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Sant Kabir Nagar News: गिर रहे बाइक सवार, हो रही मौत, वाहन भी हो रहे कबाड़
Mon, 22 May 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 22 May 2023 01:02 AM IST
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नेशलन हाइवे नेदुला के पास बना ब्रेकर।संवाद
संतकबीरनगर। शहर से लेकर नेशनल हाईवे पर वाहनों की स्पीड कम करने के लिए सड़कों पर बनाए गए ब्रेकर उलटे दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। सड़कों पर ज्यादातर स्पीड ब्रेकर बेडौल और ऊंचे हैं और मानक के विपरीत हैं। इस वजह से यह कई लोगों की जान पर बन आए हैं। बीते 25 दिनों में ब्रेकरों के कारण दो की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही लोगों को यह ब्रेकर बीमार भी बना रहे हैं।
खलीलाबाद शहर के नेदुला बाईपास, एसपी आवास, मगहर दुर्गा मंदिर के पास काफी ऊंचे ब्रेकर बने हैं। यही नहीं पुलिस लाइन, मेंहदावल बाईपास, एचआरपीजी कॉलेज के पास बने ब्रेकर को निकाय चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री के आगमन पर हटा दिया गया था, ताकि सीएम के वाहन को झटका न लगे। जहां पर ब्रेकर हैं वह काफी खतरनाक स्थिति में हैं। ऐसे स्थानों पर दुपहिया वाहन चालकों का रोज संतुलन बिगड़ जाता है और उन्हें गिरते-संभलते देेखा जा सकता है।
इसके बावजूद अफसरों ने इस तरफ कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। एसपी आवास के पास बने ब्रेकर पर अक्सर वाहन चालक संतुलन खो देते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। हर वाहन को गुजरते वक्त उछलना जरूर पड़ता है, जो संभल नहीं पाया उसके जख्मी होने और कोमा में चले जाने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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यही नहीं यह ब्रेकर गले और कमर की हड्डी में भी चोट देते हैं। यह समस्या आम है, लेकिन अधिकारी इससे अनजान बने हुए हैं। वाहन मैकेनिक का कहना है कि इससे वाहन को बड़ी क्षति हो सकती है। शाॅकर के साथ ही अन्य पुर्जे खराब हो सकते हैं।
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केस एक-
19 मई को मगहर के दुर्गा मंदिर स्थित नेशनल हाईवे के पास के बने ब्रेकर से खलीलाबाद के चकिया निवासी पंकज अपनी माता मोहरती देवी (60) को बिठाकर सहजनवां जा रहे थे। बाइक की गति तेज होने की वजह से स्पीड ब्रेकर पर मोहरती देवी उछल कर सड़क पर गिर गईं। इसी बीच पीछे से आ रहे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
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केस दो-
28 अप्रैल को शहर के नेदुआ बाईपास के पास बने ब्रेकर पर तेज गति से आ रही एक बस का संतुलन बिगड़ गया, और सड़क के किनारे साइकिल से जा रहे एक मजदूर को कुचल दिया। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई, पुलिस ने मजदूर की पहचान की कोशिश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
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जानिए यह हैं नियम
इंडियन रोड कांग्रेस (आईआरसी) की गाइड लाइन के अनुसार 17 मीटर रेडियस के राउंडेड हंप के शेप में स्पीड ब्रेकर बनना चाहिए। इसकी चौड़ाई 3.7 मीटर और ऊंचाई 10 सेंटीमीटर हो। गाइड लाइन में साफ लिखा है कि इन ब्रेकरों के निर्माण से वाहन डैमेज नहीं होने चाहिए। इनसे गुजरते समय वाहन चालक या उसमें बैठने वाले लोगों को असुविधा या अन्य प्रकार का नुकसान नहीं होना चाहिए। ब्रेकर का निर्माण करने वाली एजेसिंया, ठेकेदार और सरकारी विभागों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। इसकी मॉनीटरिंग भी लोगों और जन प्रतिनिधियों की ओर से समुचित की जानी चाहिए।
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ब्रेकर से खराब होता है पार्ट
बार-बार स्पीड ब्रेकर से गुजरने पर टकराकर चेसिस टूटने का खतरा रहता है। ब्रेक लगाने पर शाॅकर लीक होने के साथ ही टूट सकता है। बार-बार गियर बदलने पर चेन स्पाॅकिट खराब हो जाता है। इससे वाहन को बड़ा नुकसान हो सकता है। किसी भी पार्ट के खराब होने पर तीन हजार से अधिक खर्च पड़ता है।
-सलीम
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ब्रेकर लगाना है तो रबर का लगाएं
अक्सर जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है। कलक्ट्रेट के पास बना ब्रेकर जानलेवा है। ऊंचाई अधिक होने की वजह से हमेशा गिरने का खतरा बना रहता है। आंखों के सामने कई बार लोग गिर चुके हैं। ब्रेकर लगाना है तो रबर का ब्रेकर लगाएं, उसकी हाइट कम होती है, और लोगों को दिक्कत भी नहीं होगी।
-सर्वेश चतुर्वेदी, शहरवासी
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बार-बार झटकों से होती है बीमारी
शरीर में अचानक कई बार झटका लगने से व्यक्ति को कई प्रकार की बीमारी हो सकती है। इसमें कम में हड्डी व नसों में खिंचाव, पैर में खिंचाव, गर्दन में परेेशानी तो होगी। अगर अचानक गिर जाए तो ब्रेन हैमरेज भी हो सकता है।
-डॉ. कुमार सिद्धार्थ, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
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हाईवे पर ब्रेकर बनाने का नियम नहीं है। यदि कहीं ब्रेकर है, तो उसे चिह्नित कराकर तत्काल एजेंसी के जरिये हटवाया जाएगा। इसमें जरूरत पर प्रशासन की मदद ली जाएगी।
- भावेश अग्रवाल, प्रोजक्टर डॉयरेक्टर, एनएचआई
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खलीलाबाद शहर के नेदुला बाईपास, एसपी आवास, मगहर दुर्गा मंदिर के पास काफी ऊंचे ब्रेकर बने हैं। यही नहीं पुलिस लाइन, मेंहदावल बाईपास, एचआरपीजी कॉलेज के पास बने ब्रेकर को निकाय चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री के आगमन पर हटा दिया गया था, ताकि सीएम के वाहन को झटका न लगे। जहां पर ब्रेकर हैं वह काफी खतरनाक स्थिति में हैं। ऐसे स्थानों पर दुपहिया वाहन चालकों का रोज संतुलन बिगड़ जाता है और उन्हें गिरते-संभलते देेखा जा सकता है।
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इसके बावजूद अफसरों ने इस तरफ कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। एसपी आवास के पास बने ब्रेकर पर अक्सर वाहन चालक संतुलन खो देते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। हर वाहन को गुजरते वक्त उछलना जरूर पड़ता है, जो संभल नहीं पाया उसके जख्मी होने और कोमा में चले जाने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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यही नहीं यह ब्रेकर गले और कमर की हड्डी में भी चोट देते हैं। यह समस्या आम है, लेकिन अधिकारी इससे अनजान बने हुए हैं। वाहन मैकेनिक का कहना है कि इससे वाहन को बड़ी क्षति हो सकती है। शाॅकर के साथ ही अन्य पुर्जे खराब हो सकते हैं।
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केस एक-
19 मई को मगहर के दुर्गा मंदिर स्थित नेशनल हाईवे के पास के बने ब्रेकर से खलीलाबाद के चकिया निवासी पंकज अपनी माता मोहरती देवी (60) को बिठाकर सहजनवां जा रहे थे। बाइक की गति तेज होने की वजह से स्पीड ब्रेकर पर मोहरती देवी उछल कर सड़क पर गिर गईं। इसी बीच पीछे से आ रहे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
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केस दो-
28 अप्रैल को शहर के नेदुआ बाईपास के पास बने ब्रेकर पर तेज गति से आ रही एक बस का संतुलन बिगड़ गया, और सड़क के किनारे साइकिल से जा रहे एक मजदूर को कुचल दिया। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई, पुलिस ने मजदूर की पहचान की कोशिश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
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जानिए यह हैं नियम
इंडियन रोड कांग्रेस (आईआरसी) की गाइड लाइन के अनुसार 17 मीटर रेडियस के राउंडेड हंप के शेप में स्पीड ब्रेकर बनना चाहिए। इसकी चौड़ाई 3.7 मीटर और ऊंचाई 10 सेंटीमीटर हो। गाइड लाइन में साफ लिखा है कि इन ब्रेकरों के निर्माण से वाहन डैमेज नहीं होने चाहिए। इनसे गुजरते समय वाहन चालक या उसमें बैठने वाले लोगों को असुविधा या अन्य प्रकार का नुकसान नहीं होना चाहिए। ब्रेकर का निर्माण करने वाली एजेसिंया, ठेकेदार और सरकारी विभागों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। इसकी मॉनीटरिंग भी लोगों और जन प्रतिनिधियों की ओर से समुचित की जानी चाहिए।
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ब्रेकर से खराब होता है पार्ट
बार-बार स्पीड ब्रेकर से गुजरने पर टकराकर चेसिस टूटने का खतरा रहता है। ब्रेक लगाने पर शाॅकर लीक होने के साथ ही टूट सकता है। बार-बार गियर बदलने पर चेन स्पाॅकिट खराब हो जाता है। इससे वाहन को बड़ा नुकसान हो सकता है। किसी भी पार्ट के खराब होने पर तीन हजार से अधिक खर्च पड़ता है।
-सलीम
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ब्रेकर लगाना है तो रबर का लगाएं
अक्सर जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है। कलक्ट्रेट के पास बना ब्रेकर जानलेवा है। ऊंचाई अधिक होने की वजह से हमेशा गिरने का खतरा बना रहता है। आंखों के सामने कई बार लोग गिर चुके हैं। ब्रेकर लगाना है तो रबर का ब्रेकर लगाएं, उसकी हाइट कम होती है, और लोगों को दिक्कत भी नहीं होगी।
-सर्वेश चतुर्वेदी, शहरवासी
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बार-बार झटकों से होती है बीमारी
शरीर में अचानक कई बार झटका लगने से व्यक्ति को कई प्रकार की बीमारी हो सकती है। इसमें कम में हड्डी व नसों में खिंचाव, पैर में खिंचाव, गर्दन में परेेशानी तो होगी। अगर अचानक गिर जाए तो ब्रेन हैमरेज भी हो सकता है।
-डॉ. कुमार सिद्धार्थ, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
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हाईवे पर ब्रेकर बनाने का नियम नहीं है। यदि कहीं ब्रेकर है, तो उसे चिह्नित कराकर तत्काल एजेंसी के जरिये हटवाया जाएगा। इसमें जरूरत पर प्रशासन की मदद ली जाएगी।
- भावेश अग्रवाल, प्रोजक्टर डॉयरेक्टर, एनएचआई