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राप्ती नदी खतरे के निशान के करीब पहुंची

Fri, 07 Oct 2022 11:16 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 11:16 PM IST
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Rapti river nears danger mark
मेंहदावल के करमैनी में बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर।संवाद - फोटो : KHALILABAD
राप्ती नदी खतरे के निशान के करीब पहुंची
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तटबंध से सटे गांव के लोगों की चिंता बढ़ी
मेंहदावल (संतकबीनगर)। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राप्ती नदी खतरे के निशान से मात्र एक मीटर नीचे बह रही है। सुबह आठ बजे राप्ती का जलस्तर 78.20 मीटर था। शाम पांच बजे 30 सेमी बढ़ गया। इससे तटबंध से सटे गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
शुक्रवार को मेंहदावल क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे रहा। खतरे का निशान 79.50 मीटर निर्धारित है। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तटबंध से सटे गांव में लोग दहशत में आ गए हैं। कई जगहों पर कटान की स्थिति भी बन रही है।
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दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी कटान को रोकने के लिए बाढ़ निरोधक कार्य कराने में जुटे हैं। अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि बारिश की वजह से नदियों के जलस्तर में परिवर्तन हुआ है। राप्ती नदी लाल निशान से अभी एक मीटर नीचे है। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। एहतियातन आवश्यक बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
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24 घंटे में 10 सेमी बढ़ा घाघरा नदी का पानी
धनघटा (संतकबीनगर)। दो दिनों की बारिश के बाद एक बार फिर घाघरा नदी का जलस्तर 78.100 मीटर तक पहुंच गया। नदी ने कटान भी तेज कर दी है। गायघाट दक्षिणी गांव के लोग भयभीत हैं।

पिछले 24 घंटे में नदी का पानी 10 सेंटीमीटर बढ़ा है। एमबीडी बांध और नदी के मध्य स्थित फसल जलमग्न होने लगी है। ग्रामीण रामदेव, तेरसू, जय राम, उदय भान, हरिराम आदि का कहना है कि पिछली बार नदी की बाढ़ से अधिकतर फसल नष्ट हो गई थी। बची फसल पर भी खतरा मंडराने लगा है। गायघाट दक्षिणी गांव के सुमेर, फूलचंद, रामेश्वर आदि ने बताया कि नदी की कटान से खेती योग्य भूमि कट ही रही है। ढोलबजा गांव के 18 घरों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। नदी की कटान इसी तरह होती रही तो दो से तीन दिनों के भीतर ढोलबजा गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। गांव वालों का कहना है कि पिछली बार आई बाढ़ से उत्पन्न हुई तबाही थमी भी नहीं थी कि नदी दोबारा मुश्किलें बढ़ा रही है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि नदी धीमी गति से बढ़ रही है। 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर नदी का जलस्तर बढ़ा है।
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