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Sant Kabir Nagar News: कृषि को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए वैज्ञानिक तकनीक आवश्यक

Thu, 22 Oct 2026 11:44 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:44 PM IST
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Scientific techniques are essential for making agriculture environmentally friendly.
कोचरी में आयोजित किसान गोष्ठी में मौजूद किसान-स्रोत कृ​षि विज्ञान केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
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धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीपीएन गौतम ने किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धति अपनाने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा खेती की लागत कम करके आय बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि वर्तमान समय में कृषि को अधिक टिकाऊ, लाभकारी एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए वैज्ञानिक तकनीक को अपनाना आवश्यक है।
वह कृषि विज्ञान केंद्र बगही एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 22 अक्तूबर से 30 नवंबर तक संचालित खेती बचाओ अभियान के अंतर्गत बृहस्पतिवार को विकासखंड हैंसर बाजार के कोचरी गांव में किसान गोष्ठी में बोल रहे थे।
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इस दाैरान उन्होंने फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करने, मिट्टी की नियमित जांच कराने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य सुरक्षित रखकर ही लंबे समय तक कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता को बनाए रखा जा सकता है। साथ ही, किसानों को स्थानीय परिस्थितियों एवं मौसम के अनुकूल फसलों का चयन करने तथा आधुनिक कृषि यंत्रों का समुचित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
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इस अवसर पर डॉ. देवेश कुमार ने फसल अवशेष प्रबंधन एवं विभिन्न कृषि यंत्रों की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फसल अवशेषों के उचित निस्तारण, कृषि कार्यों में मशीनों के प्रभावी उपयोग तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से श्रम एवं खेती की लागत कम करने के उपाय बताए। डॉ. अभिनव सिंह ने किसानों को कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र की प्रसार गतिविधियों, वैज्ञानिक कृषि तकनीकों के प्रभावी प्रसार तथा किसानों तक नवीन कृषि ज्ञान पहुंचाने के महत्व के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों से अपील की गई कि वे वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करें तथा प्राकृतिक संसाधनों एवं मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण करते हुए कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र कुमार, एडीओ कृषि फिरतु राम आदि मौजूद रहे।
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