संतकबीरनगर। चकबंदी लेखपाल संघ ने सोमवार को चकबंदी अधिकारी के खिलाफ कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया। संघ का आरोप है कि चकबंदी लेखपाल राम प्रवेश यादव को बिना पर्याप्त साक्ष्य के निलंबित किया गया है। उत्तर प्रदेश चकबंदी लेखपाल संघ के अध्यक्ष पंकज यादव और मंत्री आर्मेंद्र उपाध्याय ने कहा कि धनघटा के ग्राम संठी में चक निर्माण में अनियमितता का आरोप में चकबंदी अधिकारी ने लेखपाल राम प्रवेश यादव को निलंबित किया है। बिना किसी ठोस साक्ष्य के लेखपाल को दोषी ठहराया गया है। उनका यह भी आरोप है कि राम प्रवेश यादव को निलंबन अवधि के दौरान चकबंदी अधिकारी कार्यालय खलीलाबाद में अटैच किया गया है और उनका शोषण किया जा रहा है। लगातार जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आपत्तियां चकबंदी अधिकारी के मौखिक आदेश पर ली गई थीं और काश्तकार ने स्वयं अपनी आपत्ति में सुधार की मांग की थी। पत्रावली काश्तकार के हस्ताक्षर से ही वापस की गई थी, जो चकबंदी अधिकारी और पेशकार के संज्ञान में था और उस पर पेशकार के हस्ताक्षर भी थे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि चकबंदी लेखपाल को कोई समस्या होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। इस दौरान धनंजय चौधरी, आनंद कुमार, इंद्रेश यादव, मृत्युंजय धर दुबे, शैलेश गुप्ता, वीरेंद्र कुमार यादव, आदर्श पांडेय, गौरव पांडेय, नरसिंह नारायण, मृतेंज कुमार आदि मौजूद रहे।