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Sant Kabir Nagar News: सपा-बसपा और भाजपा के बीच त्रिकोणीय लड़ाई के आसार
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संसदीय क्षेत्र 62- संतकबीरनगर-निर्दलीय बिगाड़ सकते हैं प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का समीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर।
लोकसभा क्षेत्र 62 संतकबीरनगर के लिए बृहस्पतिवार को नामांकन वापसी का अंतिम दिन था। इसके बाद अब मैदान में 11 उम्मीदवार ही रह गए हैं। अब जो समीकरण उभर रहे हैं, उनके मुताबिक प्रमुख संघर्ष सपा-कांग्रेस गठबंधन, बसपा और भाजपा के बीच दिख रहा है। हालांकि निर्दलीय भी दमदारी से चुनाव लड़ रहे हैं, जो प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
पांच विधान सभा क्षेत्रों में बंटी संतकबीरनगर लोकसभा सीट पर जहां भाजपा के प्रवीण कुमार निषाद प्रत्याशी हैं, वहीं इंडिया गठबंधन से सपा के लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ताल ठोक रहे हैं, जबकि बसपा के नदीम अशरफ चुनाव को त्रिकोणीय बना रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी को जहां ब्राह्मण, क्षत्रिय सहित अपने परम्परागत वोटों पर भरोसा है वहीं इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद का यादव, मुस्लिम और अन्य छोटी जातियों के वोटों पर नजर है। बसपा के नदीम अशरफ को अपने परम्परागत वोटों के साथ मुस्लिम मतों पर भरोसा है। सपा और भाजपा ने निषाद जाति के उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाया है, जिससे इस वोट में बिखराव होने की संभावना है। साथ ही अगर सपा के परंपरागत वोट माने जाने वाले मुस्लिम वोट बैंक में अगर बिखराव हुआ तो इसका फायदा बसपा को भी हो सकता है।
दूसरी तरफ सर्वजन आवाज पार्टी के प्रत्याशी राजेंद्र यादव उर्फ कर्नल साहब इससे पहले भी चुनाव में भाग्य आजमा चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उन्होंने 6877 मत प्राप्त किया था। एक बार फिर वह चुनाव मैंदान में हैं। यादव समाज से होने के कारण यह सपा प्रत्याशी को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जबकि आनंद कुमार गौतम भी पिछले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में रहे और इन्हें 3968 मत प्राप्त हुए थे। हालांकि अभी चुनाव चिह्न का आवंटन हुआ है, जब राजनेताओं के दौरे होंगे तब सही तस्वीर उभर कर सामने आ सकती है। फिलहाल सभी प्रत्याशी अपने-अपने जीत का दावा कर रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर।
लोकसभा क्षेत्र 62 संतकबीरनगर के लिए बृहस्पतिवार को नामांकन वापसी का अंतिम दिन था। इसके बाद अब मैदान में 11 उम्मीदवार ही रह गए हैं। अब जो समीकरण उभर रहे हैं, उनके मुताबिक प्रमुख संघर्ष सपा-कांग्रेस गठबंधन, बसपा और भाजपा के बीच दिख रहा है। हालांकि निर्दलीय भी दमदारी से चुनाव लड़ रहे हैं, जो प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
पांच विधान सभा क्षेत्रों में बंटी संतकबीरनगर लोकसभा सीट पर जहां भाजपा के प्रवीण कुमार निषाद प्रत्याशी हैं, वहीं इंडिया गठबंधन से सपा के लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ताल ठोक रहे हैं, जबकि बसपा के नदीम अशरफ चुनाव को त्रिकोणीय बना रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी को जहां ब्राह्मण, क्षत्रिय सहित अपने परम्परागत वोटों पर भरोसा है वहीं इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद का यादव, मुस्लिम और अन्य छोटी जातियों के वोटों पर नजर है। बसपा के नदीम अशरफ को अपने परम्परागत वोटों के साथ मुस्लिम मतों पर भरोसा है। सपा और भाजपा ने निषाद जाति के उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाया है, जिससे इस वोट में बिखराव होने की संभावना है। साथ ही अगर सपा के परंपरागत वोट माने जाने वाले मुस्लिम वोट बैंक में अगर बिखराव हुआ तो इसका फायदा बसपा को भी हो सकता है।
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दूसरी तरफ सर्वजन आवाज पार्टी के प्रत्याशी राजेंद्र यादव उर्फ कर्नल साहब इससे पहले भी चुनाव में भाग्य आजमा चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उन्होंने 6877 मत प्राप्त किया था। एक बार फिर वह चुनाव मैंदान में हैं। यादव समाज से होने के कारण यह सपा प्रत्याशी को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जबकि आनंद कुमार गौतम भी पिछले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में रहे और इन्हें 3968 मत प्राप्त हुए थे। हालांकि अभी चुनाव चिह्न का आवंटन हुआ है, जब राजनेताओं के दौरे होंगे तब सही तस्वीर उभर कर सामने आ सकती है। फिलहाल सभी प्रत्याशी अपने-अपने जीत का दावा कर रहे हैं।
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