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कहीं एक तो कहीं दो हजार भुगतान

Tue, 22 Nov 2016 11:00 PM IST
Sant Kabir Nagar
Sant Kabir Nagar Updated Tue, 22 Nov 2016 11:00 PM IST
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So far two thousand than one payment
बखिरा में रकम निकालने के लिए एटीएम खुलने का इतजार करते ग्राहक। - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के 14वें दिन हालात पूरी सामान्य नहीं हुए। ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में रकम की किल्लत दूर न होने से लोगों को कही एक तो कहीं दो हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। यहां के एटीएम बंद हैं। कब इनमें रकम डलेगी यह तय नहीं है। दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में भले ही दोपहर बाद बैंकों में भीड़ कम हो जा रही है, लेकिन एटीएम के बाहर सुबह से लग रही कतार तभी खत्म हो रही है, जब एटीएम में कैश खत्म हो रहा है। 
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खलीलाबाद शहर में स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, कृषि शाखा, विकास भवन स्थित शाखा पर लेनदेन हुआ। ऐसी ही स्थिति पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक आफ इंडिया, यूनियन बैंक, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, बैंक आफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी आदि बैंकों पर रही। इन बैंकों के एटीएम के बाहर सुबह से ही कतार लगी रही। जरूरतमंदों ने एक से घंटों लाइन में खडे़ होकर धन की निकासी की।
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हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार नोट बंदी का असर किसानों के खेती तो व्यापारियों के व्यापार के साथ-साथ शादी विवाह पर पड़ने लगा है। तहसील क्षेत्र धनघटा के अशरफपुर में स्थित पूूर्वांचल बैंक, पूूर्वांचल बैंक टाडा, शनिचरा बाजार, धनघटा के शाखा पर मंगलवार को किसी भी ग्राहक को एक हजार से अधिक का भुगतान नहीं किया गया। 
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बैंक ग्राहक रामनेवास, कपिलदेव, पानमती, सावित्री आदि का कहना था कि खाद व बीज खरीदने के लिए जहां दस से 15 हजार रुपये की आवश्यकता है, वही बैंक से केवल एक हजार रुपये मिल रहे है।

भारतीय स्टेट बैंक की शाखा धनघटा पर सुबह से लाइन में खडे़ बलिराम चौधरी, साधुसरन, पुष्पा, कमलेश आदि ने कहा कि शाम के समय जब उनकी बारी आई तो कैशियर के केवल एक हजार रुपये भुगतान देने की बात की जबकि इसके पहले लोगों को दो से चार हजार तक का भुगतान किया गया। पूूर्वांचल बैंक की शाखा धनघटा पर दो हजार रुपये तक का भुगतान किया गया। शाखा प्रबंधक इरफानुल्लाह का कहना है कि जितनी जरूरत है उतना कै श नही मिल पा रहा है। इस कारण जो मिला है उसमें थोड़ा थोड़ा करके काम चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में एटीएम बंद रहने के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी और ही बढ़ गई है। 


दस रुपये के स्टांप के बदले दे रहे दो हजार को नोट ः मेंहदावल। नोटबंदी केे बाद तहसील पर स्टांप वेंडर परेशान हैं। स्टांप विक्रेताओं ने बताया कि ग्राहक दस रुपये के स्टांप के बदले दो हजार रुपये का नोट थमा दे रहें हैं। इससे खासी दिक्कत हो रही है। स्टांप विक्रेता ज्ञानदेव पांडेय, अब्बास अली, मोहम्मद शरीफ, प्रमोद कुमार, अशोक कुमार, अशोक दूबे आदि ने कहा कि पहले पूरा तहसील परिसर फरियादियों की भीड़ से भरा रहता था, जिसमें तमाम लोग स्टांप खरीदते थे लेकिन इन दिनों हम लोग पूरे के पूरे दिन ग्राहकों का इंतजार करते हैं। नोटबंदी के कारण हमारी दुकानें ग्राहकों से पूरी तरह सूनी हो र्गइं हैं। इस समय खतौनी आदि के लिए भी ग्राहक तहसील में नहीं पहुंच रहे हैं।

 
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