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Sant Kabir Nagar News: स्कूलों पर भेज दिए खुले प्रश्नपत्र, परीक्षा की शुचिता पर उठे सवाल
Thu, 11 Dec 2025 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 11 Dec 2025 12:29 AM IST
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परिषदीय स्कूलों की परीक्षा शुरू होने से पूर्व खुले में रखा गया प्रश्न पत्र-स्रोत पाठक
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों की परीक्षा बुधवार से शुरू हो गई। हालांकि, पहले दिन मौखिक परीक्षा थी, लेकिन अगली तिथि में होने वाली लिखित परीक्षा के लिए स्कूलों पर सील पैक लिफाफे की जगह खुले में ही प्रश्नपत्र भेज दिए गए हैं। ये प्रश्नपत्र विद्यालयों की मेज पर रखे गए हैं। इससे परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही नकल विहीन परीक्षा कराने तैयारी धूमिल हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर में डयूटी की वजह से ऐसा हो गया है।
जिले के 1247 परिषदीय स्कूलो में बुधवार से परीक्षा शुरू हुई। इस परीक्षा में एक लाख चार हजार परीक्षार्थी नामांकित है। परीक्षा कक्षा एक से आठ तक के छात्रों की शुरू हुई। जिले के नौ ब्लॉकों के बीआरसी से प्रश्न पत्र स्कूलों को भेजे गए है। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान समेत अन्य विषयों के प्रश्न पत्र शामिल हैं। यह प्रश्न पत्र सील पैक लिफाफे में बंद होकर विद्यालयों तक जाने चाहिए थे। लेकिन खुले में इसे विद्यालयों तक शिक्षक बीआरसी से ले गए है। विद्यालयों पर यह प्रश्नपत्र मेज पर खुले में रखे गए हैं। ऐसे में परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रश्नपत्र की छपाई करने वाली संस्था की जिम्मेदारी थी कि वह सील पैक लिफाफे में प्रश्नपत्रों को बीआरसी तक भेजे।
साथ ही विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि प्रश्न पत्र सील पैक तरीके से बीआरसी और संबंधित स्कूलों तक सुरक्षित भेजा जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब सवाल यह उठता है कि प्रश्न पत्र खुले में है तो परीक्षा कितनी निष्पक्ष, शुचितापूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो पाएगी। इस पर तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है।
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स्कूलों पर भेजे गए प्रश्न पत्र खुले में है। दूसरी तरफ अर्द्धवार्षिक परीक्षा 30 अंक का होता है इसे 50 अंक का भेजा गया है। खुले में प्रश्न पत्र भेजना अधिकारियों की लापरवाही है। इससे परीक्षा की शुचिता तार-तार हुई है। -अंबिका देवी, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
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प्रश्नपत्र सील पैक में होना चाहिए। अगर खुले में प्रश्नपत्र गया है तो गलत है। इधर, एसआईआर में डयूटी की वजह से समस्या आई है। फिर भी मामले को दिखवाएंगे। -अमित कुमार सिंह, बीएसए
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जिले के 1247 परिषदीय स्कूलो में बुधवार से परीक्षा शुरू हुई। इस परीक्षा में एक लाख चार हजार परीक्षार्थी नामांकित है। परीक्षा कक्षा एक से आठ तक के छात्रों की शुरू हुई। जिले के नौ ब्लॉकों के बीआरसी से प्रश्न पत्र स्कूलों को भेजे गए है। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान समेत अन्य विषयों के प्रश्न पत्र शामिल हैं। यह प्रश्न पत्र सील पैक लिफाफे में बंद होकर विद्यालयों तक जाने चाहिए थे। लेकिन खुले में इसे विद्यालयों तक शिक्षक बीआरसी से ले गए है। विद्यालयों पर यह प्रश्नपत्र मेज पर खुले में रखे गए हैं। ऐसे में परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रश्नपत्र की छपाई करने वाली संस्था की जिम्मेदारी थी कि वह सील पैक लिफाफे में प्रश्नपत्रों को बीआरसी तक भेजे।
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साथ ही विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि प्रश्न पत्र सील पैक तरीके से बीआरसी और संबंधित स्कूलों तक सुरक्षित भेजा जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब सवाल यह उठता है कि प्रश्न पत्र खुले में है तो परीक्षा कितनी निष्पक्ष, शुचितापूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो पाएगी। इस पर तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है।
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स्कूलों पर भेजे गए प्रश्न पत्र खुले में है। दूसरी तरफ अर्द्धवार्षिक परीक्षा 30 अंक का होता है इसे 50 अंक का भेजा गया है। खुले में प्रश्न पत्र भेजना अधिकारियों की लापरवाही है। इससे परीक्षा की शुचिता तार-तार हुई है। -अंबिका देवी, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
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प्रश्नपत्र सील पैक में होना चाहिए। अगर खुले में प्रश्नपत्र गया है तो गलत है। इधर, एसआईआर में डयूटी की वजह से समस्या आई है। फिर भी मामले को दिखवाएंगे। -अमित कुमार सिंह, बीएसए