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Sant Kabir Nagar News: सुलझाएं जमीन संबंधी विवाद, वरना हो सकता है देवरिया जैसा कांड
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मेंहदावल तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियो की समस्या सुनते विधायक अनिल तिवारी,
संपूर्ण समाधान दिवस में आए जमीन के विवाद के ज्यादा मामले
कई फरियादियों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर देवरिया जैसी घटना होने की जताई आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। तीनों तहसील मुख्यालयों पर शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कई ऐसे प्रकरण आए, जिसमें जमीन संबंधी विवाद को लेकर पीड़ित परेशान नजर आएं। कोई मेड़बंदी कराने को लेकर तो कोई बैनामे की जमीन पर कब्जा पाने के लिए फरियाद लगाई। कुछ पीड़ितों ने तो अधिकारियों से यहां तक कहा कि उसके जमीन का विवाद सुलझाएं, वरना देवरिया जैसा कांड हो सकता है।
खलीलाबाद तहलील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एएसपी संतोष कुमार सिंह, एसडीएम शैलेश दूबे लोगों की फरियाद सुन रहे थे। उसी दौरान बनकटा के प्रहलाद पुत्र हूबराज पहुंचे और प्रार्थना पत्र दिए। उन्होंने बताया कि वह जमीन की धारा 24 के अंतर्गत पक्की पैमाइश करवाई थी। पैमाइश के बाद वह अपनी जमीन की मेड़बंदी कराना चाह रहे थे, लेकिन विपक्षी मेड़बंदी नहीं होने दिए। आरोप है कि लोग उसे मारपीट कर घायल कर दिए। जिसका केस दर्ज है। आरोप है कि विपक्षी मनबढ़ और इतने दबंग है कि धमकी दे रहे हैं कि देवरिया जैसी घटना की पुनरावृत्ति यहां भी कर देंगे। इससे उसका पूरा परिवार सहम गया है। ऐसे में देवरिया की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पुलिस बल के साथ उसकी जमीन की तत्काल मेड़बंदी करवाने के साथ-साथ प्रशासन का कीमती समय बर्बाद कराने वाले विपक्षियों पर केस दर्ज कराएं।
तिघरा निवासी राम नरेश पुत्र राम सुभग ने प्रार्थना पत्र देकर फरियाद लगाई कि उसकी जमीन को अगल-अगल के लोग कब्जा कर रहे हैं। जिससे खेती करना कठिन हो गया है। उसकी जमीन की पैमाइश करा कर कब्जा दिलाएं। कटका गांव निवासी धर्मनाथ सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर जमीन की शिकायत की। अपने हिस्से की जमीन दिलाने की मांग की। नहसापार के राजदेव ने प्रार्थना पत्र दिया और बताया कि विपक्षी जमीन की पैमाईश बिना कराए ही उसकी जमीन में मकान निर्माण कराना चाहते है। मुंडेरवा उर्फ दलेलगंज के रहने वाले कृष्णभान उर्फ भुवर ने प्रार्थना पत्र दिया और कहा कि उसकी खतौनी में गड़बड़ी हो गई है। इसमें सुधार नही हो पा रहा है। थुरंडा की रहने वाली खुशनुमा पत्नी अहमद रजा ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया। उन्होने बताया कि उसके पति दो भाई हैं। सास के नाम से थुरंडा में जमीन थी। सास की मौत के बाद दोनों बेटों का नाम वरासत के आधार पर खतौनी में दर्ज हो गया। उसके पति शराब पीने के आदती हैं। आरोप है कि एक व्यक्ति ने उसके पति को दस लाख में जमीन का सौदा किया और बिना रकम दिए ही जमीन का बैनामा करा लिया। उसके पति ने उक्त जमीन अपनी कमाई से नहीं खरीदी है, जमीन वरासत से मिला है। ऐसे में उक्त बैनामे को निरस्त कराने एवं खतौनी से हटवाने की मांग की। काटडिहेश की पूजा देवी ने पोखरे की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की। मैलानी के बसंत कुमार भी अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाए। विनय पाठक,श्याम बिहारी आदि ने पंचायत भवन मंझरिया में न करा कर राजस्व गांव जोरवा या फिर बनभार में कराए जाने की मांग की। यहां कुल 60 मामले आए और सिर्फ तीन मामले ही मौके पर निस्तारित हो पाएं।
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जमीन संबंधी विवाद को लेकर गंभीर नहीं दिखे जिम्मेदार
संपूर्ण समाधान दिवस में निभाई गई औपचारिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। देवरिया जिले में जमीन विवाद को लेकर हुए नरसंहार से शासन भले हिल गया है, लेकिन उसका असर शनिवार को धनघटा तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में नहीं दिखा। समाधान दिवस में पेश हुए 68 मामलों में से पांच का निस्तारण मौके पर ही कर दिए जाने का दावा भले ही अफसर कर रहे हो, लेकिन हकीकत में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण किस तरह हो रहा है। यह फरियादियों के चेहरे पर साफ दिख रहा था।
देवरिया में जमीन संबंधी विवाद में दो अक्टूबर को दो परिवारों के छह लोगों की हत्या ने देश और प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। सोशल मीडिया समेत लोगों की जुबान पर यह चर्चा जोरों पर है कि जमीन संबंधित मामलों में प्रशासन यदि समय से सचेत होकर करवाई कर दे तो शायद इस तरह की घटनाएं घटित नहीं होगी। देवरिया कांड के बाद आयोजित संपूर्ण समाधान की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार ने की। जिसमें 56 मामले राजस्व विभाग से संबंधित आए तो 12 मामले अन्य विभागों से जुड़े रहे। संपूर्ण समाधान दिवस में फरियाद लेकर आने वालों का कहना था कि लंबे समय से जमीन का विवाद चला आ रहा है। हर संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देता चला आ रहा हूं, लेकिन झूठी रिपोर्ट लगाकर समस्याओं का समाधान कर दिया जा रहा है।
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केस एक
धनघटा क्षेत्र के गाईबसंतपुर के रहने वाले विनोद पुत्र स्वर्गीय विक्रमादित्य ने बताया कि उनका सोनडीहा में मकान है। मकान के ीपीछे रमावती देवी से वर्ष 2021 में साढे़ दस बिस्वा जमीन लिए हैं। जमीन का दाखिल खारिज भी हो गया है। आरोप है कि उसकी जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर लिए हैं। अपने बैनामे की जमीन पर कब्जा पाने के लिए डीएम, एसडीएम, एसपी, एएसपी से लेकर सीएम तक प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सांसद और क्षेत्रीय विधायक भी अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या का समाधान कराए जाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हो रहा है। विपक्षी इतने दबंग है कि देवरिया जैसी घटना की पुनरावृत्ति यहां भी कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से जमीन पर कब्जा दिलाए जाने की मांग की।
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केस दो
हरिहरपुर निवासी ओमप्रकाश पुत्र छेदीलाल ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 8 मार्च 1996 में उनके पिताजी राम शब्द पुत्र रामदास से जमीन लिए। उसका खारिज दाखिल भी हो गया, लेकिन खतौनी में राम शब्द पुत्र रामदास ही अंकित है। खतौनी को ठीक करने के लिए तभी से दौड़ लग रहा हूं। समस्याएं ज्यों की त्यों पड़ी हुई हैं।
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केस तीन
मुंडेरा गांव निवास शिवसागर पुत्र रंगीलाल ने दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा कि 17 जुलाई 2020 को गांव निवासी एक व्यक्ति से पांच बिस्वा जमीन बैनामा लिया। दाखिल खारिज भी हो गई। जिस जमीन को बैनामा लिया है, उस जमीन के कुछ हिस्से पर गांव निवासी दूसरे व्यक्ति ने कब्जा कर रखा है। जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए तभी से प्रार्थना पत्र दे रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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केस चार
रामपुर गांव निवासी कृष्ण कुमार पुत्र जवाहिर का कहना है कि मेरे खेत के बगल से चकरोड गया है। उस मार्ग पर दूसरे लोग कब्जा किए हुए हैं, लेकिन प्रधान हमारे खेत में चकरोड का निर्माण करा दिए। चकरोड की पैमाइश करने के लिए दो वर्ष से प्रार्थना पत्र दे रहा हूं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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केस पांच
भरतपुरा गांव निवासी मक्खन पुत्र छोटेलाल का कहना है कि 7 अगस्त 2020 को उनकी जमीन को तत्कालीन एसडीएम ने आबादी घोषित किया। आबादी को खतौनी में दर्ज करने के लिए तीन वर्ष से प्रार्थना पत्र दे रहा हूं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों त्यों पड़ी हुई है।
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साहब : आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बेच दे रही पुष्टाहार
मेंहदावल। शनिवार को मेंहदावल तहसील सभागार में डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी सत्यजीत गुप्ता ने लोगो की फरियाद सुनी। यहां कुल 105 प्रार्थना पत्र आए और मौके पर केवल 12 मामलों का निस्तारण हो पाया। ग्राम पंचायत भरथुआ में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात कार्यकत्री पर पुष्टाहार बेचने का आरोप लगाते हुए ग्राम सभा बेलवा के लोगों ने डीएम से शिकायत की। लोगों ने कहा कि साहब मेरे गांव में स्थित आंगनवाडी केंद्र पर तैनात कार्यकर्ता केंद्र के बच्चों को पुष्टाहार देने की जगह कालाबाजारी कर बेच दे रही है। जब पशु आहार न मिलने की शिकायत दर्ज कराई जाती है तब उसके परिवार के सदस्य गाली गलौज देते हुए फौजदारी पर आमादा हो जाते हैं। डीएम ने ग्रामीणों की शिकायत सुनकर जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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कई फरियादियों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर देवरिया जैसी घटना होने की जताई आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। तीनों तहसील मुख्यालयों पर शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कई ऐसे प्रकरण आए, जिसमें जमीन संबंधी विवाद को लेकर पीड़ित परेशान नजर आएं। कोई मेड़बंदी कराने को लेकर तो कोई बैनामे की जमीन पर कब्जा पाने के लिए फरियाद लगाई। कुछ पीड़ितों ने तो अधिकारियों से यहां तक कहा कि उसके जमीन का विवाद सुलझाएं, वरना देवरिया जैसा कांड हो सकता है।
खलीलाबाद तहलील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एएसपी संतोष कुमार सिंह, एसडीएम शैलेश दूबे लोगों की फरियाद सुन रहे थे। उसी दौरान बनकटा के प्रहलाद पुत्र हूबराज पहुंचे और प्रार्थना पत्र दिए। उन्होंने बताया कि वह जमीन की धारा 24 के अंतर्गत पक्की पैमाइश करवाई थी। पैमाइश के बाद वह अपनी जमीन की मेड़बंदी कराना चाह रहे थे, लेकिन विपक्षी मेड़बंदी नहीं होने दिए। आरोप है कि लोग उसे मारपीट कर घायल कर दिए। जिसका केस दर्ज है। आरोप है कि विपक्षी मनबढ़ और इतने दबंग है कि धमकी दे रहे हैं कि देवरिया जैसी घटना की पुनरावृत्ति यहां भी कर देंगे। इससे उसका पूरा परिवार सहम गया है। ऐसे में देवरिया की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पुलिस बल के साथ उसकी जमीन की तत्काल मेड़बंदी करवाने के साथ-साथ प्रशासन का कीमती समय बर्बाद कराने वाले विपक्षियों पर केस दर्ज कराएं।
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तिघरा निवासी राम नरेश पुत्र राम सुभग ने प्रार्थना पत्र देकर फरियाद लगाई कि उसकी जमीन को अगल-अगल के लोग कब्जा कर रहे हैं। जिससे खेती करना कठिन हो गया है। उसकी जमीन की पैमाइश करा कर कब्जा दिलाएं। कटका गांव निवासी धर्मनाथ सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर जमीन की शिकायत की। अपने हिस्से की जमीन दिलाने की मांग की। नहसापार के राजदेव ने प्रार्थना पत्र दिया और बताया कि विपक्षी जमीन की पैमाईश बिना कराए ही उसकी जमीन में मकान निर्माण कराना चाहते है। मुंडेरवा उर्फ दलेलगंज के रहने वाले कृष्णभान उर्फ भुवर ने प्रार्थना पत्र दिया और कहा कि उसकी खतौनी में गड़बड़ी हो गई है। इसमें सुधार नही हो पा रहा है। थुरंडा की रहने वाली खुशनुमा पत्नी अहमद रजा ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया। उन्होने बताया कि उसके पति दो भाई हैं। सास के नाम से थुरंडा में जमीन थी। सास की मौत के बाद दोनों बेटों का नाम वरासत के आधार पर खतौनी में दर्ज हो गया। उसके पति शराब पीने के आदती हैं। आरोप है कि एक व्यक्ति ने उसके पति को दस लाख में जमीन का सौदा किया और बिना रकम दिए ही जमीन का बैनामा करा लिया। उसके पति ने उक्त जमीन अपनी कमाई से नहीं खरीदी है, जमीन वरासत से मिला है। ऐसे में उक्त बैनामे को निरस्त कराने एवं खतौनी से हटवाने की मांग की। काटडिहेश की पूजा देवी ने पोखरे की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की। मैलानी के बसंत कुमार भी अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाए। विनय पाठक,श्याम बिहारी आदि ने पंचायत भवन मंझरिया में न करा कर राजस्व गांव जोरवा या फिर बनभार में कराए जाने की मांग की। यहां कुल 60 मामले आए और सिर्फ तीन मामले ही मौके पर निस्तारित हो पाएं।
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संपूर्ण समाधान दिवस में निभाई गई औपचारिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। देवरिया जिले में जमीन विवाद को लेकर हुए नरसंहार से शासन भले हिल गया है, लेकिन उसका असर शनिवार को धनघटा तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में नहीं दिखा। समाधान दिवस में पेश हुए 68 मामलों में से पांच का निस्तारण मौके पर ही कर दिए जाने का दावा भले ही अफसर कर रहे हो, लेकिन हकीकत में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण किस तरह हो रहा है। यह फरियादियों के चेहरे पर साफ दिख रहा था।
देवरिया में जमीन संबंधी विवाद में दो अक्टूबर को दो परिवारों के छह लोगों की हत्या ने देश और प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। सोशल मीडिया समेत लोगों की जुबान पर यह चर्चा जोरों पर है कि जमीन संबंधित मामलों में प्रशासन यदि समय से सचेत होकर करवाई कर दे तो शायद इस तरह की घटनाएं घटित नहीं होगी। देवरिया कांड के बाद आयोजित संपूर्ण समाधान की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार ने की। जिसमें 56 मामले राजस्व विभाग से संबंधित आए तो 12 मामले अन्य विभागों से जुड़े रहे। संपूर्ण समाधान दिवस में फरियाद लेकर आने वालों का कहना था कि लंबे समय से जमीन का विवाद चला आ रहा है। हर संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देता चला आ रहा हूं, लेकिन झूठी रिपोर्ट लगाकर समस्याओं का समाधान कर दिया जा रहा है।
केस एक
धनघटा क्षेत्र के गाईबसंतपुर के रहने वाले विनोद पुत्र स्वर्गीय विक्रमादित्य ने बताया कि उनका सोनडीहा में मकान है। मकान के ीपीछे रमावती देवी से वर्ष 2021 में साढे़ दस बिस्वा जमीन लिए हैं। जमीन का दाखिल खारिज भी हो गया है। आरोप है कि उसकी जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर लिए हैं। अपने बैनामे की जमीन पर कब्जा पाने के लिए डीएम, एसडीएम, एसपी, एएसपी से लेकर सीएम तक प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सांसद और क्षेत्रीय विधायक भी अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या का समाधान कराए जाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हो रहा है। विपक्षी इतने दबंग है कि देवरिया जैसी घटना की पुनरावृत्ति यहां भी कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से जमीन पर कब्जा दिलाए जाने की मांग की।
केस दो
हरिहरपुर निवासी ओमप्रकाश पुत्र छेदीलाल ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 8 मार्च 1996 में उनके पिताजी राम शब्द पुत्र रामदास से जमीन लिए। उसका खारिज दाखिल भी हो गया, लेकिन खतौनी में राम शब्द पुत्र रामदास ही अंकित है। खतौनी को ठीक करने के लिए तभी से दौड़ लग रहा हूं। समस्याएं ज्यों की त्यों पड़ी हुई हैं।
केस तीन
मुंडेरा गांव निवास शिवसागर पुत्र रंगीलाल ने दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा कि 17 जुलाई 2020 को गांव निवासी एक व्यक्ति से पांच बिस्वा जमीन बैनामा लिया। दाखिल खारिज भी हो गई। जिस जमीन को बैनामा लिया है, उस जमीन के कुछ हिस्से पर गांव निवासी दूसरे व्यक्ति ने कब्जा कर रखा है। जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए तभी से प्रार्थना पत्र दे रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
केस चार
रामपुर गांव निवासी कृष्ण कुमार पुत्र जवाहिर का कहना है कि मेरे खेत के बगल से चकरोड गया है। उस मार्ग पर दूसरे लोग कब्जा किए हुए हैं, लेकिन प्रधान हमारे खेत में चकरोड का निर्माण करा दिए। चकरोड की पैमाइश करने के लिए दो वर्ष से प्रार्थना पत्र दे रहा हूं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
केस पांच
भरतपुरा गांव निवासी मक्खन पुत्र छोटेलाल का कहना है कि 7 अगस्त 2020 को उनकी जमीन को तत्कालीन एसडीएम ने आबादी घोषित किया। आबादी को खतौनी में दर्ज करने के लिए तीन वर्ष से प्रार्थना पत्र दे रहा हूं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों त्यों पड़ी हुई है।
साहब : आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बेच दे रही पुष्टाहार
मेंहदावल। शनिवार को मेंहदावल तहसील सभागार में डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी सत्यजीत गुप्ता ने लोगो की फरियाद सुनी। यहां कुल 105 प्रार्थना पत्र आए और मौके पर केवल 12 मामलों का निस्तारण हो पाया। ग्राम पंचायत भरथुआ में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात कार्यकत्री पर पुष्टाहार बेचने का आरोप लगाते हुए ग्राम सभा बेलवा के लोगों ने डीएम से शिकायत की। लोगों ने कहा कि साहब मेरे गांव में स्थित आंगनवाडी केंद्र पर तैनात कार्यकर्ता केंद्र के बच्चों को पुष्टाहार देने की जगह कालाबाजारी कर बेच दे रही है। जब पशु आहार न मिलने की शिकायत दर्ज कराई जाती है तब उसके परिवार के सदस्य गाली गलौज देते हुए फौजदारी पर आमादा हो जाते हैं। डीएम ने ग्रामीणों की शिकायत सुनकर जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया।