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भूसा बैंक के लिए नहीं मिली जगह, दोबारा मांगे गए प्रस्ताव

Fri, 05 Jul 2019 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2019 11:42 PM IST
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spce not found for bhusa bank
भूसा बैंक के लिए नहीं मिली जगह, दोबारा मांगे गए प्रस्ताव
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हर न्याय पंचायत में स्थापित होना है भूसा बैंक
छुट्टा पशुओं व सूखे की स्थिति से निपटने के लिए खोजा गया था उपाय
अधिकांश प्रधानों ने पंचायत भवनों का ही भेज दिया है प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थाई पशु आश्रय केेंद्रों में रखे गए पशुओं को चारा और सूखे की स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत क्षेत्र में भूसा बैंक बनाने का निर्देश दिया था। अभी तक किसी भी गांव में इसके लिए स्थल का चयन नहीं हो पाया। अधिकांश ग्राम पंचायतों ने पंचायत भवन को ही इसके लिए चयनित करते हुए प्रस्ताव भेज दिया था। पंचायतीराज विभाग ने दोबारा ग्राम पंचायतों से इस तरह का प्रस्ताव मांगा है।
शासन के निर्देश पर जिले के सभी 83 न्याय पंचायत क्षेत्रों में छुट्टा पशुओं को रखने के लिए एक अस्थाई पशु आश्रय स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। इन आश्रय स्थलों में तकरीबन तीन हजार छुट्टा पशु रखे जाने हैं। इन पशुओं के लिए बरसात में चारे का प्रबंध करना बड़ी समस्या होगी। लिहाजा शासन ने बरसात से पूर्व ही सभी न्याय पंचायत क्षेत्रों में एक-एक भूसा बैंक स्थापित कराने का निर्णय लिया था। भूसे की खरीद कृषि विभाग को करनी है और स्थल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग की है। भूसा बैंक में रखा भूसा बाढ़ व सूखे जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान भी पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए उपयोगी होगा। इसको देखते हुए डीएम ने डीपीआरओ को यथाशीघ्र भूसा बैंक के लिए जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। जून में जारी इस निर्देश के क्रम में डीपीआरओ ने भी ग्राम पंचायतों को पत्र भेजकर भूसा बैंक के लिए निष्प्रयोज्य पड़े सरकारी भवनों का प्रस्ताव भेजने को कहा था। परंतु अभी तक जिले में एक भी ग्राम पंचायत में भूसा बैंक की स्थापना नहीं हो सकी है। सबसे बड़ी दिक्कत स्थान चयन को ही लेकर आ रही है। बघौली समेत कई ग्राम पंचायतों से करीब 50 प्रस्ताव आए हैं लेकिन अधिकांश जगह से पंचायत भवन को ही प्रस्तावित किया गया है। डीपीआरओ ने ऐसे प्रस्तावों को वापस करते हुए नए सिरे से दूसरा स्थान चयनित करते हुए प्रस्ताव भेजने को कहा है।
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डीपीआरओ बोले
पंचायत भवन का उपयोग भूसा रखने के लिए नहीं होना चाहिए। यह ग्राम पंचायत का सबसे महत्वपूर्ण भवन होता है। पंचायत भवन अगर उपयोग में नहीं है तो उसकी मरम्मत कराकर उपयोग लायक बनाया जाना चाहिए। इसीलिए जिन ग्राम पंचायतों से पंचायत भवन को भूसा बैंक बनाने का प्रस्ताव आया था उसे वापस कर दिया गया है। अन्य निष्प्रयोज्य भवनों का इस कार्य के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा गया है। जल्दी ही स्थान का चयन करते हुए रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी को उपलब्ध करा दी जाएगी।
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स्थल चयन होते ही करा देंगे भूसे की खरीद
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा का कहना है कि भूसा बैंक के लिए उचित स्थल चयनित होने की जानकारी मिलते ही भूसे खरीद का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। इसके लिए किसानों व कृषि उत्पाद बेंचने वाले व्यापारियों से बातचीत हो चुकी है। डीपीआरओ से जल्दी ही स्थान चयन करके सूची भेजने की बात कही है।
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