{"_id":"6685a1b70d391dbc67002ff4","slug":"order-to-pay-rs-25-lakh-for-treatment-expenses-with-interest-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-117064-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: इलाज खर्च के ढाई लाख रुपये ब्याज के साथ अदा करने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: इलाज खर्च के ढाई लाख रुपये ब्याज के साथ अदा करने के आदेश
Thu, 04 Jul 2024 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 04 Jul 2024 12:38 AM IST
विज्ञापन
- जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने सुनाया फैसला
- साल 2015 का मामला, नसबंदी की जगह काट दी आंत
- तत्कालीन सीएमओ व डॉक्टर को खर्च देने का आदेश
-
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता आयेाग ने महिला की नसबंदी की जगह आंत काटने के मामले में तत्कालीन सीएमओ व डॉक्टर के खिलाफ महिला के इलाज खर्च के रूप में ढाई लाख रुपये 10 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया है।
महिला ने जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में परिवाद दाखिल कर कहा कि मार्च 2015 में वह मायके शादीगंज आई थी। उसके दो बच्चे हैं। सरकार ने नसबंदी प्रेरक के तौर पर नियुक्त महिला कर्मचारी की सलाह पर नसबंदी के लिए 13 मार्च 2015 को रजिस्ट्रेशन कराया था। मुख्य चिकित्साधिकारी के मातहत तत्कालीन डॉक्टर अखिलेश कुमार ने नसबंदी की सलाह दी। उसके बाद नसबंदी से संबंधित शल्य क्रिया लापरवाही से किया गया, जिससे उसकी आंत कट गई, वह जिंदगी के लिए जूझने लगी।
परिजन को बताया तो वह लोग उसे गोरखपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराए। जांच, दवा और इलाज चला जिससे उसकी जान बची। दवा, इलाज व भागदौड़ में ढाई लाख रुपये खर्च हुए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह और महिला सदस्य संतोष ने पीड़िता की शिकायत पर तत्कालीन सीएमओ और डॉक्टर को अलग-अलग व संयुक्त रूप से लापरवाही से किए गए असफल ऑपरेशन के बाद दवा, ऑपरेशन व इलाज में खर्च हुए 2 लाख 50 हजार रुपये महिला को अस्पताल में भर्ती किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से 60 दिन के अंदर महिला को अदा करने का आदेश दिया। साथ ही शारीरिक, मानसिक व आर्थिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के रूप में 50,000 रुपये व मुकदमा खर्च 10,000 रुपये भी देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- साल 2015 का मामला, नसबंदी की जगह काट दी आंत
- तत्कालीन सीएमओ व डॉक्टर को खर्च देने का आदेश
-
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता आयेाग ने महिला की नसबंदी की जगह आंत काटने के मामले में तत्कालीन सीएमओ व डॉक्टर के खिलाफ महिला के इलाज खर्च के रूप में ढाई लाख रुपये 10 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया है।
महिला ने जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में परिवाद दाखिल कर कहा कि मार्च 2015 में वह मायके शादीगंज आई थी। उसके दो बच्चे हैं। सरकार ने नसबंदी प्रेरक के तौर पर नियुक्त महिला कर्मचारी की सलाह पर नसबंदी के लिए 13 मार्च 2015 को रजिस्ट्रेशन कराया था। मुख्य चिकित्साधिकारी के मातहत तत्कालीन डॉक्टर अखिलेश कुमार ने नसबंदी की सलाह दी। उसके बाद नसबंदी से संबंधित शल्य क्रिया लापरवाही से किया गया, जिससे उसकी आंत कट गई, वह जिंदगी के लिए जूझने लगी।
विज्ञापन
परिजन को बताया तो वह लोग उसे गोरखपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराए। जांच, दवा और इलाज चला जिससे उसकी जान बची। दवा, इलाज व भागदौड़ में ढाई लाख रुपये खर्च हुए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह और महिला सदस्य संतोष ने पीड़िता की शिकायत पर तत्कालीन सीएमओ और डॉक्टर को अलग-अलग व संयुक्त रूप से लापरवाही से किए गए असफल ऑपरेशन के बाद दवा, ऑपरेशन व इलाज में खर्च हुए 2 लाख 50 हजार रुपये महिला को अस्पताल में भर्ती किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से 60 दिन के अंदर महिला को अदा करने का आदेश दिया। साथ ही शारीरिक, मानसिक व आर्थिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के रूप में 50,000 रुपये व मुकदमा खर्च 10,000 रुपये भी देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन