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स्कूल पर अभिभावकों का प्रदर्शन
Sant Kabir Nagar
Updated Mon, 06 Feb 2017 11:34 PM IST
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सोमवार को अभिभावक स्कूल में जुटे और प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
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हैंसर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अहरा में पढ़ाई न होने और मध्याह्न भोजन में अनियमितता बरते जाने से नाराज अभिभावकों ने सोमवार को विद्यालय पर प्रदर्शन किया। अभिभावकों का कहना था कि प्रधानाध्यापिका विद्यालय पर कभी कभार आती हैं जिससे पठन पाठन ठप होने के साथ ही यहां एमडीएम में भी अनियमितता बरती जा रही है।
ग्राम प्रधान निलेश सिंह, रामभवन, देवेंद्र प्रताप, हरीश चंद्र, आत्माराम, रामजीत आदि का आरोप था कि प्रधानाध्यापिका विद्यालय पर सप्ताह में एक दिन आती है और उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर बनाकर लौट जाती है। जिससे पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है। गांव वालों के अनुसार मध्याह्न भोजन भी सप्ताह में दो दिन बनता है और वह भी मानक के अनुरूप नहीं होता है। गांव वालों ने प्रधानाध्यापिका पर कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं दूसरी तरफ प्रधानाध्यापिका चंपा देवी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप को निराधार बताते हुए प्रधान पर विद्यालय न चल देेने का आरोप मढ़ा। प्रधानाध्यापिका का कहना था कि प्रधान के सह पर गांव के कुछ लोग विद्यालय पर आकर उपद्रव मचाते हैं। प्रधान विद्यालय के कार्यों में हस्तक्षेप करते है। बीएसए गजराज यादव ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। अगर प्रधानाध्यापिका विद्यालय पर नहीं आती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद अगर वह दोषी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम प्रधान निलेश सिंह, रामभवन, देवेंद्र प्रताप, हरीश चंद्र, आत्माराम, रामजीत आदि का आरोप था कि प्रधानाध्यापिका विद्यालय पर सप्ताह में एक दिन आती है और उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर बनाकर लौट जाती है। जिससे पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है। गांव वालों के अनुसार मध्याह्न भोजन भी सप्ताह में दो दिन बनता है और वह भी मानक के अनुरूप नहीं होता है। गांव वालों ने प्रधानाध्यापिका पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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वहीं दूसरी तरफ प्रधानाध्यापिका चंपा देवी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप को निराधार बताते हुए प्रधान पर विद्यालय न चल देेने का आरोप मढ़ा। प्रधानाध्यापिका का कहना था कि प्रधान के सह पर गांव के कुछ लोग विद्यालय पर आकर उपद्रव मचाते हैं। प्रधान विद्यालय के कार्यों में हस्तक्षेप करते है। बीएसए गजराज यादव ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। अगर प्रधानाध्यापिका विद्यालय पर नहीं आती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद अगर वह दोषी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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