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फौजियों की नर्सरी तैयार कर रहे हैं सेवानिवृत्त फौजी
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फौजियों की नर्सरी तैयार कर रहे हैं सेवानिवृत्त फौजी
राकेश यादव ने किराए पर एक एकड़ खेत लेकर बना दिया खेल का मैदान
छह युवा आर्मी में हो चुके हैं भर्ती
धनघटा(संतकबीरनगर)। क्षेत्र के युवाओं को फौज में भर्ती कराने का बीड़ा सेवानिवृत्त फौजी राकेश यादव ने उठा रखा की। हैंसर बाजार में एक किसान से एक एकड़ खेत किराए पर लेकर खेल का मैदान बनाया। उसी में सुबह-शाम युवाओं को अभ्यास कराते हैं। तीन सालों में छह युवाओं को आर्मी में नौकरी भी मिल चुकी है।
सेवानिवृत्त फौजी का सपना है क्षेत्र के अधिक से अधिक से युवा फौज और पुलिस में जाकर देश और समाज की सेवा करें। हैंसर बाजार ब्लॉक क्षेत्र में खेल का मैदान नहीं है। युवा रामजानकी मार्ग और संपर्क मार्गों पर सुबह-शाम दौड़ का अभ्यास करते थे। वर्ष 2019 में आर्मी में हवलदार पद से सेवानिवृत्त होकर राकेश यादव अपने घर कंचनपुर गांव पहुंचे। युवाओं को सड़क पर दौड़ लगाते देखकर उनके मन में मदद का विचार आया।
विभिन्न माध्यम से आसपास के गांवों के करीब 250 से अधिक युवाओं से संपर्क स्थापित किया। युवाओं ने उन्हें अपनी समस्या बताई। इसके बाद राकेश यादव ने हैंसर बाजार निवासी एक व्यक्ति से एक एकड़ खेत किराए पर लिया। उसके एवज में किसान को वह प्रति वर्ष 50 हजार रुपये देते हैं। उसी में खेल का मैदान बनाया है। सेवानिवृत्त फौजी राकेश यादव का कहना है कि उनका सपना है क्षेत्र के युवाओं को फौज, पुलिस, पीएसी में जाने का मौका मिले। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के युवा आर्मी और अन्य सुरक्षा सेवाएं में अधिक संख्या में भर्ती होते हैं।
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उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जिला ऐसा है, जहां हर गांव में काफी संख्या में लोग फौज और अन्य सरकारी संस्थाओं में नौकरी करते हैं। वर्ष 2019 से वह युवाओं की तैयारी करा रहे हैं। तब से सिर्फ एक भर्ती आर्मी की हुई है। उसमें युवा सर्वेश, पवन, अभिमन्यु, रामपाल, सुभाष और सुरेश को आर्मी में भर्ती होने का मौका मिला। कुछ युवा फौज के मानक से अधिक उम्र हो जाने की वजह से निजी संस्थाओं में गार्ड की नौकरी कर रहे हैं। वह बताते हैं कि अग्निवीर बनने के लिए तीनों सेवाओं में जाने की तैयारी क्षेत्र के युवा कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि अधिक से अधिक युवा फौज में भर्ती होकर देश और समाज की सेवा करेंगे।
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ग्रामीण क्षेत्र में खेल की सुविधा नहीं होने से युवाओं को मलाल
हकीमपुर निवासी राम प्रकाश, नन्हिया नायक निवासी राधेश्याम, मिठना निवासी राहुल, प्रसादपुर गांव निवासी सुभाष, जयकरन, सोनडीहा गांव के रघुनाथ, राम प्रसाद, डुहिया कला के धर्मेंद्र, राजेश, रामचेत ने बताया कि पहले वह लोग सड़क और पगडंडी पर दौड़ लगाते थे। सेवानिवृत्त फौजी राकेश यादव की पहल से खेल का मैदान मिला। अब वहां अभ्यास कराते हैं। युवाओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्टेडियम की सुविधा हो जाए तो युवाओं को दौड़ आदि का अभ्यास करने में सहूलियत होगी।
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राकेश यादव ने किराए पर एक एकड़ खेत लेकर बना दिया खेल का मैदान
छह युवा आर्मी में हो चुके हैं भर्ती
धनघटा(संतकबीरनगर)। क्षेत्र के युवाओं को फौज में भर्ती कराने का बीड़ा सेवानिवृत्त फौजी राकेश यादव ने उठा रखा की। हैंसर बाजार में एक किसान से एक एकड़ खेत किराए पर लेकर खेल का मैदान बनाया। उसी में सुबह-शाम युवाओं को अभ्यास कराते हैं। तीन सालों में छह युवाओं को आर्मी में नौकरी भी मिल चुकी है।
सेवानिवृत्त फौजी का सपना है क्षेत्र के अधिक से अधिक से युवा फौज और पुलिस में जाकर देश और समाज की सेवा करें। हैंसर बाजार ब्लॉक क्षेत्र में खेल का मैदान नहीं है। युवा रामजानकी मार्ग और संपर्क मार्गों पर सुबह-शाम दौड़ का अभ्यास करते थे। वर्ष 2019 में आर्मी में हवलदार पद से सेवानिवृत्त होकर राकेश यादव अपने घर कंचनपुर गांव पहुंचे। युवाओं को सड़क पर दौड़ लगाते देखकर उनके मन में मदद का विचार आया।
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विभिन्न माध्यम से आसपास के गांवों के करीब 250 से अधिक युवाओं से संपर्क स्थापित किया। युवाओं ने उन्हें अपनी समस्या बताई। इसके बाद राकेश यादव ने हैंसर बाजार निवासी एक व्यक्ति से एक एकड़ खेत किराए पर लिया। उसके एवज में किसान को वह प्रति वर्ष 50 हजार रुपये देते हैं। उसी में खेल का मैदान बनाया है। सेवानिवृत्त फौजी राकेश यादव का कहना है कि उनका सपना है क्षेत्र के युवाओं को फौज, पुलिस, पीएसी में जाने का मौका मिले। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के युवा आर्मी और अन्य सुरक्षा सेवाएं में अधिक संख्या में भर्ती होते हैं।
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उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जिला ऐसा है, जहां हर गांव में काफी संख्या में लोग फौज और अन्य सरकारी संस्थाओं में नौकरी करते हैं। वर्ष 2019 से वह युवाओं की तैयारी करा रहे हैं। तब से सिर्फ एक भर्ती आर्मी की हुई है। उसमें युवा सर्वेश, पवन, अभिमन्यु, रामपाल, सुभाष और सुरेश को आर्मी में भर्ती होने का मौका मिला। कुछ युवा फौज के मानक से अधिक उम्र हो जाने की वजह से निजी संस्थाओं में गार्ड की नौकरी कर रहे हैं। वह बताते हैं कि अग्निवीर बनने के लिए तीनों सेवाओं में जाने की तैयारी क्षेत्र के युवा कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि अधिक से अधिक युवा फौज में भर्ती होकर देश और समाज की सेवा करेंगे।
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ग्रामीण क्षेत्र में खेल की सुविधा नहीं होने से युवाओं को मलाल
हकीमपुर निवासी राम प्रकाश, नन्हिया नायक निवासी राधेश्याम, मिठना निवासी राहुल, प्रसादपुर गांव निवासी सुभाष, जयकरन, सोनडीहा गांव के रघुनाथ, राम प्रसाद, डुहिया कला के धर्मेंद्र, राजेश, रामचेत ने बताया कि पहले वह लोग सड़क और पगडंडी पर दौड़ लगाते थे। सेवानिवृत्त फौजी राकेश यादव की पहल से खेल का मैदान मिला। अब वहां अभ्यास कराते हैं। युवाओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्टेडियम की सुविधा हो जाए तो युवाओं को दौड़ आदि का अभ्यास करने में सहूलियत होगी।