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Sant Kabir Nagar News: दूसरे प्रांत में बैठकर खाते में लगा रहे सेंध... 713 केस में चल रही है जांच
Tue, 24 Sep 2024 01:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 24 Sep 2024 01:21 AM IST
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- साइबर ठगी : एनसीआरबी पोर्टल पर वर्ष 2019 से अब तक 3049 केस दर्ज
- जनवरी से अब तक साइबर थाने में 11 केस पंजीकृत
- बेटे-बेटी को किसी अपराध में पकड़े जाने की बात कहकर कर रहे ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठकर दूसरे प्रांत से साइबर ठग जनपद वासियों के खाते में सेंध लगा रहे हैं। लिंक भेजकर, ओटीपी पूछ कर अथवा बेटे-बेटी को किसी अपराध में पकड़े जाने की बात कहकर ठगी कर रहे हैं। साइबर थाना पुलिस में अभी भी 713 केस की जांच कर रही है।
साइबर थाना प्रभारी आलोक सोनी ने बताया कि जनवरी माह से लेकर अब तक साइबर थाने में 11 केस दर्ज किए गए हैं। एनसीआरबी पोर्टल पर वर्ष 2019 से अब तक 3049 केस दर्ज हुए हैं। इनमें से 713 केस पर अभी भी जांच चल रही है। साइबर ठगी की घटनाओं के जांच में पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, केरल, महाराष्ट्र आदि स्थानों पर रुपये ट्रांसफर होने की बात आई है।
जनवरी से अभी तक जागरूक नागरिकों के सूचना देने के बाद साइबर थाना ने 77 लाख 61 हजार 953 रुपये होल्ड कराकर साइबर ठगों से बचाया है। अब ओटीपी पूछकर ठगी के तरीके पुराने हो गए हैं। साइबर ठग अब नए तरीके से लोगों को चंगुल में फंसाकर बैंक खातों को साफ कर रहे हैं। खुद को क्राइम ब्रांच या अन्य सुरक्षा एजेंसी का अधिकारी बताकर वाट्सएप पर भी ठगी कर रहे हैं।
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ऐसे बनाते हैं निशाना
बेटे-बेटी को किसी केस में फंसने, मोबाइल में एनीडेस्क डाउनलोड कराकर, लिंक भेजकर, केवाईसी, पेट्रोल पंप देने, टावर लगवाने, ओटीपी पूछकर साइबर ठगी की घटना को अंजाम दिया जाता है। वाट्सएप काॅल के जरिए साइबर ठग घटनाओं को अंजाम देकर लाखों रुपये उड़ा चुके हैं। अधिकतर फर्जी सिम के जरिए घटना हुई है।
ये बरतें सावधानी
- किसी भी तरह के ऑफर और लालच में न आएं।
- अनजान व्यक्ति से फोन पर बात करके उसके बहकावे में न आएं।
- अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में रुपये भेजें।
- सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म की आईडी और पासवर्ड मजबूत रखें।
- कोई रुपयों की मांग करता है तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं ट्रेंड में चल रही हैं। लोगों को साइबर ठगों से बचाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। इसके लिए साइबर थाना बराबर काम में जुटा है, जिससे लोगों के मेहनत की कमाई को साइबर ठगों से बचाया जा सके।
- सुशील कुमार सिंह, एएसपी
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- जनवरी से अब तक साइबर थाने में 11 केस पंजीकृत
- बेटे-बेटी को किसी अपराध में पकड़े जाने की बात कहकर कर रहे ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठकर दूसरे प्रांत से साइबर ठग जनपद वासियों के खाते में सेंध लगा रहे हैं। लिंक भेजकर, ओटीपी पूछ कर अथवा बेटे-बेटी को किसी अपराध में पकड़े जाने की बात कहकर ठगी कर रहे हैं। साइबर थाना पुलिस में अभी भी 713 केस की जांच कर रही है।
साइबर थाना प्रभारी आलोक सोनी ने बताया कि जनवरी माह से लेकर अब तक साइबर थाने में 11 केस दर्ज किए गए हैं। एनसीआरबी पोर्टल पर वर्ष 2019 से अब तक 3049 केस दर्ज हुए हैं। इनमें से 713 केस पर अभी भी जांच चल रही है। साइबर ठगी की घटनाओं के जांच में पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, केरल, महाराष्ट्र आदि स्थानों पर रुपये ट्रांसफर होने की बात आई है।
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जनवरी से अभी तक जागरूक नागरिकों के सूचना देने के बाद साइबर थाना ने 77 लाख 61 हजार 953 रुपये होल्ड कराकर साइबर ठगों से बचाया है। अब ओटीपी पूछकर ठगी के तरीके पुराने हो गए हैं। साइबर ठग अब नए तरीके से लोगों को चंगुल में फंसाकर बैंक खातों को साफ कर रहे हैं। खुद को क्राइम ब्रांच या अन्य सुरक्षा एजेंसी का अधिकारी बताकर वाट्सएप पर भी ठगी कर रहे हैं।
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ऐसे बनाते हैं निशाना
बेटे-बेटी को किसी केस में फंसने, मोबाइल में एनीडेस्क डाउनलोड कराकर, लिंक भेजकर, केवाईसी, पेट्रोल पंप देने, टावर लगवाने, ओटीपी पूछकर साइबर ठगी की घटना को अंजाम दिया जाता है। वाट्सएप काॅल के जरिए साइबर ठग घटनाओं को अंजाम देकर लाखों रुपये उड़ा चुके हैं। अधिकतर फर्जी सिम के जरिए घटना हुई है।
ये बरतें सावधानी
- किसी भी तरह के ऑफर और लालच में न आएं।
- अनजान व्यक्ति से फोन पर बात करके उसके बहकावे में न आएं।
- अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में रुपये भेजें।
- सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म की आईडी और पासवर्ड मजबूत रखें।
- कोई रुपयों की मांग करता है तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं ट्रेंड में चल रही हैं। लोगों को साइबर ठगों से बचाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। इसके लिए साइबर थाना बराबर काम में जुटा है, जिससे लोगों के मेहनत की कमाई को साइबर ठगों से बचाया जा सके।
- सुशील कुमार सिंह, एएसपी