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Siddharthnagar News: बारिश में बढ़ा दूषित पानी का खतरा, जार की बढ़ी मांग
Sat, 25 Jul 2026 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:38 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश के बाद शहर और आसपास के इलाकों में जगह-जगह जलभराव होने से निचले भूजल स्रोतों के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। कई मोहल्लों में लोग हैंडपंप और नल के पानी को लेकर सतर्क हो गए हैं। ऐसे में एक बार फिर 20 लीटर आरओ जार की मांग तेजी से बढ़ गई है।
हालांकि लोगों का कहना है कि बाजार से मिलने वाले जार के पानी की गुणवत्ता पर भी पूरा भरोसा नहीं है। वहीं, जानकारों का कहना है कि लंबे समय तक मानक विहीन पानी पीने से पेट, आंत, यूरिन इंफेक्शन, थायराइड और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान कई निचले इलाकों में पानी कई दिनों तक भरा रहा। ऐसे समय गंदा पानी जमीन में रिसकर उथले जल स्रोतों तक पहुंच सकता है।
यदि पाइपलाइन में लीकेज हो तो सीवर या जलभराव का पानी भी पेयजल आपूर्ति में मिल सकता है। इसी आशंका के चलते शहर के शास्त्री नगर, बाल्मीकि नगर, ऑफिसर्स कॉलोनी, कांशीराम आवास, आजाद नगर सहित कई इलाकों में लोग पीने के लिए बाजार से आरओ जार मंगा रहे हैं।
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पानी सप्लाई करने वाले कारोबारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में मांग बढ़ी है। कई परिवार अब रोज 20 लीटर का जार खरीद रहे हैं। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
कई दिनों तक रही किल्लत : अभी पिछले हफ्ते पानी सप्लाई का मोटर खराब होने से कांशीराम, ऑफिसर्स कॉलोनी, बाल्मिकीनगर व शास्त्रीनगर के पांच हजार घरों में बीते छह दिन तक जलापूर्ति ठप रही।
मोटर मरम्मत कर किसी तरह चालू किया गया तो लोगों के घरों में गंदा पानी आने लगा। इसके बाद फिर पानी सप्लाई बंद करनी पड़ी थी। कई दिनों तक लोग पानी की किल्लत से जूझते रहे।
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सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश के बाद शहर और आसपास के इलाकों में जगह-जगह जलभराव होने से निचले भूजल स्रोतों के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। कई मोहल्लों में लोग हैंडपंप और नल के पानी को लेकर सतर्क हो गए हैं। ऐसे में एक बार फिर 20 लीटर आरओ जार की मांग तेजी से बढ़ गई है।
हालांकि लोगों का कहना है कि बाजार से मिलने वाले जार के पानी की गुणवत्ता पर भी पूरा भरोसा नहीं है। वहीं, जानकारों का कहना है कि लंबे समय तक मानक विहीन पानी पीने से पेट, आंत, यूरिन इंफेक्शन, थायराइड और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान कई निचले इलाकों में पानी कई दिनों तक भरा रहा। ऐसे समय गंदा पानी जमीन में रिसकर उथले जल स्रोतों तक पहुंच सकता है।
यदि पाइपलाइन में लीकेज हो तो सीवर या जलभराव का पानी भी पेयजल आपूर्ति में मिल सकता है। इसी आशंका के चलते शहर के शास्त्री नगर, बाल्मीकि नगर, ऑफिसर्स कॉलोनी, कांशीराम आवास, आजाद नगर सहित कई इलाकों में लोग पीने के लिए बाजार से आरओ जार मंगा रहे हैं।
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पानी सप्लाई करने वाले कारोबारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में मांग बढ़ी है। कई परिवार अब रोज 20 लीटर का जार खरीद रहे हैं। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
कई दिनों तक रही किल्लत : अभी पिछले हफ्ते पानी सप्लाई का मोटर खराब होने से कांशीराम, ऑफिसर्स कॉलोनी, बाल्मिकीनगर व शास्त्रीनगर के पांच हजार घरों में बीते छह दिन तक जलापूर्ति ठप रही।
मोटर मरम्मत कर किसी तरह चालू किया गया तो लोगों के घरों में गंदा पानी आने लगा। इसके बाद फिर पानी सप्लाई बंद करनी पड़ी थी। कई दिनों तक लोग पानी की किल्लत से जूझते रहे।