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Sant Kabir Nagar News: वायरल के साथ हाथ-पैर-चेहरे पर संक्रमण का भी खतरा
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जिला अस्पताल में बच्चे संग इलाज के लिए पहुंचे लोग-संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। वायरल के साथ अब बच्चों में हैंड माउथ फुट डिसीज के इंफेक्शन (हाथ, पैर, चेहरे व मुंह में दाने) का खतरा मंडरा रहा है। हवा से फैलने वाले इस वायरस के शिकार प्रतिदिन 20 से 25 मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इलाज के साथ ही चिकित्सक बचाव के उपाय बता रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों वायरल के साथ-साथ हैंड माउथ फुट डिसीज वायरल इंफेक्शन के मरीज आ रहे हैं। छोटे बच्चों में बुखार और गले में खराश के साथ-साथ मुंह, हाथ, पैरों पर लाल दाने होते हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि उनकी ओपीडी में प्रतिदिन चार से पांच बच्चे इस बीमारी का शिकार होकर आ रहे हैं। इसी तरह से कुल 20 से 25 बच्चे प्रतिदिन आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह कॉक्ससैकी वायरस से फैलती है। यह हवा से फैलने वाला रोग है। इसमें बच्चों को सामान्य रूप से पैरासिटामॉल के साथ अन्य मल्टी विटामिन की दवाएं दी जाती हैं। संक्रमण से फैलने वाले इस रोग के शिकार बच्चों को खास एहतियात की जरूरत होती है। इस रोग के मरीज दवाओं से सात से 10 दिन के अंतराल में ठीक हो जाते हैं।
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संतकबीरनगर। वायरल के साथ अब बच्चों में हैंड माउथ फुट डिसीज के इंफेक्शन (हाथ, पैर, चेहरे व मुंह में दाने) का खतरा मंडरा रहा है। हवा से फैलने वाले इस वायरस के शिकार प्रतिदिन 20 से 25 मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इलाज के साथ ही चिकित्सक बचाव के उपाय बता रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों वायरल के साथ-साथ हैंड माउथ फुट डिसीज वायरल इंफेक्शन के मरीज आ रहे हैं। छोटे बच्चों में बुखार और गले में खराश के साथ-साथ मुंह, हाथ, पैरों पर लाल दाने होते हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि उनकी ओपीडी में प्रतिदिन चार से पांच बच्चे इस बीमारी का शिकार होकर आ रहे हैं। इसी तरह से कुल 20 से 25 बच्चे प्रतिदिन आ रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि यह कॉक्ससैकी वायरस से फैलती है। यह हवा से फैलने वाला रोग है। इसमें बच्चों को सामान्य रूप से पैरासिटामॉल के साथ अन्य मल्टी विटामिन की दवाएं दी जाती हैं। संक्रमण से फैलने वाले इस रोग के शिकार बच्चों को खास एहतियात की जरूरत होती है। इस रोग के मरीज दवाओं से सात से 10 दिन के अंतराल में ठीक हो जाते हैं।
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