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कहीं हैंडपंप खराब तो कहीं शौचालय बदहाल
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विकास खंड हैंसर के प्राथमिक विद्यालय डेफरा में वाउड्रीवाल न होने से तालाब के किनारे खेलते बच्चे?
- फोटो : KHALILABAD
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कहीं हैंडपंप खराब तो कहीं शौचालय बदहाल
- कायाकल्प के बाद भी नहीं बदली परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। प्राथमिक विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत सुंदरीकरण किया गया, लेकिन विद्यालयों की हालात में कुछ खास बदलाव नहीं दिख रहा है। कहीं पर हैंडपंप खराब है तो कहीं शौचालय क्षतिग्रस्त पड़े हैं। वहीं, कई विद्यालयों की बांउड्रीवाल नहीं बनाई गई है।
विकास खंड हैसर बाजार और पौली के विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए विद्यालयों का कायाकल्प करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई थी। ग्राम पंचायत बंडा बाजार, बैकुंठपुर, रुपीन, डेफरा, उमरिया बाजार, परसा कला, दुघरा कला में बने प्राथमिक विद्यालयों की हालत में सुधार नहीं आई है। डेफरा प्राथमिक विद्यालय तालाब के किनारे बना हुआ है। विद्यालय की बाउंड्रीवाल न होने से बच्चे हमेशा पानी से भरे हुए तालाब के किनारे घूमा करते हैं। गांव वालों का कहना है कि यदि बाउंड्रीवाल का निर्माण कराकर विद्यालय के परिसर को सुरक्षित नहीं किया गया तो अप्रिय घटना घटने से इंकार नहीं किया जा सकता। विकास खंड पौली के भोतहा में स्थित विद्यालय में इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़ा है। तिलकूपुर में स्थित विद्यालय में शौचालय क्षतिग्रस्त है। प्राथमिक विद्यालय सियर कला का इंडिया मार्का हैंडपंप खराब है। बाउंड्रीवाल भी नहीं है। यहीं हाल बैदौली में स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। इन विद्यालयों पर बच्चे जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं।
ग्रामीण रामजीत, चंद्रभान, बेनी माधव, रमाकांत आदि का कहना है कि प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार ने ग्राम पंचायतों को धन खर्च करने का आदेश दिया, लेकिन ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों ने धन तो खर्च किया, पर परिषदीय विद्यालयों की दशा में सुधार नहीं ला सके। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि विद्यालयों का कायाकल्प योजना के तहत कार्य कराया जा रहा है। जहां पर नहीं हुआ है वहां भी जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
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- कायाकल्प के बाद भी नहीं बदली परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। प्राथमिक विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत सुंदरीकरण किया गया, लेकिन विद्यालयों की हालात में कुछ खास बदलाव नहीं दिख रहा है। कहीं पर हैंडपंप खराब है तो कहीं शौचालय क्षतिग्रस्त पड़े हैं। वहीं, कई विद्यालयों की बांउड्रीवाल नहीं बनाई गई है।
विकास खंड हैसर बाजार और पौली के विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए विद्यालयों का कायाकल्प करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई थी। ग्राम पंचायत बंडा बाजार, बैकुंठपुर, रुपीन, डेफरा, उमरिया बाजार, परसा कला, दुघरा कला में बने प्राथमिक विद्यालयों की हालत में सुधार नहीं आई है। डेफरा प्राथमिक विद्यालय तालाब के किनारे बना हुआ है। विद्यालय की बाउंड्रीवाल न होने से बच्चे हमेशा पानी से भरे हुए तालाब के किनारे घूमा करते हैं। गांव वालों का कहना है कि यदि बाउंड्रीवाल का निर्माण कराकर विद्यालय के परिसर को सुरक्षित नहीं किया गया तो अप्रिय घटना घटने से इंकार नहीं किया जा सकता। विकास खंड पौली के भोतहा में स्थित विद्यालय में इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़ा है। तिलकूपुर में स्थित विद्यालय में शौचालय क्षतिग्रस्त है। प्राथमिक विद्यालय सियर कला का इंडिया मार्का हैंडपंप खराब है। बाउंड्रीवाल भी नहीं है। यहीं हाल बैदौली में स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। इन विद्यालयों पर बच्चे जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं।
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ग्रामीण रामजीत, चंद्रभान, बेनी माधव, रमाकांत आदि का कहना है कि प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार ने ग्राम पंचायतों को धन खर्च करने का आदेश दिया, लेकिन ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों ने धन तो खर्च किया, पर परिषदीय विद्यालयों की दशा में सुधार नहीं ला सके। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि विद्यालयों का कायाकल्प योजना के तहत कार्य कराया जा रहा है। जहां पर नहीं हुआ है वहां भी जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
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