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सरयू नहर का बेड टूटने खेतों में भरा पानी
Wed, 05 Jun 2019 11:17 PM IST
राकेश पांडेय
santkabirnagar
santkabirnagar
Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 05 Jun 2019 11:17 PM IST
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टूटी सरयू नहर।
- फोटो : amar ujala
बखिरा। सरयू नहर में पानी छोड़े जाते ही नहर के दोनों तरफ की मिट्टी तेजी से कटने लगी है। मंगलवार की देर रात पचेठी गांव के पास पानी की धारा से एक तरफ का बेड कट गया। इससे पचेठी, मलिकजोत, गौरा समेत कई गांवों के खेतों में पानी भर गया है। नहर का बहता पानी आबादी के नजदीक तक पहुंच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के अफसरों को सूचना देने के बाद भी न तो नहर में पानी बंद किया गया और न ही टूटे बेड की मरम्मत कराई जा रही है।
शासन की प्राथमिकता है कि नहरों की मरम्मत कराकर खेती के लिए पानी की उपलब्धता आसान हो। इसके लिए सरयू नहर का भी निर्माण व मरम्मत कार्य तेजी से हो रहा है। नंदौर, परसोहिया, खूंटवा, पचेठी, हरदी, सिहटीकर होते हुए नेवासे गांव तक नहर का निर्माण लगभग पूरा करा लिया है। इसके बाद नहर में पानी छोड़ा गया है। किन्तु नहर के दोनों किनारे पर बनाए गए बेड की मिट्टी नई होने के चलते अभी वह पानी का दबाव झेल नहीं पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार की शाम को ही पचेठी गांव के पास नहर की मिट्टी कटने लगी। देर रात नहर के एक पटरी का बेड करीब आठ फीट चौड़ाई में कट गया। इससे नहर का पानी तेजी से पचेठी, मलिकजोत व गौरा गांव के सीवान में फैलने लगा। सुबह तक खेतों में भरता हुआ पानी इन गांवों की आबादी के नजदीक तक पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का प्रवाह नहीं रुका तो घरों में पानी भर सकता है। ग्रामीण रामकिशुन, दयाराम, करीम, असफाक, रियाज अहमद, मीना, कलावती, रामसुमेर ने बताया कि सिंचाई विभाग के अफसरों को इसकी सूचना दी गई लेकिन किसी ने अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया है। नहर का पानी लगातार कटे हिस्से से बह रहा है।
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शासन की प्राथमिकता है कि नहरों की मरम्मत कराकर खेती के लिए पानी की उपलब्धता आसान हो। इसके लिए सरयू नहर का भी निर्माण व मरम्मत कार्य तेजी से हो रहा है। नंदौर, परसोहिया, खूंटवा, पचेठी, हरदी, सिहटीकर होते हुए नेवासे गांव तक नहर का निर्माण लगभग पूरा करा लिया है। इसके बाद नहर में पानी छोड़ा गया है। किन्तु नहर के दोनों किनारे पर बनाए गए बेड की मिट्टी नई होने के चलते अभी वह पानी का दबाव झेल नहीं पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार की शाम को ही पचेठी गांव के पास नहर की मिट्टी कटने लगी। देर रात नहर के एक पटरी का बेड करीब आठ फीट चौड़ाई में कट गया। इससे नहर का पानी तेजी से पचेठी, मलिकजोत व गौरा गांव के सीवान में फैलने लगा। सुबह तक खेतों में भरता हुआ पानी इन गांवों की आबादी के नजदीक तक पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का प्रवाह नहीं रुका तो घरों में पानी भर सकता है। ग्रामीण रामकिशुन, दयाराम, करीम, असफाक, रियाज अहमद, मीना, कलावती, रामसुमेर ने बताया कि सिंचाई विभाग के अफसरों को इसकी सूचना दी गई लेकिन किसी ने अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया है। नहर का पानी लगातार कटे हिस्से से बह रहा है।
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