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Sant Kabir Nagar News: बिचौलियों की मेहरबानी, निजी अस्पताल मालामाल
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जिला अस्पताल के बाहर प्राइवेट पैथालॉजी की भरमार-संवाद
- जिला अस्पताल के 300 मीटर के दायरे में संचालित हो रहे हैं 10 निजी अस्पताल और 12 पैथाेलॉजी सेंटर
- सीएमओ ने टीम गठित कर छापामार कार्रवाई करने की बात कही
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में बिचौलियों की मेहरबानी से निजी अस्पताल व पैथाेलॉजी संचालक मालामाल हो रहे हैं। अल्ट्रासाउंड की ज्यादातर जांच बाहर हो रही है। पिछले माह डीएम के निरीक्षण में महिला विंग में 60 प्रतिशत जांच बाहर की पाई गई थीं। इसके बाद डीएम ने नाराजगी जाहिर की थी। अस्पताल के 300 मीटर के दायरे में 10 निजी अस्पताल और करीब 12 पैथाेलॉजी संचालित हैं।
जिला अस्पताल में आए दिन मरीज माफिया अस्पताल में भर्ती मरीजों को झांसा देकर निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी में ले जाते हैं। यही नहीं, मेडिकल स्टोर पर भी दलाल डेरा डाले रहते हैं। जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा महिला दलाल सक्रिय हैं। छह माह पूर्व एक महिला दलाल मरीज को बाहर ले जाते हुए पकड़ी गई थी। अस्पताल प्रशासन के तहरीर न देने के कारण केस दर्ज नहीं हुआ।
जिला अस्पताल के 300 मीटर के दायरे में 10 निजी अस्पताल के साथ ही करीब 12 पैथाेलॉजी संचालित हैं। अगर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था सही होती तो मरीजों को इसका लाभ मिलता। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए एक ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। इसकी वजह से वह कुछ देर एमसीएच विंग में तो कुछ देर जिला अस्पताल में मरीजों का अल्ट्रासाउंड करते हैं। इसकी वजह से प्रसूता महिलाओं को परेशान होना पड़ता है।
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पिछले माह डीएम आलोक कुमार ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। जहां महिला विंग में ज्यादातर अल्ट्रासाउंड बाहर के पाए गए थे। इस पर डीएम ने सीएमएस से नाराजगी जाहिर की थी।
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मरीज को बाहर ले जाने पर हो चुका है हंगामा
जिला अस्पताल में आठ माह पूर्व एक मरीज को बाहर अल्ट्रासाउंड के लिए ले जाने पर परिजनों ने हंगामा किया था। एक महिला दलाल जबरन मरीजों को बाहर अल्ट्रासाउंड के लिए ले जा रही थी। जब परिजनों ने मना किया तो महिला उनसे भिड़ गई। इसके बाद पुलिस और अस्पताल के चिकित्सक पहुंच गए, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया था।
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एक अल्ट्रासाउंड के बदले 200 रुपये कमीशन
अगर किसी प्रसूता को महिला दलाल लेकर बाहर पैथाेलॉजी पर अल्ट्रासाउंड कराती है तो उसके बदले उन्हें 200 रुपये कमीशन मिलते हैं। इसके साथ ही इसमें चिकित्सक का भी कमीशन तय रहता है। जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में इस तरह की महिला दलाल अक्सर दिखती हैं। जब उन्हें आभास होता है कि जांच होनी है तो वह मौके से गायब हो जाती है।
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छापेमारी के लिए टीम है गठित
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो हर ब्लॉक में सरकारी अस्पतालों पर नजर रखने के लिए टीम का गठन किया गया है। इसमें अधीक्षक समेत दो अन्य सदस्य शामिल हैं। टीम को सक्रिय करने की तैयारी है। विभाग का कहना है कि सीएम ने भी मरीज माफियाओं पर नकेल कसने का निर्देश दिया है। इसके क्रम में कार्य शुरू हो चुका है।
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अस्पतालों में बाहरी का प्रवेश पूरी तरह से रोका जाएगा। जांच टीम को सक्रिय किया जाएगा। जल्द ही अस्पतालों में औचक छापेमारी कर मरीजों का शोषण करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. रामानुज कनौजिया, सीएमओ
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- सीएमओ ने टीम गठित कर छापामार कार्रवाई करने की बात कही
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में बिचौलियों की मेहरबानी से निजी अस्पताल व पैथाेलॉजी संचालक मालामाल हो रहे हैं। अल्ट्रासाउंड की ज्यादातर जांच बाहर हो रही है। पिछले माह डीएम के निरीक्षण में महिला विंग में 60 प्रतिशत जांच बाहर की पाई गई थीं। इसके बाद डीएम ने नाराजगी जाहिर की थी। अस्पताल के 300 मीटर के दायरे में 10 निजी अस्पताल और करीब 12 पैथाेलॉजी संचालित हैं।
जिला अस्पताल में आए दिन मरीज माफिया अस्पताल में भर्ती मरीजों को झांसा देकर निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी में ले जाते हैं। यही नहीं, मेडिकल स्टोर पर भी दलाल डेरा डाले रहते हैं। जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा महिला दलाल सक्रिय हैं। छह माह पूर्व एक महिला दलाल मरीज को बाहर ले जाते हुए पकड़ी गई थी। अस्पताल प्रशासन के तहरीर न देने के कारण केस दर्ज नहीं हुआ।
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जिला अस्पताल के 300 मीटर के दायरे में 10 निजी अस्पताल के साथ ही करीब 12 पैथाेलॉजी संचालित हैं। अगर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था सही होती तो मरीजों को इसका लाभ मिलता। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए एक ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। इसकी वजह से वह कुछ देर एमसीएच विंग में तो कुछ देर जिला अस्पताल में मरीजों का अल्ट्रासाउंड करते हैं। इसकी वजह से प्रसूता महिलाओं को परेशान होना पड़ता है।
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पिछले माह डीएम आलोक कुमार ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। जहां महिला विंग में ज्यादातर अल्ट्रासाउंड बाहर के पाए गए थे। इस पर डीएम ने सीएमएस से नाराजगी जाहिर की थी।
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मरीज को बाहर ले जाने पर हो चुका है हंगामा
जिला अस्पताल में आठ माह पूर्व एक मरीज को बाहर अल्ट्रासाउंड के लिए ले जाने पर परिजनों ने हंगामा किया था। एक महिला दलाल जबरन मरीजों को बाहर अल्ट्रासाउंड के लिए ले जा रही थी। जब परिजनों ने मना किया तो महिला उनसे भिड़ गई। इसके बाद पुलिस और अस्पताल के चिकित्सक पहुंच गए, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया था।
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एक अल्ट्रासाउंड के बदले 200 रुपये कमीशन
अगर किसी प्रसूता को महिला दलाल लेकर बाहर पैथाेलॉजी पर अल्ट्रासाउंड कराती है तो उसके बदले उन्हें 200 रुपये कमीशन मिलते हैं। इसके साथ ही इसमें चिकित्सक का भी कमीशन तय रहता है। जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में इस तरह की महिला दलाल अक्सर दिखती हैं। जब उन्हें आभास होता है कि जांच होनी है तो वह मौके से गायब हो जाती है।
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छापेमारी के लिए टीम है गठित
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो हर ब्लॉक में सरकारी अस्पतालों पर नजर रखने के लिए टीम का गठन किया गया है। इसमें अधीक्षक समेत दो अन्य सदस्य शामिल हैं। टीम को सक्रिय करने की तैयारी है। विभाग का कहना है कि सीएम ने भी मरीज माफियाओं पर नकेल कसने का निर्देश दिया है। इसके क्रम में कार्य शुरू हो चुका है।
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अस्पतालों में बाहरी का प्रवेश पूरी तरह से रोका जाएगा। जांच टीम को सक्रिय किया जाएगा। जल्द ही अस्पतालों में औचक छापेमारी कर मरीजों का शोषण करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. रामानुज कनौजिया, सीएमओ