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बटाईदार व कांट्रैक्ट किसान क्रय केंद्र पर बेच सकेंगे धान
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बटाईदार व कांट्रैक्ट किसान क्रय केंद्र पर बेच सकेंगे धान
संतकबीरनगर। जिले के बटाईदार और कांट्रैक्ट पर खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है। अब ऐसे किसान भी क्रय केंद्र पर अपना धान बेच सकेंगे। बस इसके लिए भूमि स्वामियों से इन्हें लिखित अनुबंध बनवाना होगा। क्रय केंद्रों पर पहली नवंबर से 29 फरवरी तक धान की खरीद की जाएगी। महिला किसानों के लिए केंद्र पर कतार में लगने की जरूरत नही होगी। ऐसे किसानों को भी खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सीमांत और लघु किसानों के लिए केंद्र पर मंगलवार और बुधवार को विशेष सुविधा मिलेगी।
जानकारी के अनुसार केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। यदि किसान पहले पंजीकृत है तो उन्हें भी नवीनीकरण कराना होगा। साथ ही कुल कितनी भूमि है और कितनी भूमि में धान की खेती की गई है इसकी जानकारी पोर्टल पर देनी होगी। खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक में किसान का नाम समान होना चाहिए।
क्रय केंद्रों के लिए तय किया गया खरीद का लक्ष्य
धान खरीद के लिए इस बार भी पिछले वर्ष की भांति 45 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 39 क्रय केंद्र बनाए जा चुके है। वैसे अभी और पंजीकृत समितियाें को क्रय केंद्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
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धान की कीमत की निर्धारित
साधारण धान की कीमत क्रय केंद्र पर 1815 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ए धान की कीमत 1835 रुपये प्रति क्विंटल रखी गई है। किसानों को 20 रुपये अतिरिक्त धान की उतराई, छनाई और सफाई के मद में अलग से मिलेगा। यदि किसान केंद्र पर 20 रुपये चुकता करेंगे तो उनके खाते में यह धनराशि भेजी जाएगी।
डिप्टी आरएमओ रामानंद जायसवाल ने बताया कि लंबे समय से बटाईदार और कांट्रैक्ट किसान क्रय केंद्रों पर भी धान बेचने की मांग कर रहे थे। अब सूबे की सरकार ने ऐसे किसानों से भी धान खरीद की अनुमति दे दी है।
ऐसे किसानों के पास इन कागजातों का होना जरूरी
शर्त यह है कि बटाईदार खेत के मूल स्वामी के गांव का निवासी होना चाहिए। साथ ही उसका वोटर आईकार्ड, बैंक पास बुक में सामान पता होना चाहिए। बटाईदार अपने नाम से रजिस्ट्रेशन कराएंगे और भू स्वामी से लिखित सहमति पत्र देंगे। जबकि कांट्रैक्ट किसानों के लिए अनुबंध स्टॉप पेपर पर देना होगा। यदि महिला के नाम खेत है और पंजीकरण है तो उन्हें धान बेचने के लिए नंबर नहीं लगाना पडे़गा। धान बेचने में महिला किसानों को सहूलियत दी जाएगी। राजस्व गांवों का भी वर्गीकरण कर समितियों से जोड़ने की कवायद चल रही है ताकि किसानों को परेशानी न हो। जनपद में 13 राइस मिले हैं। इनकी सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद उनका अटैचमेंट किया जाएगा। फिर अनुबंध पत्र की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि सबसे अधिक जोर पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण कराने पर दिया जा रहा है। अब तक सिर्फ 154 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। धान बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण जरूरी है। पहली नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी जो 29 फरवरी 2020 तक चलेगी।
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संतकबीरनगर। जिले के बटाईदार और कांट्रैक्ट पर खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है। अब ऐसे किसान भी क्रय केंद्र पर अपना धान बेच सकेंगे। बस इसके लिए भूमि स्वामियों से इन्हें लिखित अनुबंध बनवाना होगा। क्रय केंद्रों पर पहली नवंबर से 29 फरवरी तक धान की खरीद की जाएगी। महिला किसानों के लिए केंद्र पर कतार में लगने की जरूरत नही होगी। ऐसे किसानों को भी खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सीमांत और लघु किसानों के लिए केंद्र पर मंगलवार और बुधवार को विशेष सुविधा मिलेगी।
जानकारी के अनुसार केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। यदि किसान पहले पंजीकृत है तो उन्हें भी नवीनीकरण कराना होगा। साथ ही कुल कितनी भूमि है और कितनी भूमि में धान की खेती की गई है इसकी जानकारी पोर्टल पर देनी होगी। खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक में किसान का नाम समान होना चाहिए।
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क्रय केंद्रों के लिए तय किया गया खरीद का लक्ष्य
धान खरीद के लिए इस बार भी पिछले वर्ष की भांति 45 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 39 क्रय केंद्र बनाए जा चुके है। वैसे अभी और पंजीकृत समितियाें को क्रय केंद्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
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धान की कीमत की निर्धारित
साधारण धान की कीमत क्रय केंद्र पर 1815 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ए धान की कीमत 1835 रुपये प्रति क्विंटल रखी गई है। किसानों को 20 रुपये अतिरिक्त धान की उतराई, छनाई और सफाई के मद में अलग से मिलेगा। यदि किसान केंद्र पर 20 रुपये चुकता करेंगे तो उनके खाते में यह धनराशि भेजी जाएगी।
डिप्टी आरएमओ रामानंद जायसवाल ने बताया कि लंबे समय से बटाईदार और कांट्रैक्ट किसान क्रय केंद्रों पर भी धान बेचने की मांग कर रहे थे। अब सूबे की सरकार ने ऐसे किसानों से भी धान खरीद की अनुमति दे दी है।
ऐसे किसानों के पास इन कागजातों का होना जरूरी
शर्त यह है कि बटाईदार खेत के मूल स्वामी के गांव का निवासी होना चाहिए। साथ ही उसका वोटर आईकार्ड, बैंक पास बुक में सामान पता होना चाहिए। बटाईदार अपने नाम से रजिस्ट्रेशन कराएंगे और भू स्वामी से लिखित सहमति पत्र देंगे। जबकि कांट्रैक्ट किसानों के लिए अनुबंध स्टॉप पेपर पर देना होगा। यदि महिला के नाम खेत है और पंजीकरण है तो उन्हें धान बेचने के लिए नंबर नहीं लगाना पडे़गा। धान बेचने में महिला किसानों को सहूलियत दी जाएगी। राजस्व गांवों का भी वर्गीकरण कर समितियों से जोड़ने की कवायद चल रही है ताकि किसानों को परेशानी न हो। जनपद में 13 राइस मिले हैं। इनकी सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद उनका अटैचमेंट किया जाएगा। फिर अनुबंध पत्र की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि सबसे अधिक जोर पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण कराने पर दिया जा रहा है। अब तक सिर्फ 154 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। धान बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण जरूरी है। पहली नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी जो 29 फरवरी 2020 तक चलेगी।