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Sant Kabir Nagar News: नए उद्योगों की स्थापना में समस्याएं अपार

Sat, 18 Mar 2023 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sat, 18 Mar 2023 12:05 AM IST
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Problems in setting up new industries are immense
खलीलाबाद का पुराना ओद्यौगिक क्षेत्र।
फोटो
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जमीन की व्यवस्था नहीं हो पाने से उद्यमी परेशान
विभागों के पोर्टल नहीं कर रहे काम, रजिस्ट्रेशन में बाधा
संवाद न्यूज एजेसी
संतकबीरनगर। उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन करने की ओर बढ़ाया गया कदम थमता दिख रहा है। नए उद्योग स्थापित करने में उद्यमियों के समक्ष तमाम समस्याएं हैं। समस्याओं के निदान में हो रही देरी से नए उद्योगों को धरातल पर उतारने में कड़ी चुनौती से गुजरना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने उद्योगों को गति देने के लिए नई उद्योग नीति लागू की है। इसमें उद्यमियों को नए उद्योग लगाने के लिए आकर्षित करने की भरपूर कोशिश की गई है। 23 जनवरी को औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद में इन्वेस्टर्स समिट हुआ था। शासन स्तर से जिले को 300 करोड़ के निवेश का लक्ष्य दिया गया था। पूर्व डीएम प्रेम रंजन सिंह ने इसमें काफी रुचि दिखाई थी।
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64 उद्यमियों ने करीब 6,000 करोड़ के निवेश पर सहमति जताई। दस से 12 जनवरी के बीच लखनऊ में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का जिले स्तर पर लाइव प्रसारण दिखाया गया था। प्रदेश सरकार की मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने भी उद्यमियों से वार्ता की थी। उसमें उद्यमियों ने प्रमुख रूप से जमीन की समस्या का मुद्दा उठाया था, लेकिन इस दिशा में प्रशासन की पहल बेहद सुस्त दिख रही है।
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जिले में 500 करोड़ रुपये से पर्यटन के क्षेत्र में निवेश करने की सहमति जताने वाले विकास केजरीवाल ने कहा कि जमीन सबसे बड़ा मुद्दा है। उन्हें 125 एकड़ जमीन की जरूरत है। अब तक 50 एकड़ जमीन की व्यवस्था कर पाए गए हैं। शेष जमीन के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी समस्या आ रही है कि पर्यटन विभाग का पोर्टल काम नहीं कर रहा है। इसकी वजह से रजिस्टर्ड नहीं हो पा रहा है। इस बारे में पर्यटन विभाग के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। उद्यमी नितिन जालान ने कहा कि उन्हें 100 करोड़ का निवेश करना है। धागा बनाने की नई फैक्ट्री लगानी है, लेकिन जमीन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। संवाद
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जनपद स्तर पर निवेश टास्क फोर्स बनाने की जरूरत : पाठक
उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने बताया कि जनपद स्तर पर निवेश टास्क फोर्स बनाने की जरूरत है, तभी उद्योग की स्थापना एवं रोजगार सृजन की संभावना साकार हो पाएगी। नए उद्योगों की स्थापना में सबसे बड़ी समस्या जमीन की है। जिला प्रशासन को इस दिशा में और अधिक सक्रियता दिखाने की जरूरत है। जब तक जमीन की व्यवस्था के साथ ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी, तब तक नए उद्योग धरातल पर नहीं उतर पाएंगे। जिन बड़े निवेशकों की बदौलत 6,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव कराया गया, उनमें से अधिकतर उद्यमी बैठकों में आने से कतरा रहे हैं। विभागों की साइट के काम नहीं करने से उद्यमी रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं। पर्यटन और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। मॉडल औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद में समस्याएं जड़ जमा चुकी हैं और उसके समाधान के लिए यूपीसीडा प्रयास नहीं कर रहा है।
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मई-जून तक धरातल पर उतर जाएंगी छह फैक्ट्रियां
उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा ने बताया कि सितंबर 2023 में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी से पहले जिले में छह नई इकाइयां धरातल पर उतार दी जाएंगी। उद्यमी अजय कुमार त्रिपाठी 20 करोड़ के निवेश से होजरी का उद्योग लगाएंगे। इनके जमीन आदि की व्यवस्था हो गई है। इसरार अहमद 28 करोड़ से औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद में उडेन हैंडीक्राफ्ट का उद्योग लगाएंगे। अखिलेश नरायन अवस्थी 50 करोड़ की लागत से औद्योगिक क्षेत्र में कपिला पशु आहार की फैक्ट्री लगाएंगे। इनके भवन का निर्माण का कार् चल रहा है। आदर्श प्रकाश तीन करोड़ से औद्योगिक क्षेत्र में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक गुड्स मैनुअल का काम शुरू करेंगे। अभिषेक सिंह एक करोड़ से आनंदम फूड और विक्रम सराफ 13 करोड़ की लागत से स्मार्ट ऑटोवर्ड का काम शुरू करेगे। पूरा प्रयास है कि मई-जून तक इन सभी के उद्योग शुरू करा दिए जाएं। अन्य उद्यमियों के लिए जमीन तलाशी जा रही है।

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कोट
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक सुभाष चंद्र पांडेय को निर्देश दिए गए हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में यदि कोई जमीन खाली हैंं तो उसे चिह्नित कर नए उद्यमियों को आवंटित कराएं। एडीएम, एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि नए उद्योग लगाने के लिए जमीन की तलाश कराएं। उपायुक्त उद्योग को जिम्मेदारी दी गई है कि जमीन की तलाश के साथ जिन विभागों के पोर्टल काम नहीं कर रहे हैं, उसके संबंध में पत्राचार करें और वार्ता कर समस्या का समाधान कराएं।
- संदीप कुमार ,डीएम
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