{"_id":"570a94a74f1c1b646ac811a3","slug":"street-lights-burning-during-the-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन में जल रहीं स्ट्रीट लाइटें ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन में जल रहीं स्ट्रीट लाइटें
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
दिन में जल रही लाइटें ।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आसमान से आग बरस रही है, लोग गर्मी से परेशान है। जिले में विद्युत संकट भी गहरा गया है। पर जिला मुख्यालय पर अजीबी गरीब नजारा देखने को मिल रहा है। एक तरफ लोग विद्युत कटौती से बेहाल है तो नगर पालिका क्षेत्र में दिन में भी लाइटें जल रही है, लेकिन जिम्मेदार देखकर भी आंख मूंदे हुए है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर बिजली की यह बर्बादी क्यों हो रही है।
केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए काम कर रही है। बिजली की खपत कम हो, इसके लिए कैंप लगाकर एलईडी बल्ब कम दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही अब कम बिजली खपत वाले पंखे उपलब्ध कराने की भी तैयारी चल रही है, लेकिन यहां सरकार की मंशा पर पलीता लगाया जा रहा है। स्थिति यह है कि डायट के पीछे और नेदुला चौराहे पर पास दिनभर स्ट्रीट लाइटें जल रही है।
ऐसी ही स्थिति शहर के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिल रही है। इसके बाद भी किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। यह जरूर है कि बकाया बिल न जमा करने वालों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर दिन में स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं बुझाई जा रही है। यही नहीं विद्युत व्यवस्था सुधारने का दावा भी बेकार साबित हो रहा है।
विज्ञापन
मुखलिसपुर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक स्कूल के पास विद्युत तार जमीन को छू रहे हैं। बांस-बल्ली के सराहे आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में कभी भी दुर्घटना हो सकती है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष जगत जायसवाल का कहना है कि कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि दिन में जहां भी स्ट्रीट लाइटें जले उन्हें बुझा दिया जाए, यदि कहीं लाइटें जल रस्त्रत्त्ही हैं तो उस पर ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन
केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए काम कर रही है। बिजली की खपत कम हो, इसके लिए कैंप लगाकर एलईडी बल्ब कम दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही अब कम बिजली खपत वाले पंखे उपलब्ध कराने की भी तैयारी चल रही है, लेकिन यहां सरकार की मंशा पर पलीता लगाया जा रहा है। स्थिति यह है कि डायट के पीछे और नेदुला चौराहे पर पास दिनभर स्ट्रीट लाइटें जल रही है।
विज्ञापन
ऐसी ही स्थिति शहर के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिल रही है। इसके बाद भी किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। यह जरूर है कि बकाया बिल न जमा करने वालों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर दिन में स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं बुझाई जा रही है। यही नहीं विद्युत व्यवस्था सुधारने का दावा भी बेकार साबित हो रहा है।
विज्ञापन
मुखलिसपुर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक स्कूल के पास विद्युत तार जमीन को छू रहे हैं। बांस-बल्ली के सराहे आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में कभी भी दुर्घटना हो सकती है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष जगत जायसवाल का कहना है कि कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि दिन में जहां भी स्ट्रीट लाइटें जले उन्हें बुझा दिया जाए, यदि कहीं लाइटें जल रस्त्रत्त्ही हैं तो उस पर ध्यान दिया जाएगा।