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Sant Kabir Nagar News: घनी आबादी के बीच पटाखा भंडारण से बड़ा खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दिवाली नजदीक आते ही पटाखों की मांग बढ़ने के साथ ही इनके अवैध रूप से भंडारण और बिक्री का खतरा भी बढ़ गया है। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में कुछ धंधेबाज सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर घनी आबादी के बीच पटाखे जमा कर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई में कई क्विंटल पटाखे बरामद हो चुके हैं। ये पटाखे गोदाम, मकान, दुकान और आवासीय परिसरों से मिले।
कई स्थानों पर अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं पाए गए थे। ऐसे में दिवाली पर पटाखों की बिक्री के बीच अवैध भंडारण की गतिविधियां लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। इसको लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है।
दिवाली करीब आते ही अवैध भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कई कुंतल पटाखा बरामद किया है। पटाखों में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री के बीच आग लगने की छोटी-सी घटना भी बड़े हादसे में बदल सकती है। घनी आबादी में इस तरह का भंडारण होने से आसपास के मकानों, दुकानों और राहगीरों की जान खतरे में पड़ सकती है।
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पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद अलग-अलग क्षेत्रों में पटाखों का अवैध भंडारण सामने आना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब अवैध भंडारण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन भी सक्रिय हुआ है। जिले में पटाखों के सात लाइसेंस होने की जानकारी सामने आई है लेकिन इनमें से तीन ही सक्रिय बताए जा रहे हैं।
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संतकबीरनगर। दिवाली नजदीक आते ही पटाखों की मांग बढ़ने के साथ ही इनके अवैध रूप से भंडारण और बिक्री का खतरा भी बढ़ गया है। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में कुछ धंधेबाज सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर घनी आबादी के बीच पटाखे जमा कर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई में कई क्विंटल पटाखे बरामद हो चुके हैं। ये पटाखे गोदाम, मकान, दुकान और आवासीय परिसरों से मिले।
कई स्थानों पर अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं पाए गए थे। ऐसे में दिवाली पर पटाखों की बिक्री के बीच अवैध भंडारण की गतिविधियां लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। इसको लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है।
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दिवाली करीब आते ही अवैध भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कई कुंतल पटाखा बरामद किया है। पटाखों में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री के बीच आग लगने की छोटी-सी घटना भी बड़े हादसे में बदल सकती है। घनी आबादी में इस तरह का भंडारण होने से आसपास के मकानों, दुकानों और राहगीरों की जान खतरे में पड़ सकती है।
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पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद अलग-अलग क्षेत्रों में पटाखों का अवैध भंडारण सामने आना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब अवैध भंडारण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन भी सक्रिय हुआ है। जिले में पटाखों के सात लाइसेंस होने की जानकारी सामने आई है लेकिन इनमें से तीन ही सक्रिय बताए जा रहे हैं।