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Sant Kabir Nagar News: यूपीएग्रीस परियोजना के तहत धान की रोपाई शुरू
Thu, 02 Jul 2026 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:25 AM IST
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संतकबीरनगर। यूपीडॉस्प, लखनऊ की ओर से संचालित यूपीएग्रीस परियोजना के तहत जिले में उन्नत फसल उत्पादन प्रदर्शनों के अंतर्गत धान की रोपाई शुरू हो गई है। किसानों को मुफ्त में उन्नत किस्म के धान के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इससे जिले में 488 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती रोपाई और सीधे बीज बोने (डीएसआर) दोनों विधियों से कराई जा रही है। डीपीएम डॉ. विनोद कुमार और उप कृषि निदेशक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि परियोजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए वरिष्ठ उप प्रबंधक (कृषि) अमित कुमार और इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईआरआरआई), फिलीपींस से चयनित राजू कुमार ने बघौली ब्लॉक के मलोरना गांव का दौरा किया।
उन्होंने किसान श्रीकांत के खेत में तैयार नर्सरी से पीआर-126 किस्म की धान की रोपाई का निरीक्षण कर किसानों को आवश्यक तकनीकी सलाह दी।
अधिकारियों ने बताया कि मलोराना गांव में आठ हेक्टेयर क्षेत्र में सीधे धान की बुआई, 11 हेक्टेयर में रोपाई तथा दो हेक्टेयर में हरी खाद के लिए मिनीकिट वितरित किए गए हैं। किसानों को ढैंचा समेत हरी खाद के बीज भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ टिकाऊ खेती को बढ़ावा दिया जा सके। उप कृषि निदेशक डॉ आरके सिंह ने कहा कि उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक तकनीकों और हरी खाद के उपयोग से संतकबीरनगर ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के काफी किसान मौजूद रहे।
उन्होंने किसान श्रीकांत के खेत में तैयार नर्सरी से पीआर-126 किस्म की धान की रोपाई का निरीक्षण कर किसानों को आवश्यक तकनीकी सलाह दी।
अधिकारियों ने बताया कि मलोराना गांव में आठ हेक्टेयर क्षेत्र में सीधे धान की बुआई, 11 हेक्टेयर में रोपाई तथा दो हेक्टेयर में हरी खाद के लिए मिनीकिट वितरित किए गए हैं। किसानों को ढैंचा समेत हरी खाद के बीज भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ टिकाऊ खेती को बढ़ावा दिया जा सके। उप कृषि निदेशक डॉ आरके सिंह ने कहा कि उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक तकनीकों और हरी खाद के उपयोग से संतकबीरनगर ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के काफी किसान मौजूद रहे।
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