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Sant Kabir Nagar News: कहीं टंकी अधूरी तो कहीं पाइप लाइन बिछाने का काम
Sun, 20 Aug 2023 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 20 Aug 2023 11:43 PM IST
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विकास खंड खलीलाबाद के चकदही गांव में अधूरी पड़ी पानी की टंकी। संवाद
- हर घर जल पहुंचाने की योजना अधर में
-तीन चरणों में 446 गांवों में पेयजल परियोजना को मिली है मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। हर घर जल पहुंचाने के लिए शासन ने जिले के 446 गांवों में पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है। इनमें से 171 गांवों में पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अगस्त तक ये परियोजना पूरी हो जानी थी, लेकिन कहीं टंकी अधूरी है तो कहीं पाइप लाइन ही नहीं डाली जा सकी है। ग्रामीणों को पानी के लिए हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों की आशंका बनी हुई है।
जलजनित बीमारियों से निजात दिलाने और लोगों को स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए शासन ने हर घर जल पहुंचाने की योजना शुरू की है। वर्तमान में 171 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। खलीलाबाद विकास खंड के चकदही, बनकटवा, एकमा सहित कई जगह तेजी से काम शुरू हुआ। बिजली न रहने पर भी पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो, इसके लिए सोलर पैनल लगाया गया। इसके साथ ही पाइप लाइन का काम शुरू हुआ, लेकिन अबतक 60 से 70 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है, जबकि अगस्त में ही इन परियोजनाओं को पूर्ण होना है।
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चकदही में पानी की टंकी रह गई अधूरी
विकास खंड खलीलाबाद के चकदही में सोलर पैनल लगाया गया है। ग्राम पंचायत के नहसापार, चकदही, रानीपार आदि क्षेत्रों में पाइप लाइन भी बिछाई गई, लेकिन पानी की टंकी अभी अधूरी है। वर्तमान में निर्माण कार्य ठप पड़ा है। जहां पर पाइप लाइन डाली गई, वहां भी जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है। लोगों को स्वच्छ पेयजल तो नहीं मिला, बरसात में दुश्वारियां जरूर बढ़ गई हैं। इस क्षेत्र के निवासी रवींद्र कुमार, धर्मेंद्र आदि ने कहा कि पेयजल परियोजना अधूरी रहने से स्वच्छ पानी का संकट बना हुआ है। मजबूरी में हैंडपंपों का पानी पीना पड़ रहा है।
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केरमुआ में बनी पानी की टंकी बेकार
केरमुआ में पानी की टंकी बनी है। ट्यूबवेल भी बनाया गया है। लोगों के घरों में सामने टोटियां लगाई गई हैं। इस परियोजना पर करीब पौने दो करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन टोटियां सूखी पड़ी हैं। मो. ताहिर, अनूप कुमार आदि ने कहा कि इस परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा है। कारण यह है कि जब भी सप्लाई शुरू हो रही है, लीकेज हो जा रहा है। शिकायत के बाद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही पेयजल परियोजनाओं को पूरा करा लिया जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। -संजय जायसवाल, अधिशासी अभियंता, जलनिगम
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-तीन चरणों में 446 गांवों में पेयजल परियोजना को मिली है मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। हर घर जल पहुंचाने के लिए शासन ने जिले के 446 गांवों में पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है। इनमें से 171 गांवों में पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अगस्त तक ये परियोजना पूरी हो जानी थी, लेकिन कहीं टंकी अधूरी है तो कहीं पाइप लाइन ही नहीं डाली जा सकी है। ग्रामीणों को पानी के लिए हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों की आशंका बनी हुई है।
जलजनित बीमारियों से निजात दिलाने और लोगों को स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए शासन ने हर घर जल पहुंचाने की योजना शुरू की है। वर्तमान में 171 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। खलीलाबाद विकास खंड के चकदही, बनकटवा, एकमा सहित कई जगह तेजी से काम शुरू हुआ। बिजली न रहने पर भी पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो, इसके लिए सोलर पैनल लगाया गया। इसके साथ ही पाइप लाइन का काम शुरू हुआ, लेकिन अबतक 60 से 70 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है, जबकि अगस्त में ही इन परियोजनाओं को पूर्ण होना है।
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चकदही में पानी की टंकी रह गई अधूरी
विकास खंड खलीलाबाद के चकदही में सोलर पैनल लगाया गया है। ग्राम पंचायत के नहसापार, चकदही, रानीपार आदि क्षेत्रों में पाइप लाइन भी बिछाई गई, लेकिन पानी की टंकी अभी अधूरी है। वर्तमान में निर्माण कार्य ठप पड़ा है। जहां पर पाइप लाइन डाली गई, वहां भी जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है। लोगों को स्वच्छ पेयजल तो नहीं मिला, बरसात में दुश्वारियां जरूर बढ़ गई हैं। इस क्षेत्र के निवासी रवींद्र कुमार, धर्मेंद्र आदि ने कहा कि पेयजल परियोजना अधूरी रहने से स्वच्छ पानी का संकट बना हुआ है। मजबूरी में हैंडपंपों का पानी पीना पड़ रहा है।
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केरमुआ में बनी पानी की टंकी बेकार
केरमुआ में पानी की टंकी बनी है। ट्यूबवेल भी बनाया गया है। लोगों के घरों में सामने टोटियां लगाई गई हैं। इस परियोजना पर करीब पौने दो करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन टोटियां सूखी पड़ी हैं। मो. ताहिर, अनूप कुमार आदि ने कहा कि इस परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा है। कारण यह है कि जब भी सप्लाई शुरू हो रही है, लीकेज हो जा रहा है। शिकायत के बाद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही पेयजल परियोजनाओं को पूरा करा लिया जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। -संजय जायसवाल, अधिशासी अभियंता, जलनिगम