रहते दर्ज नहीं हो सका सूका देवी का नाम, वारिस काट रहे हैं चक्कर

Sat, 05 Jul 2025 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sat, 05 Jul 2025 11:50 PM IST
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Suka Devi's name could not be registered while she was alive, heirs are making rounds
संतकबीरनगर। सरकारी अभिलेखों में मृत दिखाई गई बेलहरकला गांव निवासी सूका देवी का नाम जीवित रहते खतौनी में नहीं दर्ज हो सका। बावजूद इसके अभिलेखों में उन्हें मृत घोषित कराने वाले जालसाजों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2019 में सेक्रेटरी समेत अन्य पर केस दर्ज हुआ था। हाल यह है कि उनके वारिस अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। एसपी को शिकायत पत्र देकर खतरे की आशंका जताई है।
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बता दें कि सूका देवी का नाम चकबंदी के दौरान ही उनके विपक्षियों ने गायब करा दिया था। 40 वर्ष तक संघर्ष करने के बाद 30 सितंबर वर्ष 2019 में उनका नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज हो सका। न्यायालय बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने 10 फरवरी 2021 के अपने आदेश में उल्लेख किया कि पूर्व के आदेश में सूका देवी को मृतक दिखा कर उनके साथ जालसाजी किया गया। जिस पर विपक्षियों ने पुनरीक्षण याचिका एडीएम कोर्ट में दायर किया। जो 4 नवंबर 2024 को खारिज हो गया। अब मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में चला गया है।
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खुली बैठक में हुआ था हंगामा

सरकारी अभिलेखों में मृत दिखाई गई सूका देवी खुली बैठक में पहुंचीं तो हंगामा मच गया। जिस पर एडीओ पंचायत ने मामला कोर्ट में लंबित होने का हवाला देकर परिवार रजिस्टर में जीवित करने से मना कर दिया था। ग्रामीणों के हंगामा करने की सूचना पर तत्कालीन एसडीएम मेंहदावल प्रेमप्रकाश अजोर और सीओ गयादत्त मिश्र मौके पर पहुंचे और पूरी बात सुनी। इसके बाद भी कोई हल नहीं निकल सका था।
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यह है पूरा मामला

बेलहर खुर्द गांव निवासी सूका देवी की शादी बेलहरकला निवासी देवता के साथ हुई थी। पति के निधन के बाद सूका के ससुर बृजमोहन राय ने लगभग 20 बीघा जमीन उन्हें बैनामा कर दिया था। ससुर की मृत्यु के बाद जमीन सूका के नाम से वरासत होनी थी। लेकिन उनको मृतक दिखाकर विपक्षियों ने 11 बीघा भूमि को ग्रामसभा के नाम से दर्ज करा दिया था। तब से ही सूका देवी खुद को जिंदा कराने के लिए संघर्ष कर रही थीं। परिवार रजिस्टर में उन्होंने अपना नाम दर्ज करा लिया पर राजस्व अभिलेख में वह अपना नाम दर्ज कराने में कामयाब नहीं हो पाईं और अप्रैल 2021 में उनकी मौत हो गई।

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इन लोगों पर दर्ज हुआ था केस

मई वर्ष 2019 में बखिरा थाना पर कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हुआ था। जिसमे बेलहरकला गांव निवासी चंद्रबली, महेंद्रनाथ, धर्मेंद्रनाथ तत्कालीन सेक्रेटरी अज्ञात और वर्तमान सेक्रेटरी अज्ञात व आरोपियों के मेली मददगार के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले में दिसंबर 2019 में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।


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एसपी को शिकायत पत्र देकर जताया खतरे का आशंका

सूका देवी के वारिस पवन कुमार व दुर्गेश ने एसपी को शिकायत पत्र देकर खतरे की आशंका जताया है। आरोप है कि विपक्षी जबरिया जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। विपक्षी व उनके परिजन लगातार धमकी दे रहे हैं। जिससे जानमाल का खतरा बना हुआ है। विपक्षियों के पास लाइसेंसी असलहा है। इसके वजह से उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है।
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